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Hamirpur News: मोबाइल-आधार कार्ड लाएं तभी होगा जिला अस्पताल में इलाज

Sat, 23 May 2026 12:12 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 23 May 2026 12:12 AM IST
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Bring your mobile phone and Aadhaar card to be treated at the district hospital.
फोटो 22 एचएएमपी 28- जिला अस्पताल के परचा काउंटर पर लगी लाइन। संवाद
हमीरपुर। जिला अस्पताल की ओपीडी में पंजीकरण के लिए अब मोबाइल नंबर और आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। पर्चा बनवाने के लिए इनको साथ लाना आवश्यक है वरना आपको बिना इलाज वापस होना पड़ सकता है। इसमें कुछ समय के लिए बुजुर्ग महिला-पुरुष को राहत दी गई है। इस व्यवस्था का उद्देश्य मरीजों का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना है।
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शासन की ओर से ओपीडी पंजीकरण व्यवस्था ऑनलाइन किए जाने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीज सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। तकनीकी जानकारी की कमी, स्मार्टफोन का अभाव और गांवों में कमजोर इंटरनेट कनेक्टिविटी के कारण मरीजों को पर्चा बनवाने में काफी समय लग रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी की टीम शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे जिला अस्पताल पहुंची तो पर्चा काउंटर में काफी संख्या में लोग लाइन में लगे दिखे। यहां कुल 544 मरीजों ने पंजीकरण कराया। इनमें 253 पुरुष, 212 महिला और 79 बालरोगी शामिल रहे। इनमें 40 फीसदी लोग पर्चा बनवाने में ही घंटाें परेशान रहे, कई बिना इलाज कराए ही वापस लौट गए।
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बिना आधार नहीं बना पर्चा

आधार कार्ड घर पर भूल आया और इलाज कराने जिला अस्पताल आ गया अब पर्चा नहीं बन रहा है। इससे आधा घंटा से परेशान हैं। या तो प्राइवेट चिकित्सक से इलाज कराएं या फिर अगले दिन आना होगा। - रामू प्रसाद, दपसौरा (फतेहपुर)।



दो घंटे बाद बना परचा

हाथ में जल गए थे उसी को दिखाने आए थे। काउंटर में दो घंटे लाइन में लगना पड़ा, तब कहीं पर्चा मिला है। इस आनलाइन व्यवस्था से सबसे अधिक ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अधिक परेशान होते हैं। - लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी।


ग्रामीण मरीजों की मुख्य समस्याएं

- ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश मरीज, खासकर बुजुर्ग, कंप्यूटर और ऑनलाइन प्रक्रिया से पूरी तरह अनजान।
- इंटरनेट की खराब कनेक्टिविटी और एंड्रॉयड फोन न होने से वे घर बैठे पर्चा (रजिस्ट्रेशन) बुक नहीं कर पाते।

- ऑनलाइन पर्चा बनवाने के लिए उन्हें साइबर कैफे या निजी जन सुविधा केंद्रों पर अतिरिक्त पैसे (20 से 50 तक) खर्च करने पड़ते हैं।

- कई बार जिला अस्पतालों में तकनीकी खराबी या सर्वर डाउन होने के कारण पंजीकरण काउंटरों पर लंबी लाइनें लग जाती हैं। इससे मरीजों का पूरा दिन बर्बाद हो जाना।




जिला अस्पताल में ई-हॉस्पिटल के तहत ऑनलाइन व्यवस्था चालू है। ग्रामीण मरीज सीधे अस्पताल पहुंचकर काउंटर से भी पर्चा बनवा सकते हैं। यदि किसी मरीज को ऑनलाइन में परेशानी हो, तो वे अस्पताल परिसर में मौजूद हेल्प डेस्क की मदद से सीधे अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य मरीजों का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना और लाइन से निजात दिलाना है। - डॉ. आरटी बनर्जी, प्रभारी सीएमएस जिला अस्पताल

फोटो 22 एचएएमपी 28- जिला अस्पताल के परचा काउंटर पर लगी लाइन। संवाद

फोटो 22 एचएएमपी 28- जिला अस्पताल के परचा काउंटर पर लगी लाइन। संवाद

फोटो 22 एचएएमपी 28- जिला अस्पताल के परचा काउंटर पर लगी लाइन। संवाद

फोटो 22 एचएएमपी 28- जिला अस्पताल के परचा काउंटर पर लगी लाइन। संवाद

फोटो 22 एचएएमपी 28- जिला अस्पताल के परचा काउंटर पर लगी लाइन। संवाद

फोटो 22 एचएएमपी 28- जिला अस्पताल के परचा काउंटर पर लगी लाइन। संवाद

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