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Hamirpur News: स्वीकृत फाइलें दफ्तर में, 37 लाख का बजट वापस
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हमीरपुर। जिला समाज कल्याण विभाग में अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार उत्पीड़न आर्थिक सहायता योजना की 15 फाइलें विभाग से स्वीकृत होने के बाद भी विभाग में दबी रहीं। जिससे 37 लाख का बजट वापस चला गया। इसके चलते लाभार्थियों को लाभ लेने के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
समाज कल्याण विभाग के अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार उत्पीड़न आर्थिक सहायता योजना से पीड़ितों को लाभ देने के लिए शासन ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में 3.21 करोड़ का बजट जारी किया था। लाभ लेने के लिए थानों में दर्ज मुकदमों के पीड़ितों ने आवेदन किया। 15 फाइलों को पिछले साल अफसरों ने स्वीकृति दे दी, लेकिन यह फाइलें कार्यालय में दबी रह गईं।
महीनाें बाद भी यह फाइलें आगे नहीं बढ़ पाईं। विभाग 224 लाभार्थियों को 2.84 करोड़ की धनराशि जारी कर सका है। जबकि शेष 37 लाख रुपये का बजट शासन ने वापस कर लिया है। इससे अत्याचार उत्पीड़न आर्थिक सहायता योजना के 15 से अधिक लाभार्थी विभाग के चक्कर काटने को मजबूर हैं। आदर्श आचार संहिता के चलते स्वीकृत फाइलों को अभी दो माह तक और इंतजार करना होगा।
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योजना के तहत हत्या के मामले में 8.25 लाख रुपये की सहायता दी जाती है। दुष्कर्म की अलग-अलग धाराओं के अनुसार चार लाख तक की सहायता मिलती है। वहीं, अन्य मारपीट, गाली गलौज आदि मामलों में एक लाख तक की मदद दी जाती है। योजना के तहत जनपद में सात हत्या, 16 दुष्कर्म सहित 201 अन्य मामलों में विभाग 2.84 करोड़ की सहायता राशि भेजे जाने का दावा कर रहा है।
जिले में योजना के तहत 224 लाभार्थियों को 2.84 करोड़ की धनराशि आर्थिक सहायता के रूप में भेजी जा चुकी है। 37 लाख की धनराशि वापस ले ली गई है। करीब 15 फाइलों का भुगतान अभी नहीं हो सका है। जिसे चुनाव बाद ही कराया जाएगा। -रामशंकर पटेल, जिला समाज कल्याण अधिकारी, हमीरपुर
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समाज कल्याण विभाग के अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार उत्पीड़न आर्थिक सहायता योजना से पीड़ितों को लाभ देने के लिए शासन ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में 3.21 करोड़ का बजट जारी किया था। लाभ लेने के लिए थानों में दर्ज मुकदमों के पीड़ितों ने आवेदन किया। 15 फाइलों को पिछले साल अफसरों ने स्वीकृति दे दी, लेकिन यह फाइलें कार्यालय में दबी रह गईं।
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महीनाें बाद भी यह फाइलें आगे नहीं बढ़ पाईं। विभाग 224 लाभार्थियों को 2.84 करोड़ की धनराशि जारी कर सका है। जबकि शेष 37 लाख रुपये का बजट शासन ने वापस कर लिया है। इससे अत्याचार उत्पीड़न आर्थिक सहायता योजना के 15 से अधिक लाभार्थी विभाग के चक्कर काटने को मजबूर हैं। आदर्श आचार संहिता के चलते स्वीकृत फाइलों को अभी दो माह तक और इंतजार करना होगा।
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योजना के तहत हत्या के मामले में 8.25 लाख रुपये की सहायता दी जाती है। दुष्कर्म की अलग-अलग धाराओं के अनुसार चार लाख तक की सहायता मिलती है। वहीं, अन्य मारपीट, गाली गलौज आदि मामलों में एक लाख तक की मदद दी जाती है। योजना के तहत जनपद में सात हत्या, 16 दुष्कर्म सहित 201 अन्य मामलों में विभाग 2.84 करोड़ की सहायता राशि भेजे जाने का दावा कर रहा है।
जिले में योजना के तहत 224 लाभार्थियों को 2.84 करोड़ की धनराशि आर्थिक सहायता के रूप में भेजी जा चुकी है। 37 लाख की धनराशि वापस ले ली गई है। करीब 15 फाइलों का भुगतान अभी नहीं हो सका है। जिसे चुनाव बाद ही कराया जाएगा। -रामशंकर पटेल, जिला समाज कल्याण अधिकारी, हमीरपुर