{"_id":"614780d68ebc3e3ee67eb968","slug":"civic-agricalture-hamirpur-hamirpur-news-knp6530695102","type":"story","status":"publish","title_hn":"मवेशियों ने नष्ट की 20 बीघा फसल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मवेशियों ने नष्ट की 20 बीघा फसल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राठ। खेतों में घुसे मवेशियों ने करीब बीस बीघा में खड़ी ज्वार, मूंग, तिल, अरहर आदि की फसल चट कर दी। इसके अलावा मवेशियों के पैरों से काफी फसल रौंद गई। पीड़ित किसान ने एसडीएम से शिकायत कर मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
बरुआ गांव निवासी बालकिशन ने बताया वह जलालपुर क्षेत्र के मसीदन मौजा में भवानीदीन की जमीन पर ज्वार और उड़द की फसल किए हैं। गांव की गोशाला में अन्ना मवेशी बंद नहीं किए जाते। जो रातभर किसानों की फसलों को नष्ट करते हैं। बताया दिन रात फसल की रखवाली करते हैं। शुक्रवार रात वह खाना खाने घर चले गए।
तभी अन्ना मवेशियों के झुंड ने खेत में घुसकर 10 बीघा उड़द, डेढ़ बीघा अरहर और 4 बीघा ज्वार की फसल काट कर दी है। इसी प्रकार जंगी के खेत में लगी 2 बीघा अरहर और 2 बीघा तिल फसल चट कर दी है। जिससे परेशान होकर एसडीएम सरीला को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई व मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है। शिकायती पत्र में आरोप लगाते हुए किसान ने बताया गोशाला में अन्ना मवेशियों को बंद नहीं किया जाता और सरकारी योजनाओं का पैसा हड़प रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बरुआ गांव निवासी बालकिशन ने बताया वह जलालपुर क्षेत्र के मसीदन मौजा में भवानीदीन की जमीन पर ज्वार और उड़द की फसल किए हैं। गांव की गोशाला में अन्ना मवेशी बंद नहीं किए जाते। जो रातभर किसानों की फसलों को नष्ट करते हैं। बताया दिन रात फसल की रखवाली करते हैं। शुक्रवार रात वह खाना खाने घर चले गए।
विज्ञापन
तभी अन्ना मवेशियों के झुंड ने खेत में घुसकर 10 बीघा उड़द, डेढ़ बीघा अरहर और 4 बीघा ज्वार की फसल काट कर दी है। इसी प्रकार जंगी के खेत में लगी 2 बीघा अरहर और 2 बीघा तिल फसल चट कर दी है। जिससे परेशान होकर एसडीएम सरीला को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई व मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है। शिकायती पत्र में आरोप लगाते हुए किसान ने बताया गोशाला में अन्ना मवेशियों को बंद नहीं किया जाता और सरकारी योजनाओं का पैसा हड़प रहे हैं।
विज्ञापन