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हमीरपुरः बारिश न होने से बीज गोदाम में डंप
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सुमेरपुर बीज गोदाम में डंप पड़ा खरीफ फसल का बीज।
- फोटो : HAMIRPUR
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भरुआसुमेरपुर। बारिश न होने से इस वर्ष खरीफ की फसलों के बीज का प्रदर्शन अधर में लटक गया। बीज गोदाम में डंप पड़ा है। इन बीजों में किसानों को 60 से 90 फीसदी अनुदान दिया जाना था। अन्य बीजों की बिक्री भी नगण्य है। महज तिल का बीज ही बिक रहा है। उसी को 20 फीसदी बिक्री का आधार माना जा रहा है।
ब्लॉक की 57 ग्राम पंचायतों के अस्सी आबाद गांवों एवं मजरों में खरीफ की बुआई नगण्य है। कुछ गांवों में धान की रोपाई शुरू हुई है। बारिश ने इस वर्ष किसानों को जोर का झटका दिया है। यहां खरीफ की ज्वार, उड़द, मूंग, तिल, अरहर बहुतायात में बोई जाती है। कुछ पंचायतों में धान भी होता है, लेकिन बारिश न होने से बुआई नहीं हो रही है। खरीफ की फसलें बोने का समय भी गुजर गया है। इससे किसान मायूस हुआ है। सबसे बड़ा झटका सरकार की योजनाओं को लगा है। नेशनल फूड सिक्योरिटी मिशन के तहत कलस्टर योजना में ज्वार और उड़द का 25-25 हेक्टेयर में 90 फीसदी अनुदान पर प्रदर्शन किया जाना था, जो नहीं हो सका है।
इसी तरह बीज ग्राम योजना में 225 किसानों को चयनित कर के मूंग, उड़द, ज्वार, अरहर तिल का प्रदर्शन किया जाना था। यह प्रदर्शन एक किसान को एक एकड़ में करना था। इस योजना के बीज में 60 फीसदी अनुदान दिया जाना था। राजकीय बीज गोदाम प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि छह क्विंटल बीज तिल का प्राप्त हुआ था। यह बिक गया है। इसके बिक जाने से बीज बिक्री का तकरीबन 20 फीसदी लक्ष्य प्राप्त हो गया है। अगर समय से बारिश हो जाती है तो यह बीज डेढ़ सौ हेक्टेयर में बोया जाता।
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ब्लॉक की 57 ग्राम पंचायतों के अस्सी आबाद गांवों एवं मजरों में खरीफ की बुआई नगण्य है। कुछ गांवों में धान की रोपाई शुरू हुई है। बारिश ने इस वर्ष किसानों को जोर का झटका दिया है। यहां खरीफ की ज्वार, उड़द, मूंग, तिल, अरहर बहुतायात में बोई जाती है। कुछ पंचायतों में धान भी होता है, लेकिन बारिश न होने से बुआई नहीं हो रही है। खरीफ की फसलें बोने का समय भी गुजर गया है। इससे किसान मायूस हुआ है। सबसे बड़ा झटका सरकार की योजनाओं को लगा है। नेशनल फूड सिक्योरिटी मिशन के तहत कलस्टर योजना में ज्वार और उड़द का 25-25 हेक्टेयर में 90 फीसदी अनुदान पर प्रदर्शन किया जाना था, जो नहीं हो सका है।
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इसी तरह बीज ग्राम योजना में 225 किसानों को चयनित कर के मूंग, उड़द, ज्वार, अरहर तिल का प्रदर्शन किया जाना था। यह प्रदर्शन एक किसान को एक एकड़ में करना था। इस योजना के बीज में 60 फीसदी अनुदान दिया जाना था। राजकीय बीज गोदाम प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि छह क्विंटल बीज तिल का प्राप्त हुआ था। यह बिक गया है। इसके बिक जाने से बीज बिक्री का तकरीबन 20 फीसदी लक्ष्य प्राप्त हो गया है। अगर समय से बारिश हो जाती है तो यह बीज डेढ़ सौ हेक्टेयर में बोया जाता।
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