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एकल खिड़की बंद करा तहसीलदार को घेरा
Hamirpur
Updated Fri, 25 Jan 2013 05:30 AM IST
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मौदहा (हमीरपुर)। एकल खिड़की संचालन के विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरूवार को अधिवक्ताओं ने पुन: नारेबाजी करते हुए एकल खिड़की का संचालन बंद करा दिया। साथ ही तहसीलदार का घेराव किया। वहीं इससे उत्तेजित कर्मचारी भी लामबंद होकर रोजाना हो रहे इस हंगामे के लिए पूरे दिन डटे रहे। इस मामले की सूचना पर मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी मनोज कुमार पांडेय व पुलिस बल सहित कोतवाल ने एकल खिड़की का संचालन शुरू कराया। बाद में अधिवक्ता संघ ने जिलाधिकारी सहित अधिवक्ता संघ हमीरपुर, राठ व सरीला को स्थिति से अवगत कराया और समस्याओं को शांतिपूर्ण समाधान के लिए सहयोग की अपील की।
गुरूवार को जैसे ही एकल खिड़की का संचालन हुआ। तभी अधिवक्ताओं का एक बड़ा समूह प्रदर्शन करते हुए एकल खिड़की को बंद कराने के लिए पहुंच गया। इस बीच तहसीलदार जगदीश पटेल ने व्यवस्था संभालने की कोशिश की। इस पर अधिवक्ताओं ने उनका घेराव कर लिया। बाद में कुछ अधिवक्ताओं ने स्थिति बिगड़ते देख वकीलों को वहां से हटवाया। इस घटना की सूचना मिलते ही मतदाता दिवस में गांधी विद्यालय गए उपजिलाधिकारी मनोज कुमार भी वहां पहुंच गए। कोतवाली प्रभारी एके सिंह भी पुलिस बल सहित तहसील पहुंचे और इस एकल खिड़की का संचालन शुरू करा दिया गया। इस घटना से उत्तेजित तहसील के सभी कर्मचारी लामबंद हो गए और तहसीलदार के बचाव में खड़े हो गए। कर्मचारी बेहद उत्तेजित थे और वह हर स्थिति से निपटने के लिए अपने को तैयार बता रहे थे। उपजिलाधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि अब तो हद हो गई और अब किसी तरीके की वार्ता उनके स्तर पर नही हो सकती। यदि कानून व्यवस्था बिगाड़ी गई तो वह ऐसे लोगों के विरूद्ध पुलिस में मामला भी दर्ज कराएंगे। उधर अधिवक्ता संघ की बैठक के बाद एक ज्ञापन भी तैयार किया गया। ज्ञापन में कहा गया है कि आय, जाति व निवास प्रमाण पत्रों में 10 रूपए के स्थान पर 25 रूपए वसूले जाना गरीब जनता का शोषण है। इसके अलावा सामान्य जाति प्रमाण पत्र निर्गत न करना व शपथ पत्र के बिना आवेदन न लेना है। साथ ही दाखिल खारिज के मुकदमों, हदबंदी व खतौनी की नकल आदि में भारी भ्रष्टाचार लेखपालों द्वारा किए जाने तथा एक लेखपाल द्वारा यहां मोहमदी तहसील बनाने की धमकियां देने संबंधित 9 सूत्रीय ज्ञापन जिसमें लेखपालों के नियुक्ति स्थानों पर न रहने का मामला है। ज्ञापन तहसील के अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों को भेजा गया है और साथ शांतिपूर्ण तरीके से समस्याओं को हल कराने की अपील की है।
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गुरूवार को जैसे ही एकल खिड़की का संचालन हुआ। तभी अधिवक्ताओं का एक बड़ा समूह प्रदर्शन करते हुए एकल खिड़की को बंद कराने के लिए पहुंच गया। इस बीच तहसीलदार जगदीश पटेल ने व्यवस्था संभालने की कोशिश की। इस पर अधिवक्ताओं ने उनका घेराव कर लिया। बाद में कुछ अधिवक्ताओं ने स्थिति बिगड़ते देख वकीलों को वहां से हटवाया। इस घटना की सूचना मिलते ही मतदाता दिवस में गांधी विद्यालय गए उपजिलाधिकारी मनोज कुमार भी वहां पहुंच गए। कोतवाली प्रभारी एके सिंह भी पुलिस बल सहित तहसील पहुंचे और इस एकल खिड़की का संचालन शुरू करा दिया गया। इस घटना से उत्तेजित तहसील के सभी कर्मचारी लामबंद हो गए और तहसीलदार के बचाव में खड़े हो गए। कर्मचारी बेहद उत्तेजित थे और वह हर स्थिति से निपटने के लिए अपने को तैयार बता रहे थे। उपजिलाधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि अब तो हद हो गई और अब किसी तरीके की वार्ता उनके स्तर पर नही हो सकती। यदि कानून व्यवस्था बिगाड़ी गई तो वह ऐसे लोगों के विरूद्ध पुलिस में मामला भी दर्ज कराएंगे। उधर अधिवक्ता संघ की बैठक के बाद एक ज्ञापन भी तैयार किया गया। ज्ञापन में कहा गया है कि आय, जाति व निवास प्रमाण पत्रों में 10 रूपए के स्थान पर 25 रूपए वसूले जाना गरीब जनता का शोषण है। इसके अलावा सामान्य जाति प्रमाण पत्र निर्गत न करना व शपथ पत्र के बिना आवेदन न लेना है। साथ ही दाखिल खारिज के मुकदमों, हदबंदी व खतौनी की नकल आदि में भारी भ्रष्टाचार लेखपालों द्वारा किए जाने तथा एक लेखपाल द्वारा यहां मोहमदी तहसील बनाने की धमकियां देने संबंधित 9 सूत्रीय ज्ञापन जिसमें लेखपालों के नियुक्ति स्थानों पर न रहने का मामला है। ज्ञापन तहसील के अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों को भेजा गया है और साथ शांतिपूर्ण तरीके से समस्याओं को हल कराने की अपील की है।
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