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Hamirpur News: दो दिनों से बाॅयोकेमिस्ट्री मशीन खराब, बिना जांच लौट रहे मरीज
Sun, 05 Oct 2025 11:35 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Sun, 05 Oct 2025 11:35 PM IST
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फोटो 05 एचएएमपी 24- जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में लगी भीड़। संवाद
हमीरपुर। जिला अस्पताल की पैथोलाॅजी में दो दिनों से बायोकेमिस्ट्री मशीन खराब पड़ी है। इससे लीवर, किडनी, कोलेस्ट्राल, शुगर व शरीर में इंफेक्शन आदि की करीब 200 जांचे नहीं हो सकीं। दो दिनों से मरीज बिना जांच लौट रहे हैं। मरीजों को निजी पैथोलॉजी में जाकर जेब ढीली करनी पड़ रही है। मशीन से रोजाना करीब 100 से 150 जांचें होती हैं। इसके पूर्व पिछले सप्ताह दो दिन मशीन खराब रही थी।
शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 693 मरीजों ने पंजीयन कराया। इनमें 316 पुरुष, 250 महिला व 127 बच्चों के पर्चा बनाए गए। डॉक्टरों ने मरीजों को देखकर जांचें लिखीं, लेकिन बायोकेमिस्ट्री जांचे नहीं हो सकीं। इसके लिए मरीजों को निजी पैथोलॉजी का सहारा लेना पड़ा। इस मशीन से मरीजों की लिवर फंक्शन टेस्ट (एलएफटी), किडनी फंक्शन टेस्ट (टीएफटी), कोलेस्ट्राल की जांच (लिपिड प्रोफाइल), शुगर व शरीर में इंफेक्शन (ईएसआर) आदि जांचें होती हैं। मशीन में आई खराबी के कारण यह सभी जांचें दो दिनों से पूरी तरह ठप हैं। इससे मरीजों को महंगे दामों पर जांचे करानी पड़ रही हैं।
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पिछले सप्ताह भी खराब हो गई थी मशीन
बीते माह 25 सितंबर को भी बायोकेमिस्ट्री मशीन खराब हो गई थी, जो दूसरे दिन बन पाई थी। एक सप्ताह बाद फिर से मशीन खराब हो जाने से मरीजों को निजी पैथाेलॉजी में जांच करानी पड़ रही हैं। दो दिनों में 200 से अधिक मरीजों की जांच नहीं हो सकी हैं।
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शुक्रवार सुबह मशीन खराब हो गई थी। इंजीनियर को बुलाकर मशीन को ठीक कराया जा रहा है। शनिवार को भी इंजीनियर मशीन ठीक करने में जुटा रहा, लेकिन मशीन अभी तक ठीक नहीं हो सकी है। वहीं, दूसरी मशीन के पार्ट्स नहीं मिल पा रहे हैं। -डॉ. महेंद्र, लैब प्रभारी।
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शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 693 मरीजों ने पंजीयन कराया। इनमें 316 पुरुष, 250 महिला व 127 बच्चों के पर्चा बनाए गए। डॉक्टरों ने मरीजों को देखकर जांचें लिखीं, लेकिन बायोकेमिस्ट्री जांचे नहीं हो सकीं। इसके लिए मरीजों को निजी पैथोलॉजी का सहारा लेना पड़ा। इस मशीन से मरीजों की लिवर फंक्शन टेस्ट (एलएफटी), किडनी फंक्शन टेस्ट (टीएफटी), कोलेस्ट्राल की जांच (लिपिड प्रोफाइल), शुगर व शरीर में इंफेक्शन (ईएसआर) आदि जांचें होती हैं। मशीन में आई खराबी के कारण यह सभी जांचें दो दिनों से पूरी तरह ठप हैं। इससे मरीजों को महंगे दामों पर जांचे करानी पड़ रही हैं।
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पिछले सप्ताह भी खराब हो गई थी मशीन
बीते माह 25 सितंबर को भी बायोकेमिस्ट्री मशीन खराब हो गई थी, जो दूसरे दिन बन पाई थी। एक सप्ताह बाद फिर से मशीन खराब हो जाने से मरीजों को निजी पैथाेलॉजी में जांच करानी पड़ रही हैं। दो दिनों में 200 से अधिक मरीजों की जांच नहीं हो सकी हैं।
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शुक्रवार सुबह मशीन खराब हो गई थी। इंजीनियर को बुलाकर मशीन को ठीक कराया जा रहा है। शनिवार को भी इंजीनियर मशीन ठीक करने में जुटा रहा, लेकिन मशीन अभी तक ठीक नहीं हो सकी है। वहीं, दूसरी मशीन के पार्ट्स नहीं मिल पा रहे हैं। -डॉ. महेंद्र, लैब प्रभारी।