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हमीरपुरः बुंदेलखंड की पथ्ररीली धरती सरकारी कागजों में हरी-भरी
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बेतवा तटबंध पर खाली पड़ा ट्री गार्ड व सूखे पौधे।
- फोटो : HAMIRPUR
हमीरपुर। बुंदेलखंड की पथरीली धरती सरकारी कागजों में खूब हरी-भरी की जा रही है। पौधरोपण के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। हकीकत में रखरखाव के अभाव और बरसात न होने से ज्यादातर पौधे सूख रहे हैं।
पिछले दो वर्षों में एक करोड़ सात लाख 40 हजार 987 पौधरोपण का दावा किया गया है। जिले का क्षेत्रफल 4021 वर्ग किलोमीटर है। यानि औसतन एक वर्ग किलोमीटर में 2600 पेड़ों की हरियाली है। वन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि जिले में वर्ष 2019-20 में 18 लाख 98 हजार 235 पौधे लगाए गए थे। वर्ष 2020-21 में 14 लाख 58 हजार 930 पौधे व वर्ष 2021-22 में 17 लाख 12 हजार 525 पौधे विभाग द्वारा रोपित किए थे। वहीं चालू वर्ष में शासन ने जनपद को 69 लाख 59 हजार 936 पौधे रोपित करने का लक्ष्य दिया है। इसमें 33 लाख पांच हजार 400 पौधे वन विभाग व 36 लाख 54 हजार 536 पौधे अन्य समस्त विभागों द्वारा रोपित किए गए। बारिश न होने से 60 फीसदी पौधे नष्ट हो गए। शहर के बेतवा तटबंध पर सैकड़ों पौधे रोपित किए गए थे। कुछ पौधों में ट्री गार्ड भी लगाए गए थे। मौके पर एक भी पौधा सही सलामत नहीं दिख रहा है।ट्री गार्ड में लगाए गए पौधे निगरानी के अभाव में सूख गए।
पांच जुलाई को शहर आए प्रभारी मंत्री मत्स्य डा. संजय निषाद ने राजकीय स्नात्कोत्तर महाविद्यालय कुछेछा में पौधारोपण किया था। पानी न देने से जिससे कई पौधे सूख गए। खुदे गड्ढों के सामने पौधे रखे-रखे सूख गए, लेकिन उन्हें रोपित करने की जहमत किसी ने नहीं उठाई। महाविद्यालय की प्राचार्य वंदना ने कहा कि बारिश हो नहीं रही, ऐसे में पौधे कैसे जिंदा रहेंगे।
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अभी 15 अगस्त तक पौधरोपण चलता रहेगा। इसके बाद सूखे पौधों का आंकलन किया जाएगा। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में प्रभारी मंत्री ने पौधरोपण किया था। महाविद्यालय में पौधे सूखने और गड्ढे खोदकर रोपित न करने की जानकारी नहीं है। मंगलवार को स्थलीय निरीक्षण कर जायजा लेंगे।
-उमेश चंद राय, डीएफओ
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पिछले दो वर्षों में एक करोड़ सात लाख 40 हजार 987 पौधरोपण का दावा किया गया है। जिले का क्षेत्रफल 4021 वर्ग किलोमीटर है। यानि औसतन एक वर्ग किलोमीटर में 2600 पेड़ों की हरियाली है। वन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि जिले में वर्ष 2019-20 में 18 लाख 98 हजार 235 पौधे लगाए गए थे। वर्ष 2020-21 में 14 लाख 58 हजार 930 पौधे व वर्ष 2021-22 में 17 लाख 12 हजार 525 पौधे विभाग द्वारा रोपित किए थे। वहीं चालू वर्ष में शासन ने जनपद को 69 लाख 59 हजार 936 पौधे रोपित करने का लक्ष्य दिया है। इसमें 33 लाख पांच हजार 400 पौधे वन विभाग व 36 लाख 54 हजार 536 पौधे अन्य समस्त विभागों द्वारा रोपित किए गए। बारिश न होने से 60 फीसदी पौधे नष्ट हो गए। शहर के बेतवा तटबंध पर सैकड़ों पौधे रोपित किए गए थे। कुछ पौधों में ट्री गार्ड भी लगाए गए थे। मौके पर एक भी पौधा सही सलामत नहीं दिख रहा है।ट्री गार्ड में लगाए गए पौधे निगरानी के अभाव में सूख गए।
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पांच जुलाई को शहर आए प्रभारी मंत्री मत्स्य डा. संजय निषाद ने राजकीय स्नात्कोत्तर महाविद्यालय कुछेछा में पौधारोपण किया था। पानी न देने से जिससे कई पौधे सूख गए। खुदे गड्ढों के सामने पौधे रखे-रखे सूख गए, लेकिन उन्हें रोपित करने की जहमत किसी ने नहीं उठाई। महाविद्यालय की प्राचार्य वंदना ने कहा कि बारिश हो नहीं रही, ऐसे में पौधे कैसे जिंदा रहेंगे।
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अभी 15 अगस्त तक पौधरोपण चलता रहेगा। इसके बाद सूखे पौधों का आंकलन किया जाएगा। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में प्रभारी मंत्री ने पौधरोपण किया था। महाविद्यालय में पौधे सूखने और गड्ढे खोदकर रोपित न करने की जानकारी नहीं है। मंगलवार को स्थलीय निरीक्षण कर जायजा लेंगे।
-उमेश चंद राय, डीएफओ