{"_id":"43-207572","slug":"Hamirpur-207572-43","type":"story","status":"publish","title_hn":"अस्पताल में अंधेरा, नहीं हो सके नसबंदी आपरेशन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अस्पताल में अंधेरा, नहीं हो सके नसबंदी आपरेशन
Hamirpur
Updated Wed, 26 Nov 2014 05:30 AM IST
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भरुआसुमेरपुर (हमीरपुर)। नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हाई वोल्टेज के आने से बिजली की वायरिंग जल गई। जिससे यहां अंधेरा हो गया। मंगलवार को आयोजित नसबंदी शिविर में महिलाओं के आपरेशन नहीं हो सके । इससे महिलाओं में खासी नाराजगी रही।
नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सोमवार की रात वायरिंग में हुई स्पार्किंग से मीटर सहित अस्पताल की पूरी वायरिंग जल गई। इससे पूरे अस्पताल में अंधेरा छा गया। पहले से ही जोड़ तोड़ के चलाई जा रही व्यवस्था अब बिल्कुल धड़ाम हो गई है। मंगलवार को यहां नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया था। नसबंदी कराने के लिए 15 महिलाओं ने पहले ही अपना रजिस्ट्रेशन करा लिया था। मगर प्रकाश व्यवस्था न होने के कारण आधा दर्जन से ज्यादा महिलाओं की नसबंदी आपरेशन चिकित्सक नहीं कर सके। फलस्वरूप बाकी महिलाओं को वापस लौटना पड़ा। आपरेशन टीम के डॉ. आशुतोष मिश्रा, डॉ. परवेज कादिरी, स्टाफ नर्स दीप्ति चंदेल, एएनएम लीलावती यादव, फार्मसिस्ट शैलेंद्र गुप्ता ने बताया कि मजदूरी में महिलाओं को वापस करना पड़ा है। क्योंकि आपरेशन रूम में प्रकाश की कोई व्यवस्था नहीं थी। आपरेशन टीम कोई रिक्स नहीं उठाना चाहती थी।
जमकर बरसीं एएनएम
परिवार नियोजन अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों से महिलाओं को आपरेशन के लिए लेकर आई जिन एएनएम को आपरेशन कराने में सफलता नहीं मिली। वह अस्पताल प्रशासन पर जमकर बरसी। कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आपरेशन के लिए महिलाओं को तैयार करना टेढ़ी खीर है। उन्हें सरकारी योजनाओं का लालच देकर मनाकर यहां लाई थी। मगर आपरेशन न होने से वापस लौटना पड़ रहा है।
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नहीं आए डिप्टी सीएमओ
भरुआसुमेरपुर। नसबंदी शिविर के दौरान यहां के प्रभारी डिप्टी सीएमओ डा.रामऔतार नदारत रहे। स्थानीय स्टाफ आपरेशन का कार्य अपनी देखरेख में करा रहा था। प्रभारी के न होने का मलाल स्टाफ से लेकर सभी को सता रहा था।
ओपीडी चलाने में आई दिक्कत
नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जगह की कमी के कारण मंगलवार को ओपीडी चलाने में दिक्कत का सामना करना पड़ा। दो बजे पर्चे बनना बंद हो गए। उसके बावजूद यहां मरीजों की लंबी लाइन लगी हुई थी। मरीजों ने बताया कि मरीजों की संख्या को देखते हुए यहां सीएचसी बनाए जाने की सख्त जरूरत है।
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नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सोमवार की रात वायरिंग में हुई स्पार्किंग से मीटर सहित अस्पताल की पूरी वायरिंग जल गई। इससे पूरे अस्पताल में अंधेरा छा गया। पहले से ही जोड़ तोड़ के चलाई जा रही व्यवस्था अब बिल्कुल धड़ाम हो गई है। मंगलवार को यहां नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया था। नसबंदी कराने के लिए 15 महिलाओं ने पहले ही अपना रजिस्ट्रेशन करा लिया था। मगर प्रकाश व्यवस्था न होने के कारण आधा दर्जन से ज्यादा महिलाओं की नसबंदी आपरेशन चिकित्सक नहीं कर सके। फलस्वरूप बाकी महिलाओं को वापस लौटना पड़ा। आपरेशन टीम के डॉ. आशुतोष मिश्रा, डॉ. परवेज कादिरी, स्टाफ नर्स दीप्ति चंदेल, एएनएम लीलावती यादव, फार्मसिस्ट शैलेंद्र गुप्ता ने बताया कि मजदूरी में महिलाओं को वापस करना पड़ा है। क्योंकि आपरेशन रूम में प्रकाश की कोई व्यवस्था नहीं थी। आपरेशन टीम कोई रिक्स नहीं उठाना चाहती थी।
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जमकर बरसीं एएनएम
परिवार नियोजन अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों से महिलाओं को आपरेशन के लिए लेकर आई जिन एएनएम को आपरेशन कराने में सफलता नहीं मिली। वह अस्पताल प्रशासन पर जमकर बरसी। कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आपरेशन के लिए महिलाओं को तैयार करना टेढ़ी खीर है। उन्हें सरकारी योजनाओं का लालच देकर मनाकर यहां लाई थी। मगर आपरेशन न होने से वापस लौटना पड़ रहा है।
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नहीं आए डिप्टी सीएमओ
भरुआसुमेरपुर। नसबंदी शिविर के दौरान यहां के प्रभारी डिप्टी सीएमओ डा.रामऔतार नदारत रहे। स्थानीय स्टाफ आपरेशन का कार्य अपनी देखरेख में करा रहा था। प्रभारी के न होने का मलाल स्टाफ से लेकर सभी को सता रहा था।
ओपीडी चलाने में आई दिक्कत
नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जगह की कमी के कारण मंगलवार को ओपीडी चलाने में दिक्कत का सामना करना पड़ा। दो बजे पर्चे बनना बंद हो गए। उसके बावजूद यहां मरीजों की लंबी लाइन लगी हुई थी। मरीजों ने बताया कि मरीजों की संख्या को देखते हुए यहां सीएचसी बनाए जाने की सख्त जरूरत है।