फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hamirpur News ›   Administration is busy in searching the records, new facts are coming to the fore

Hamirpur News: अभिलेख खंगालने में जुटा प्रशासन, नए तथ्य आ रहे सामने

Mon, 05 May 2025 11:50 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर Updated Mon, 05 May 2025 11:50 PM IST
विज्ञापन
Administration is busy in searching the records, new facts are coming to the fore
हमीरपुर। मुख्यालय स्थित डीएम बंगला व उससे जुड़ी 58.14 एकड़ जमीन के कागजों में हेराफेरी के मामले में प्रशासनिक अधिकारी और अभिलेख खंगालने में जुटे है। हेराफेरी करने वालों ने इस कृषि योग्य जमीन का न केवल अकृषक भूमि में अंकन कराया। बल्कि चकबंदी प्रक्रिया में भी इसे शामिल किया गया। सदर एसडीएम द्वारा मामले में बीते 26 अप्रैल को तत्कालीन एसडीएम समेत 13 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विज्ञापन

ब्रिटिश सरकार द्वारा जब्त की गई क्रांतिकारी माधवराव व नारायणराव की कोठी व इससे जुड़ी संपत्ति पर उनके उत्तराधिकारी जगदीश सिंघल व डॉ. चंद्रमाेहन सिंघल ने अपना दावा किया था। वर्ष 1964 में कृषि योग्य भूमि अधिकारियों व कर्मचारियों की मिली भगत से अकृषक भूमि दर्ज करा लिया गया। साथ ही जमीन के कुछ हिस्से के अधिग्रहण पर लोनिवि से 12.03 लाख रुपये ब्याज समेत मुआवजा प्राप्त किया गया। विपक्षियों द्वारा जमीन पर कब्जा पाने के लिए सिविल वाद दायर किया गया। इसमें कैसर-ए -हिंद में दर्ज इस जमीन के कागजात सरकार की ओर से पैरवी करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों ने न्यायालय में पेश नहीं किए, बल्कि इसके विपरीत गलत तथ्यों को स्वीकार किया गया। मामले की जांच को वर्ष 2024 में डीएम घनश्याम मीना द्वारा बनाई गई छह सदस्यीय समिति ने इसका खुलासा किया। इसके बाद प्रशासन की ओर से हाईकोर्ट में प्रति शपथ पत्र पेश किया गया। साथ ही सदर एसडीएम सुक्रमा प्रसाद विश्वकर्मा ने बीते 26 अप्रैल को सदर कोतवाली में सदर तहसील में कार्यरत रहे तत्कालीन एसडीएम विजय कुमार गुप्ता, तत्कालीन तहसीलदार, तत्कालीन नायब तहसीलदार जैनेंद्र सिंह और सदर लेखपाल राजकिशोर और विपक्षीगणों जनपद कानपुर के स्वरुप नगर निवासी रमेश कुमार सिंघल, जानकीशरण सिंघल, राधारमण सिंघल , तिलकनगर पूर्वी कानपुर निवासी प्रकाश मोहन सिंघल, वाराणसी निवासी सूर्यनारायण, लखनऊ निवासी विवेक कुमार, शहर के रमेड़ी निवासी विशाल सिंघल, हिमांशु सिंघल, आनंदेश्वर अग्रवाल कुल 13 लोगों पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसकी जांच के लिए पांच सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है। वहीं जिलाधिकारी के निर्देशन में प्रशासनिक अधिकारी मामले से जुड़े और अभिलेख खंगालने में जुटे है।
विज्ञापन

जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने बताया कि जमीन का पहले कृषि भूमि से अकृषक दर्ज कराया गया। इसके बाद इस जमीन पर चकबंदी प्रक्रिया भी की गई। बताया कि अभिलेख खंगालने में और भी कई बड़े तथ्य सामने आएंगे। वहीं एसपी द्वारा गठित की गई टीम अभिलेख जुटा रही है। सीओ राजेश कमल ने बताया कि पहले साक्ष्य संकलन के साथ एसडीएम सदर के बयान दर्ज होने के बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed