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1.61 लाख को ही मिली प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, योजना का लाभ पाने के लिए किसान लगा रहे अधिकारियों के चक्कर
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हमीरपुर। जिले में पीएम सम्मान निधि योजना का लाभ पाने के लिए किसान अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। कृषि विभाग के कर्मी पात्र किसानों के आवेदनों को दुरुस्त करने में अभी भी जुटे हैं। किसान भी जब तक खाते में किस्त न आ जाए भ्रम की स्थित में हैं। जिले किसानों की संख्या करीब दो लाख 12 हजार है। जिसमें कृषि विभाग के मुताबिक करीब एक लाख 61 हजार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़ चुके हैं। इन्हीं किसानों में करीब 75 हजार किसान भाग्यशाली है जो लगातार पांचवीं किस्त पा चुके हैं।
जानकारी के अनुसार करीब 34 हजार किसान अपात्र घोषित हो चुके हैं। करीब ढाई हजार किसानों के डाटा संशोधन का कार्य पूरा हो चुका है। इसके बावजूद किसान डाटा सही कराने को भटक रहे हैं। इस बारे में जिला कृषि अधिकारी, डा. सरस कुमार तिवारी ने बताया जो किसान योजना से वंचित हैं। वह अपना आधार व बैंक पासबुक लेकर कृषि विभाग या ब्लाक स्तरीय कृषि गोदामों में जमा कर दें।
जुलाई माह में पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त आनी है। कहा करीब एक लाख 61 हजार किसानों योजना का लाभ पा रहे हैं। 34 हजार किसान अपात्र मिले हैं। कहा अभी तक ढाई हजार से ज्यादा किसानों के डाटा का संशोधन किया जा चुका है। जिले में करीब दो लाख 12 हजार किसान हैं। 75 हजार किसानों को पांचवीं किस्त मिल चुकी है।
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नौकरी न पेंशन फिर भी नहीं मिला लाभ
देवगांव निवासी लल्ला सिंह ने बताया वह लघु श्रेणी के किसान है। वह कई बार लेखपाल के साथ कृषि विभाग के चक्कर लगा चुके हैं। तीन बार सारे कागजात लेखपाल के पास जमा कर चुके हैं। लेकिन उसकी एक भी किस्त नहीं आई है।
कई बार जमा किए कागजात
पचखुरा बुजुर्ग के किसान रामरूप सिंह ने बताया उनके पास 15 बीघे जमीन है। प्रधान और लेखपाल को आधार कार्ड, बैंक पासबुक व खतौनी आदि कागजात कई बार दे चुके हैं। कृषि विभाग में जानकारी करने पर बताया गया कागजात संशोधन किया गया है। लेकिन अभी तक उसका पैसा नहीं आया है।
नहीं मिला योजना का लाभ
विकासखंड सुमेरपुर के पत्योरा निवासी दिव्यांग किसान परशुराम निषाद ने बताया उसके पास करीब एक हेक्टेयर जमीन है। तीन बार किसान सम्मान निधि योजना का लाभ पाने के लिए आवेदन किया है। तीन माह से लॉकडाउन चल रहा है। जिससे आर्थिक स्थिति खराब हो गई है।
अभी तक योजना से वंचित
छानीखुर्द निवासी रामभजन ने बताया खतौनी व बैंक पासबुक में उसका नाम रामभजन है। जबकि आधार कार्ड में भजना छप गया है। इसलिए उसे योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अशिक्षित होने के कारण भगा दिया जाता है।
प्रयास से मिली सफलता
हटवारा निवासी अजय कुमार ने बताया एक बीघा जमीन है। प्रधानमंत्री सम्मान निधि का लाभ लेने के लिए वह कई बार ब्लाक स्थित कृषि गोदाम प्रभारी से मिला। प्रभारी ने दिसंबर में उसका डाटा सही किया था। तबसे उसे दो किस्तों में चार हजार रुपये मिले हैं।
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जानकारी के अनुसार करीब 34 हजार किसान अपात्र घोषित हो चुके हैं। करीब ढाई हजार किसानों के डाटा संशोधन का कार्य पूरा हो चुका है। इसके बावजूद किसान डाटा सही कराने को भटक रहे हैं। इस बारे में जिला कृषि अधिकारी, डा. सरस कुमार तिवारी ने बताया जो किसान योजना से वंचित हैं। वह अपना आधार व बैंक पासबुक लेकर कृषि विभाग या ब्लाक स्तरीय कृषि गोदामों में जमा कर दें।
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जुलाई माह में पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त आनी है। कहा करीब एक लाख 61 हजार किसानों योजना का लाभ पा रहे हैं। 34 हजार किसान अपात्र मिले हैं। कहा अभी तक ढाई हजार से ज्यादा किसानों के डाटा का संशोधन किया जा चुका है। जिले में करीब दो लाख 12 हजार किसान हैं। 75 हजार किसानों को पांचवीं किस्त मिल चुकी है।
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नौकरी न पेंशन फिर भी नहीं मिला लाभ
देवगांव निवासी लल्ला सिंह ने बताया वह लघु श्रेणी के किसान है। वह कई बार लेखपाल के साथ कृषि विभाग के चक्कर लगा चुके हैं। तीन बार सारे कागजात लेखपाल के पास जमा कर चुके हैं। लेकिन उसकी एक भी किस्त नहीं आई है।
कई बार जमा किए कागजात
पचखुरा बुजुर्ग के किसान रामरूप सिंह ने बताया उनके पास 15 बीघे जमीन है। प्रधान और लेखपाल को आधार कार्ड, बैंक पासबुक व खतौनी आदि कागजात कई बार दे चुके हैं। कृषि विभाग में जानकारी करने पर बताया गया कागजात संशोधन किया गया है। लेकिन अभी तक उसका पैसा नहीं आया है।
नहीं मिला योजना का लाभ
विकासखंड सुमेरपुर के पत्योरा निवासी दिव्यांग किसान परशुराम निषाद ने बताया उसके पास करीब एक हेक्टेयर जमीन है। तीन बार किसान सम्मान निधि योजना का लाभ पाने के लिए आवेदन किया है। तीन माह से लॉकडाउन चल रहा है। जिससे आर्थिक स्थिति खराब हो गई है।
अभी तक योजना से वंचित
छानीखुर्द निवासी रामभजन ने बताया खतौनी व बैंक पासबुक में उसका नाम रामभजन है। जबकि आधार कार्ड में भजना छप गया है। इसलिए उसे योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अशिक्षित होने के कारण भगा दिया जाता है।
प्रयास से मिली सफलता
हटवारा निवासी अजय कुमार ने बताया एक बीघा जमीन है। प्रधानमंत्री सम्मान निधि का लाभ लेने के लिए वह कई बार ब्लाक स्थित कृषि गोदाम प्रभारी से मिला। प्रभारी ने दिसंबर में उसका डाटा सही किया था। तबसे उसे दो किस्तों में चार हजार रुपये मिले हैं।