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गलियों में गंदा पानी बहता देख जताई नाराजगी
Hamirpur
Updated Sat, 13 Dec 2014 05:30 AM IST
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नेशनल लेबर मॉनीटर टीम ने मनरेगा की जानी हकीकत
राठ। केंद्र सरकार की योजनाओं को धरातल पर देखने के लिए आई नेशनल लेबल मॉनीटर टीम ने विकास खंड के बरेल और सैदपुर गांव मनरेगा से हुए कार्यों की हकीकत जानी। गांव के रास्तों में पानी बहने पर नाराजगी जता नाली बनवाने के निर्देश दिए। टीम के मुखिया जेपी पंत ने सैदपुर गांव के जूनियर विद्यालय में चौपाल लगाकर समस्याएं सुनीं।
टीम ने सबसे पहले आंगनबाड़ी कार्यकत्री महबूब निशा को बुलाकर पूछा क्या आंगनबाड़ी के माध्यम से गांव की महिलाओें और बच्चों को क्या शिक्षा दी जा रही है। इसकी जानकारी ली। फिर उन्होंने कहा कि गांव में 55 फीसदी शौचालय बने हैं। कितने लोग शौचालयों का उपयोग करते हैं। चौपाल में बैठी कुछ महिलाओं ने बताया कि वह बाहर शौच को जाती है। तब जेपी पंत ने कहा कि शौचालयों का प्रयोग करें। उन्होंने गांव में तैनात सफाई कर्मचारी को बुलाकर ग्रामीणों से पूछा सफाई होती है या नहीं। इस पर ग्रामीणों ने बताया कि सफाई होती है। चौपाल के दौरान आशा बहू राजकुमारी और एएनएम नदारत रही। इस पर जेपी पंत ने नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि गांव में 100 फीसदी शौचालय बनने पर एनजीपी अवार्ड से सम्मानित हो सकता है। इस अवार्ड में गांव को 50 हजार रुपये भारत सरकार से दिए जाते हैं। हैंडपंपों की प्रगति आख्या पर 63 हैंडपंपों में 6 हैंडपंप खराब मिले। उन्होंने जलनिगम के अधिकारियों को ठीक करने के निर्देश दिए। वृद्धावस्था, विकलांग और विधवा पेंशन को लेकर उन्होंने कहा कि अप्रैल से पेंशन ट्रांसफर नहीं हुई। फिर चार आवास देख विमला अनुरागी, गनसी उर्फ आशारानी, दरसी अहिरवार और सीता अहिरवार के आवास देखे। जिन्हें देख जेपी पंत संतुष्ट नजर आए। इस दौरान बीडीओ तुलसीराम कबीर, ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि महेंद्र लोधी, सचिव अनूप शर्मा, जेई मनोज द्विवेदी सहित अधिकारी और ग्रामीण रहे।
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राठ। केंद्र सरकार की योजनाओं को धरातल पर देखने के लिए आई नेशनल लेबल मॉनीटर टीम ने विकास खंड के बरेल और सैदपुर गांव मनरेगा से हुए कार्यों की हकीकत जानी। गांव के रास्तों में पानी बहने पर नाराजगी जता नाली बनवाने के निर्देश दिए। टीम के मुखिया जेपी पंत ने सैदपुर गांव के जूनियर विद्यालय में चौपाल लगाकर समस्याएं सुनीं।
टीम ने सबसे पहले आंगनबाड़ी कार्यकत्री महबूब निशा को बुलाकर पूछा क्या आंगनबाड़ी के माध्यम से गांव की महिलाओें और बच्चों को क्या शिक्षा दी जा रही है। इसकी जानकारी ली। फिर उन्होंने कहा कि गांव में 55 फीसदी शौचालय बने हैं। कितने लोग शौचालयों का उपयोग करते हैं। चौपाल में बैठी कुछ महिलाओं ने बताया कि वह बाहर शौच को जाती है। तब जेपी पंत ने कहा कि शौचालयों का प्रयोग करें। उन्होंने गांव में तैनात सफाई कर्मचारी को बुलाकर ग्रामीणों से पूछा सफाई होती है या नहीं। इस पर ग्रामीणों ने बताया कि सफाई होती है। चौपाल के दौरान आशा बहू राजकुमारी और एएनएम नदारत रही। इस पर जेपी पंत ने नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि गांव में 100 फीसदी शौचालय बनने पर एनजीपी अवार्ड से सम्मानित हो सकता है। इस अवार्ड में गांव को 50 हजार रुपये भारत सरकार से दिए जाते हैं। हैंडपंपों की प्रगति आख्या पर 63 हैंडपंपों में 6 हैंडपंप खराब मिले। उन्होंने जलनिगम के अधिकारियों को ठीक करने के निर्देश दिए। वृद्धावस्था, विकलांग और विधवा पेंशन को लेकर उन्होंने कहा कि अप्रैल से पेंशन ट्रांसफर नहीं हुई। फिर चार आवास देख विमला अनुरागी, गनसी उर्फ आशारानी, दरसी अहिरवार और सीता अहिरवार के आवास देखे। जिन्हें देख जेपी पंत संतुष्ट नजर आए। इस दौरान बीडीओ तुलसीराम कबीर, ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि महेंद्र लोधी, सचिव अनूप शर्मा, जेई मनोज द्विवेदी सहित अधिकारी और ग्रामीण रहे।
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