फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hamirpur News ›   Audience deeply moved by the staging of the 'Bhakta Puranmal' play.

Hamirpur News: भक्त पूरनमल नाटक का मंचन देख दर्शक भावविभोर

Thu, 17 Sep 2026 11:27 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 17 Sep 2026 11:27 PM IST
विज्ञापन
Audience deeply moved by the staging of the 'Bhakta Puranmal' play.
फोटो 17 एचएएमपी 18- पशु बाजार मेला मैदान में भक्त पूरनमल का नाटक प्रस्तुत करते झांसी के कलाकार।
भरुआ सुमेरपुर (हमीरपुर)। कस्बे के पशु बाजार मेला मैदान में बुधवार रात भक्त पूरनमल नाटक का जीवंत मंचन किया गया। झांसी से आए कलाकारों ने अपने शानदार अभिनय से दर्शकों को भावविभोर कर दिया। नाटक देखने के लिए मेला मैदान में देर रात तक दर्शकों की भारी भीड़ जुटी रही। इसी के साथ ऐतिहासिक तीन दिवसीय तीजा महोत्सव संपन्न हो गया।
विज्ञापन

ऐतिहासिक तीजा महोत्सव की शुरुआत वर्ष 1850 में आजादी से पूर्व हुई थी। अंग्रेजी हुकूमत के दौरान यह आयोजन सीमित रहा और सिर्फ एक दिन ही मनाया जाता था। देश की आजादी के बाद आयोजकों ने इसका विस्तार करते हुए इसे दो दिवसीय कर दिया था। धीरे-धीरे इसकी ख्याति बुंदेलखंड से लेकर रुहेलखंड के विभिन्न जनपदों तक फैल गई और मेले में लाखों की भीड़ जुटने लगी। करीब एक दशक पूर्व आयोजकों ने इसका और विस्तार करते हुए इसे दो दिन से बढ़ाकर तीन दिवसीय कर दिया।
विज्ञापन

महोत्सव की अंतिम रात झांसी के कलाकारों ने भक्त पूरनमल नाटक का मंचन किया। सुबह तक मैदान दर्शकों से खचाखच भरा रहा। भक्त पूरनमल की भूमिका मास्टर इकरार ने निभाई जबकि मौसी की भूमिका मास्टर अल्ला रक्खा ने निभाई। महाराज संपत का किरदार मास्टर निजाम ने निभाया। मास्टर अशफाक ने कॉमिक की भूमिका निभाकर दर्शकों को खूब गुदगुदाया। कलाकारों के शानदार अभिनय पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं। इस मौके पर पशु बाजार मेला कमेटी के पुरुषोत्तम सिंह, अमर सिंह, जयकरन सिंह, देवांश सिंह, रामबरन सिंह, अंकित सिंह रानू, जितेंद्र तोमर, प्रदीप तोमर, तुषार सिंह समेत हजारों लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


खट्टी-मीठी यादों के साथ तीजा मेला का समापन
लोक संस्कृति, धार्मिक आस्था और लोक परंपरा से जुड़ा ऐतिहासिक तीजा महोत्सव सकुशल संपन्न हो गया। इस वर्ष के तीजा महोत्सव में कई बदलाव देखने को मिले। शोभायात्रा की झांकियों से लेकर नागनाथ लीला के मंचन तक में बदलाव किए गए। कार्यक्रमों में फूहड़ता पर अंकुश लगाने के लिए आयोजकों ने मेले को धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जोड़ने का प्रयास किया। लोगों ने बदलावों की सराहना करते हुए कहा कि कार्यक्रमों में रोचकता बढ़ने के साथ ही युवा पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed