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बारिश ने खरीफ की फसलों को पहुंचाया नुुकसान
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हमीरपुर। चार दिनों से हो रही बारिश से लोगों को उमस व भीषण गर्मी से तो राहत मिली है, लेकिन खरीफ सीजन में सर्वाधिक बोई गई तिल की फसल में भारी नुकसान हुआ है। फसलों में अभी भी पानी भरा रहने से किसान चिंतित हैं। कृषि विभाग किसानों को फसल बीमा के जरिए होने वाले नुकसान की भरपाई को लेकर जागरूक कर रहा है। बीते वर्ष की अपेक्षा खरीफ अभियान में 11 हजार से अधिक किसानों का फसल बीमा कराया गया है।
इस बार खरीफ में 43 हजार किसान फसल बीमा करा चुके हैं। इन किसानों में 1059 ने फसल खराब होने पर संबंधित बीमा कंपनी पर दावा ठोंका। इनमें अभी तक हुए सर्वे में 815 किसानों को क्लेम के लिए पात्र पाया गया है। इन किसानों को फसल बीमा का लाभ मिलेगा। वहीं मौसम वैज्ञानिक के अनुसार अगले दो से तीन दिनों तक बादल छाए रहेंगे। वहीं हल्की व मध्यम बारिश होने की संभावना है।
पत्योरा निवासी किसान छोटेलाल निषाद ने बताया करीब दो हेक्टेयर में तिल की फसल बोई थी। जो भारी बारिश के चलते पूरी फसल चौपट हो गई। जिसमें लाखों रुपये की क्षति हुई है। आर्यावर्त बैंक से केसीसी बना है। कहा कि बीमा कंपनी को दावा करेंगे। समय से सर्वे होने और सारी कागजी कार्यवाही पूरी होनी चाहिए। जिससे किसानों को समय से मुआवजा मिल जाए।
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देवगांव निवासी सुरेंद्र सिंह ने बताया आठ बीघे में खड़ी तिल की फसल बारिश में सड़ गई है। इस वर्ष अच्छी बारिश से तिल फसल को भारी नुकसान हुआ है। कहा अकेले उनके गांव में करीब पांच सौ एकड़ में तिल फसल बोई गई थी। जो अधिकांश नष्ट हो चुकी है। कहा, सरकार को जमीनी सर्वे कराना चाहिए। जिससे किसानों को फसल नुकसान का मुआवजा मिल सके।
अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री रहेगा
मौसम वैज्ञानिक डा. एसपी सोनकर ने बताया दो से तीन दिनों तक बादल छाए रहेंगे। वहीं कहीं हल्की व कहीं मध्यम बारिश होने की संभावना है। अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री व न्यूनतम 27 से 28 डिग्री तक रहने की संभावना है। कहा किसान फसलों की सही से देखभाल करें। फसलों में उगे खरपतवार को उखाड़ कर नष्ट कर दें। खेतों में जलभराव होने पर पानी फसल से बाहर निकाल दें।
जिले में करीब 45 हजार हेक्टेयर में किसानों ने तिल की फसलें बो रखी हैं। इसके अलावा मूंग, मूंगफली, उड़द जैसी फसलें हैं। कहा इस वर्ष अत्यधिक बारिश ने फसलों को नुकसान हुआ है। जिले में इस बार सर्वाधिक 43 हजार किसानों ने फसल बीमा कराया है। 1059 किसानों ने फसल नुकसान पर बीमा क्लेम का दावा किया। इनमें 815 क्लेम सर्वे के बाद स्वीकृत कर लिए गए हैं। फसलों का सर्वे जारी है। बीमित किसानों को फसल का मुआवजा दिलाया जाएगा। -डा. सरस कुमार तिवारी, उप कृषि निदेशक
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इस बार खरीफ में 43 हजार किसान फसल बीमा करा चुके हैं। इन किसानों में 1059 ने फसल खराब होने पर संबंधित बीमा कंपनी पर दावा ठोंका। इनमें अभी तक हुए सर्वे में 815 किसानों को क्लेम के लिए पात्र पाया गया है। इन किसानों को फसल बीमा का लाभ मिलेगा। वहीं मौसम वैज्ञानिक के अनुसार अगले दो से तीन दिनों तक बादल छाए रहेंगे। वहीं हल्की व मध्यम बारिश होने की संभावना है।
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पत्योरा निवासी किसान छोटेलाल निषाद ने बताया करीब दो हेक्टेयर में तिल की फसल बोई थी। जो भारी बारिश के चलते पूरी फसल चौपट हो गई। जिसमें लाखों रुपये की क्षति हुई है। आर्यावर्त बैंक से केसीसी बना है। कहा कि बीमा कंपनी को दावा करेंगे। समय से सर्वे होने और सारी कागजी कार्यवाही पूरी होनी चाहिए। जिससे किसानों को समय से मुआवजा मिल जाए।
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देवगांव निवासी सुरेंद्र सिंह ने बताया आठ बीघे में खड़ी तिल की फसल बारिश में सड़ गई है। इस वर्ष अच्छी बारिश से तिल फसल को भारी नुकसान हुआ है। कहा अकेले उनके गांव में करीब पांच सौ एकड़ में तिल फसल बोई गई थी। जो अधिकांश नष्ट हो चुकी है। कहा, सरकार को जमीनी सर्वे कराना चाहिए। जिससे किसानों को फसल नुकसान का मुआवजा मिल सके।
अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री रहेगा
मौसम वैज्ञानिक डा. एसपी सोनकर ने बताया दो से तीन दिनों तक बादल छाए रहेंगे। वहीं कहीं हल्की व कहीं मध्यम बारिश होने की संभावना है। अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री व न्यूनतम 27 से 28 डिग्री तक रहने की संभावना है। कहा किसान फसलों की सही से देखभाल करें। फसलों में उगे खरपतवार को उखाड़ कर नष्ट कर दें। खेतों में जलभराव होने पर पानी फसल से बाहर निकाल दें।
जिले में करीब 45 हजार हेक्टेयर में किसानों ने तिल की फसलें बो रखी हैं। इसके अलावा मूंग, मूंगफली, उड़द जैसी फसलें हैं। कहा इस वर्ष अत्यधिक बारिश ने फसलों को नुकसान हुआ है। जिले में इस बार सर्वाधिक 43 हजार किसानों ने फसल बीमा कराया है। 1059 किसानों ने फसल नुकसान पर बीमा क्लेम का दावा किया। इनमें 815 क्लेम सर्वे के बाद स्वीकृत कर लिए गए हैं। फसलों का सर्वे जारी है। बीमित किसानों को फसल का मुआवजा दिलाया जाएगा। -डा. सरस कुमार तिवारी, उप कृषि निदेशक