{"_id":"43-147040","slug":"Hamirpur-147040-43","type":"story","status":"publish","title_hn":"रक्षा सूत्र बांध लिया रक्षा का वचन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रक्षा सूत्र बांध लिया रक्षा का वचन
Hamirpur
Updated Wed, 21 Aug 2013 05:34 AM IST
विज्ञापन
राठ/कुरारा(हमीरपुर)। मंगलवार को एक दिन पहले भाई बहिन के बीच असीम प्रेम का त्योहार रक्षाबंधन स्कूलों में मनाया गया। विभिन्न कार्यक्रमों के बाद विद्यालय की बहिनों ने भैयाओं के हाथों में रक्षा सूत्र बांध रक्षा का वचन लिया।
सरस्वती शिशु मंदिर, बाल मंदिर एवं सुमन भारती सरस्वती बालिका विद्यालय में मंगलवार को रक्षाबंधन पर्व मनाया गया। प्रधानाचार्य शिवबालक प्रजापति ने बच्चों को पर्व का महत्व बताया। कहा कि द्रोपदी ने भगवान कृष्ण को राखी बांधी थी। जुआ में द्रोपदी को हारने के बाद जब कौरवों ने द्रोपदी को वस्त्र विहीन करना चाहा तो भगवान कृष्ण ने उनकी रक्षा की। शिक्षक कैलाशनाथ शुक्ला ने कहा कि मेवाड़ की रानी कर्मवती पर जब अलाउद्दीन खिलजी ने आक्रमण किया तब रानी ने अपने राज्य की रक्षा के लिए दिल्ली के सुल्तान हुमायू को राखी भेजी थी। हुमायू ने अपनी सेना भेज भाई का धर्म निभाया था। सरस्वती बाल मंदिर के प्रधानाचार्य शारदादीन यादव ने कहा कि भगवान वामन ने राजा बलि को रक्षा सूत्र बांध रक्षा का वचन दिया था। रक्षा सूत्र बांधने की परम्परा आज भी चली आ रही है। कार्यक्रम के बाद विद्यालय के बच्चों को प्रसाद वितरण किया गया। हीरालाल, हरगोविंद, दिनेश, नंदकिशोर आदि शिक्षक रहे।
कुरारा प्रतिनिधि के अनुसार विकासखंड क्षेत्र के कुसमरा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में छात्र छात्राओं ने पर्व मनाया। प्रधानाध्यापक जितेंद्र कुमार ने बताया कि सावन की पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन मनाते हैं। उन्होंने रानी कर्मवती व हुमायू की कहानी बताई। पूर्व माध्यमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका गोमती देवी ने द्रोपदी व भगवान श्रीकृष्ण की महाभारत काल की कहानी का उल्लेख किया। विद्यालय परिवार की बहनों ने सभी भाइयों को राखी बांधकर मुंह मीठा कराया और उनके धर्म एवं कर्तव्य का बोध कराया। कार्यक्रम में प्राथमिक विद्यालय भैंसपुरा के इंचार्ज प्रधानाध्यापक अमित कुमार, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष बीरेंद्र सोनकर आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सरस्वती शिशु मंदिर, बाल मंदिर एवं सुमन भारती सरस्वती बालिका विद्यालय में मंगलवार को रक्षाबंधन पर्व मनाया गया। प्रधानाचार्य शिवबालक प्रजापति ने बच्चों को पर्व का महत्व बताया। कहा कि द्रोपदी ने भगवान कृष्ण को राखी बांधी थी। जुआ में द्रोपदी को हारने के बाद जब कौरवों ने द्रोपदी को वस्त्र विहीन करना चाहा तो भगवान कृष्ण ने उनकी रक्षा की। शिक्षक कैलाशनाथ शुक्ला ने कहा कि मेवाड़ की रानी कर्मवती पर जब अलाउद्दीन खिलजी ने आक्रमण किया तब रानी ने अपने राज्य की रक्षा के लिए दिल्ली के सुल्तान हुमायू को राखी भेजी थी। हुमायू ने अपनी सेना भेज भाई का धर्म निभाया था। सरस्वती बाल मंदिर के प्रधानाचार्य शारदादीन यादव ने कहा कि भगवान वामन ने राजा बलि को रक्षा सूत्र बांध रक्षा का वचन दिया था। रक्षा सूत्र बांधने की परम्परा आज भी चली आ रही है। कार्यक्रम के बाद विद्यालय के बच्चों को प्रसाद वितरण किया गया। हीरालाल, हरगोविंद, दिनेश, नंदकिशोर आदि शिक्षक रहे।
विज्ञापन
कुरारा प्रतिनिधि के अनुसार विकासखंड क्षेत्र के कुसमरा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में छात्र छात्राओं ने पर्व मनाया। प्रधानाध्यापक जितेंद्र कुमार ने बताया कि सावन की पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन मनाते हैं। उन्होंने रानी कर्मवती व हुमायू की कहानी बताई। पूर्व माध्यमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका गोमती देवी ने द्रोपदी व भगवान श्रीकृष्ण की महाभारत काल की कहानी का उल्लेख किया। विद्यालय परिवार की बहनों ने सभी भाइयों को राखी बांधकर मुंह मीठा कराया और उनके धर्म एवं कर्तव्य का बोध कराया। कार्यक्रम में प्राथमिक विद्यालय भैंसपुरा के इंचार्ज प्रधानाध्यापक अमित कुमार, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष बीरेंद्र सोनकर आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन