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कोरोना वाले कहने पर भड़के स्वास्थ्यकर्मी, बिना जांच किए लौटे
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राठ। कोतवाली क्षेत्र के सैदपुर गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम को कोरोना वाले कहने पर कर्मचारी भड़क गए। बिना कैंप लगाए वापस लौटे टीम के सदस्यों ने जिलाधिकारी से शिकायत की है।
शुक्रवार को नौरंगा सीएचसी की टीम सैदपुर गांव में कोरोना जांच शिविर लगाने पहुंची टीम के बृजकिशोर राजपूत, रमेश कुमार, श्रीचंद्र राजपूत आदि ने बताया कि कन्या प्राथमिक विद्यालय में दो व्यक्ति बरामदे में बैठे मिले। विद्यालय व शिक्षक निगरानी समितियों में होने के कारण उन्होंने दोनों लोगों से शिविर लगाने के बारे में कहा। जिस पर दोनों ने कहा कि जूनियर स्कूल के प्रधानाचार्य से पहले बात कर लें।
टीम ने बताया कि वह लोग कुछ देर तक विद्यालय परिसर में घूमते रहे। आरोप है कि विद्यालय में मौजूद उक्त दोनों व्यक्तियों के पास किसी ने आकर उनके बारे में पूछा। जिस पर दोनों व्यक्ति लोगों बता रहे थे कि यह कोरोना वाले घूम रहे हैं। अपमानित शब्द सुनने के बाद टीम मौके से चली आई। वहीं शिक्षकों का कहना है कि उन्हें टीम के पहुंचने की कोई जानकारी नहीं थी। जब प्रधानाध्यापक से बात करने को कहा तो टीम के सदस्य भड़क गए।
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एबीएसए संतोष वर्मा ने कहा कि विद्यालय स्टाफ को टीम के पहुंचने की जानकारी नहीं दी गई थी। जिस वजह से कुछ गलत फहमी हुई है। ग्राम प्रधान से मामले में हस्तक्षेप को कहा है।
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शुक्रवार को नौरंगा सीएचसी की टीम सैदपुर गांव में कोरोना जांच शिविर लगाने पहुंची टीम के बृजकिशोर राजपूत, रमेश कुमार, श्रीचंद्र राजपूत आदि ने बताया कि कन्या प्राथमिक विद्यालय में दो व्यक्ति बरामदे में बैठे मिले। विद्यालय व शिक्षक निगरानी समितियों में होने के कारण उन्होंने दोनों लोगों से शिविर लगाने के बारे में कहा। जिस पर दोनों ने कहा कि जूनियर स्कूल के प्रधानाचार्य से पहले बात कर लें।
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टीम ने बताया कि वह लोग कुछ देर तक विद्यालय परिसर में घूमते रहे। आरोप है कि विद्यालय में मौजूद उक्त दोनों व्यक्तियों के पास किसी ने आकर उनके बारे में पूछा। जिस पर दोनों व्यक्ति लोगों बता रहे थे कि यह कोरोना वाले घूम रहे हैं। अपमानित शब्द सुनने के बाद टीम मौके से चली आई। वहीं शिक्षकों का कहना है कि उन्हें टीम के पहुंचने की कोई जानकारी नहीं थी। जब प्रधानाध्यापक से बात करने को कहा तो टीम के सदस्य भड़क गए।
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एबीएसए संतोष वर्मा ने कहा कि विद्यालय स्टाफ को टीम के पहुंचने की जानकारी नहीं दी गई थी। जिस वजह से कुछ गलत फहमी हुई है। ग्राम प्रधान से मामले में हस्तक्षेप को कहा है।