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Hamirpur News: एडी बेसिक के आदेश को ठेंगा दिखाने पर एबीएसए को नोटिस
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हमीरपुर। मंडलीय समन्वयक के निरीक्षण में मई माह में कैथी गांव के कंपोजिट विद्यालय में मध्याह्न भोजन योजना में अनियमितताएं पाई गई थीं। जांच आख्या के आधार पर मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक ने प्रभारी प्रधानाध्यापक के वेतन आहरण पर रोक लगाई थी। उच्चाधिकारियों के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए जिम्मेदारों ने वेतन रोकना जरूरी नहीं समझा। अमर उजाला ने मामले को 14 जुलाई के अंक में प्रकाशित किया। बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारी को नोटिस जारी किया है।
मंडलीय समन्वयक (मध्याह्न भोजन योजना) ने 16 मई को कंपोजिट विद्यालय कैथी, प्राथमिक विद्यालय पारारेपुरा और उच्च प्राथमिक विद्यालय पारारेपुरा का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण में कैथी कंपोजिट विद्यालय में खाद्यान्न उपलब्ध नहीं मिला जबकि मध्याह्न भोजन पंजिका में करीब 1500 किलोग्राम खाद्यान्न शेष दर्शाया गया था।
विद्यालयों में परिवर्तन लागत भी उपलब्ध नहीं पाई गई। कैथी में केवल 49 छात्र उपस्थित मिले थे जबकि पूर्व दिनों की पंजिका में 300 से 350 छात्रों की उपस्थिति दर्ज थी। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि उपस्थिति पंजिका समय पर नहीं भरी जा रही थी और मध्याह्न भोजन ग्रहण करने वाले बच्चों का अंकन भी नहीं किया गया था।
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आख्या रिपोर्ट के आधार पर मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक ने प्रथम दृष्टया इसे फर्जी उपस्थिति दर्ज कर खाद्यान्न एवं वित्तीय अनियमितता का मामला मानते हुए प्रभारी प्रधानाध्यापक राजेश कुमार के वेतन आहरण पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगाने का आदेश जारी किया था। जिला स्तर पर आदेश का क्रियान्वयन कराने के लिए तत्कालीन बीएसए ने भी आदेश जारी कर दिया था लेकिन आदेशों का ब्लॉक स्तर पर अनुपालन नहीं किया गया और प्रभारी प्रधानाध्यापक का मई और जून माह का वेतन जारी कर दिया गया था। मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया।
इसका संज्ञान लेकर बीते माह ही चार्ज लेने वाले बीएसए मुकेश खरवार ने खंड शिक्षाधिकारी को नोटिस दिया है। इसी के साथ आदेश दिया है कि उच्चाधिकारियों के आदेशों का प्राथमिकता के आधार पर अनुपालन करें।
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मंडलीय समन्वयक (मध्याह्न भोजन योजना) ने 16 मई को कंपोजिट विद्यालय कैथी, प्राथमिक विद्यालय पारारेपुरा और उच्च प्राथमिक विद्यालय पारारेपुरा का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण में कैथी कंपोजिट विद्यालय में खाद्यान्न उपलब्ध नहीं मिला जबकि मध्याह्न भोजन पंजिका में करीब 1500 किलोग्राम खाद्यान्न शेष दर्शाया गया था।
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विद्यालयों में परिवर्तन लागत भी उपलब्ध नहीं पाई गई। कैथी में केवल 49 छात्र उपस्थित मिले थे जबकि पूर्व दिनों की पंजिका में 300 से 350 छात्रों की उपस्थिति दर्ज थी। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि उपस्थिति पंजिका समय पर नहीं भरी जा रही थी और मध्याह्न भोजन ग्रहण करने वाले बच्चों का अंकन भी नहीं किया गया था।
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आख्या रिपोर्ट के आधार पर मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक ने प्रथम दृष्टया इसे फर्जी उपस्थिति दर्ज कर खाद्यान्न एवं वित्तीय अनियमितता का मामला मानते हुए प्रभारी प्रधानाध्यापक राजेश कुमार के वेतन आहरण पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगाने का आदेश जारी किया था। जिला स्तर पर आदेश का क्रियान्वयन कराने के लिए तत्कालीन बीएसए ने भी आदेश जारी कर दिया था लेकिन आदेशों का ब्लॉक स्तर पर अनुपालन नहीं किया गया और प्रभारी प्रधानाध्यापक का मई और जून माह का वेतन जारी कर दिया गया था। मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया।
इसका संज्ञान लेकर बीते माह ही चार्ज लेने वाले बीएसए मुकेश खरवार ने खंड शिक्षाधिकारी को नोटिस दिया है। इसी के साथ आदेश दिया है कि उच्चाधिकारियों के आदेशों का प्राथमिकता के आधार पर अनुपालन करें।