फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hamirpur News ›   CcBI registers accounts of mortgaged businessmen

सीबीआई ने मौरंग कारोबारियों के अकाउंट खंगाले

Thu, 17 Aug 2017 11:38 PM IST
अमर उजाला/हमीरपुर
अमर उजाला/हमीरपुर Updated Thu, 17 Aug 2017 11:38 PM IST
विज्ञापन
 अवैध खनन की जांच करने आई सीबीआई टीम गुरुवार को कोषागार, एनआईसी और भारतीय स्टेट बैंक पहुंची। कोषागार में टीम ने करीब 32 पट्टों में लगाए गए चालानों में छेड़छाड़ की फिर से जांच पड़ताल की।
विज्ञापन


साथ ही स्टेट बैंक में मौरंग कारोबार से जुड़े लोगों के अकाउंट की डिटेल ली। मौदहा बांध (निर्माण खंड) के डाक बंगले में स्थित सीबीआई कैंप कार्यालय में कई पट्टाधारकों से फिर पूछताछ की।  
विज्ञापन


मौरंग खनन में हर तरफ खेल हुआ। वर्ष 2010 में 60 मौरंग पट्टों की पत्रावलियां बनीं। इन्हीं पत्रावलियों पर वर्ष 2013 में मौरंग के पट्टे स्वीकृत किए गए। पट्टों की स्वीकृति के समय कारोबारियों ने बैंक में जमा होने वाली फीस के चालान फार्म दूसरे लोगों के लगा दिए। पहले जमा फाइलों में लगे चालानों को निकालकर इन पट्टों में लगाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


सीबीआई ने जांच में ऐसे करीब 32 चालान चिह्नित किए हैं। इतना ही नहीं पूर्व में स्वीकृत दो पट्टे ऐसे मिले हैं, जिनकी पत्रावलियों में पट्टाधारक के फोटो और हस्ताक्षर फर्जी हैं। बसपा और सपा सरकार में मौरंग खनन में हुए खेल की परतें खोलने में सीबीआई टीम जुटी है।


फर्जी चालानों का मिलान करने के लिए गुरुवार को सीबीआई टीम कोषागार पहुंची। इसके बाद एनआईसी में जांच पड़ताल कर डाटा इकट्ठा किया। भारतीय स्टेट बैंक में सीबीआई अधिकारी दो बार गए।

उनके साथ खनन विभाग के सर्वेयर विजय भूषण तिवारी भी थे। सीबीआई अधिकारी ने शाखा प्रबंधक केएच गुप्ता से मौरंग के कारोबार से जुड़े लोगों के खातों से निकाले व जमा किए गए धन की सूची ली। साथ ही अन्य बैंक शाखाओं के मैनेजरों को भी सीबीआई ने तलब किया है।

चेक पोस्ट के नाम पर भी वसूली  
नदियों से निकलने वाली मौरंग पर जहां जिला पंचायत ने पथकर वसूला, वहीं मौरंग भरे ट्रकों की निकासी के नाम पर खनिज चेक पोस्ट के नाम पर विभाग ने बैरियर लगाकर वसूली की। इस मामले की भी जांच सीबीआई कर रही है। ओवरलोड ट्रकों पर हुई कार्रवाई में चालान/जुर्माना जमा करने वाले ट्रक संचालकों से भी सीबीआई पूछताछ करेगी।

कई कारोबारियों से की पूछताछ
सीबीआई ने मौरंग खनन से जुड़े लोगों को फिर तलब किया है। गुरुवार को पट्टाधारक रहे गोपीकृष्ण ओमर, अशोक सचान, सुमित्रा देवी के पति समाज कल्याण के बाबू ज्वाला प्रसाद, भगवती निषाद भेड़ी, कौशिल्या देवी चिकासी, ज्वाला प्रसाद के पट्टा संचालक सत्येंद्र सिंह और राजेश सिंह पूर्व प्रधान बेरी से सीबीआई ने पूछताछ की। पिछले बुधवार को पृथ्वीपाल, जावेद हबीब और अन्नू अग्रवाल सीबीआई के सवालों का जवाब देने पहुंचे थे। हालांकि सीबीआई का सामना करने से कई कारोबारी हिचक रहे हैं। पुलिस और खनिज विभाग के अधिकारी मौरंग खनन से जुड़े लोगों को बुला रही है। बताया जाता है कि कई माफिया ने मोबाइल स्विच ऑफ कर लिए हैं।


जहां चाहा खोद ली मौरंग
वर्ष 2015 के बाद सत्ताधारी दल से जुड़े बाहुबली से लेकर छुटभैया नेताओं ने जब जहां चाहा मौरंग की अवैध उठान की। अवैध खनन में करोड़ों का खेल किया। जिले में बेतवा, केन, धसान और विरमा नदियों में ऐसे करीब 200 स्थानों पर अवैध रूप से मौरंग निकाली गई। जनहित याचिका दायर करने वाले एडवोकेट विजय द्विवेदी सीबीआई को अवैध खनन से जुड़े तमाम साक्ष्य पहले ही दे चुके हैं। उन्होंने तर्क दिया है कि अवैध मौरंग के साथ ओवरलोडिंग से जिले की करीब 48 सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। साथ ही पुल भी दरक गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed