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75 साल बाद भी नहीं मिला सेनानी को सम्मान
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पत्योरा (हमीरपुर)। देश की आजादी के दौरान जान की बाजी लगाने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का आज तक स्मारक नहीं बन सका है। जबकि देश स्वतंत्रता दिवस की 73वीं वर्षगांठ मनाने जा रहा है। जिससे परिजनों व गांव के लोगों में सरकार के प्रति गहरा रोष है। परिजनों ने डीएम से उनकी अंत्येष्टि स्थल व स्मारक बनाए जाने की मांग की है।
देवगांव निवासी देवेंद्र सिंह ने बताया उनके पिता बृजराज सिंह चंदेल स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे, जो आजाद हिंद फौज में भी रहे। सुभाषचंद्र बोस के साथ रहकर देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। देश आजाद होने के बाद इंडियन आर्मी में भी रहे और भारत-चीन युद्ध में भी अपनी जान की बाजी लगाई थी। जिन्हें केंद्र व राज्य सरकार से पेंशन भी मिलती रही है।
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने वर्ष 1961 में तामपत्र दिया था। आज देश 73वीं वर्षगांठ मनाने जा रहा है। मगर सुनवाई नहीं है। भाकियू के जिला सचिव चिंताहण पांडेय ने बताया स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. बृजराज सिंह चंदेल गांव की शान थे। सुभाषचंद्र बोस जैसे महान क्रांतिकारी नेता के साथ जुड़कर अंग्रेजों से लोहा लिया। अंग्रेजी शासन काल में दो बार जेल में भी बंद रहे। उनका निधन 27 जून 1996 को हुआ था। 25 वर्ष गुजरने के बाद भी उनका स्मारक तक नहीं बनवाया गया है। उन्होंने डीएम को ज्ञापन देकर समाधि स्थल का जीर्णोद्धार कराए जाने की मांग की है।
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देवगांव निवासी देवेंद्र सिंह ने बताया उनके पिता बृजराज सिंह चंदेल स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे, जो आजाद हिंद फौज में भी रहे। सुभाषचंद्र बोस के साथ रहकर देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। देश आजाद होने के बाद इंडियन आर्मी में भी रहे और भारत-चीन युद्ध में भी अपनी जान की बाजी लगाई थी। जिन्हें केंद्र व राज्य सरकार से पेंशन भी मिलती रही है।
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पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने वर्ष 1961 में तामपत्र दिया था। आज देश 73वीं वर्षगांठ मनाने जा रहा है। मगर सुनवाई नहीं है। भाकियू के जिला सचिव चिंताहण पांडेय ने बताया स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. बृजराज सिंह चंदेल गांव की शान थे। सुभाषचंद्र बोस जैसे महान क्रांतिकारी नेता के साथ जुड़कर अंग्रेजों से लोहा लिया। अंग्रेजी शासन काल में दो बार जेल में भी बंद रहे। उनका निधन 27 जून 1996 को हुआ था। 25 वर्ष गुजरने के बाद भी उनका स्मारक तक नहीं बनवाया गया है। उन्होंने डीएम को ज्ञापन देकर समाधि स्थल का जीर्णोद्धार कराए जाने की मांग की है।
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