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जिले को मिला एक और गोसंरक्षण केंद्र
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हमीरपुर। अन्ना गोवंश को संरक्षित करने के लिए वर्ष 2017-18 से शासन ने वृहद गोसंरक्षण केंद्र बनाने की योजना शुरू की थी। इसके तहत दो गोसंरक्षण केंद्र संचालित किए जा चुके हैं। वहीं एक निर्माणाधीन है। जबकि इस वित्तीय वर्ष शासन ने एक और वृहद गोसंरक्षण केंद्र की सौगात दी है। जिसका जगह का निर्धारण पशुपालन विभाग ने राजस्व विभाग के जरिए छानी बांध में कराया है। हालांकि अभी इसका बजट जारी नहीं हुआ है।
जिले में अन्ना गोवंश की समस्या कई वर्षों से किसानों के लिए सरदर्द बनी है। किसानों को इससे निजात दिलाने के लिए शासन स्तर से काफी प्रयास किए जा रहे हैं। जिसमें जनपद की सभी 330 ग्राम पंचायतों अस्थायी गो आश्रय स्थल बनाए जाने के साथ वृहद गोसंरक्षण केंद्र भी बनाए जा रहे हैं। वर्ष 2017-18 में ब्लाक राठ के जखेड़ी में एक करोड़ 20 लाख की लागत वृहद गोसंरक्षण केंद्र का निर्माण कराया गया। वहीं वर्ष 2018-19 में मौदहा में वृहद गोसंरक्षण केंद्र बनाया गया। जो वर्तमान में दोनों संचालित हैं।
शासन से वर्ष 2019-20 में एक और वृहद गोसंरक्षण केंद्र की स्वीकृति मिलने पर मुस्करा ब्लाक के दामूपुरवा में निर्माण कराया जा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में शासन ने एक और वृहद गोसंरक्षण केंद्र बनाने की हरी झंडी दे दी है। जिस पर पशुपालन विभाग ने तेजी दिखा विकासखंड मुस्करा के छानी बांध गांव में जगह चिह्नित की है।
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मानक के अनुरूप नहीं हो रहा काम
बसवारी प्रधान रविंद्र राजपूत ने बताया दामूपुरवा में बन रहे गोसंरक्षण केंद्र में मानक के अनुरूप सामग्री नहीं लगाई जा रही है। कहा मौरंग की जगह डस्ट का प्रयोग किया जा रहा है। ईंट भी तीन नंबर का लगाने का आरोप है।
दामूपुरवा में निर्माणाधीन गोसंरक्षण केंद्र का निर्माण लोनिवि (निर्माणखंड-दो) करा रहा है। कहा निर्माण कार्य की जांच कराई जाएगी। मौदहा व जखेड़ी में बने वृहद गोसंरक्षण केंद्र संचालित हो चुके हैं। वहीं इस वित्तीय वर्ष शासन ने एक और वृहद गोसंरक्षण केंद्र बनाए जाने की स्वीकृति दे दी है। शासन से बजट मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। -डा. एके यादव, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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जिले में अन्ना गोवंश की समस्या कई वर्षों से किसानों के लिए सरदर्द बनी है। किसानों को इससे निजात दिलाने के लिए शासन स्तर से काफी प्रयास किए जा रहे हैं। जिसमें जनपद की सभी 330 ग्राम पंचायतों अस्थायी गो आश्रय स्थल बनाए जाने के साथ वृहद गोसंरक्षण केंद्र भी बनाए जा रहे हैं। वर्ष 2017-18 में ब्लाक राठ के जखेड़ी में एक करोड़ 20 लाख की लागत वृहद गोसंरक्षण केंद्र का निर्माण कराया गया। वहीं वर्ष 2018-19 में मौदहा में वृहद गोसंरक्षण केंद्र बनाया गया। जो वर्तमान में दोनों संचालित हैं।
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शासन से वर्ष 2019-20 में एक और वृहद गोसंरक्षण केंद्र की स्वीकृति मिलने पर मुस्करा ब्लाक के दामूपुरवा में निर्माण कराया जा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में शासन ने एक और वृहद गोसंरक्षण केंद्र बनाने की हरी झंडी दे दी है। जिस पर पशुपालन विभाग ने तेजी दिखा विकासखंड मुस्करा के छानी बांध गांव में जगह चिह्नित की है।
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मानक के अनुरूप नहीं हो रहा काम
बसवारी प्रधान रविंद्र राजपूत ने बताया दामूपुरवा में बन रहे गोसंरक्षण केंद्र में मानक के अनुरूप सामग्री नहीं लगाई जा रही है। कहा मौरंग की जगह डस्ट का प्रयोग किया जा रहा है। ईंट भी तीन नंबर का लगाने का आरोप है।
दामूपुरवा में निर्माणाधीन गोसंरक्षण केंद्र का निर्माण लोनिवि (निर्माणखंड-दो) करा रहा है। कहा निर्माण कार्य की जांच कराई जाएगी। मौदहा व जखेड़ी में बने वृहद गोसंरक्षण केंद्र संचालित हो चुके हैं। वहीं इस वित्तीय वर्ष शासन ने एक और वृहद गोसंरक्षण केंद्र बनाए जाने की स्वीकृति दे दी है। शासन से बजट मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। -डा. एके यादव, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी