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बस पास नहीं, किराया देकर स्कूल पहुंच रहे विद्यार्थी
Updated Thu, 06 Jul 2017 12:08 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नादौन (हमीरपुर)। केंद्रीय विद्यालय नादौन के विद्यार्थियों को सरकारी बसों में निशुल्क यात्रा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्कूल प्रबंधन विद्यार्थियों के बस पास नहीं बना रहा है। बच्चों को निशुल्क यात्रा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। विद्यार्थियों और अभिभावकों में स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर रोष है। अभिभावकों में किशोरी लाल, चमन, मनोहर, कर्म चंद, रोशन लाल, जय चंद, विधि चंद, शकुंतला देवी, कमला, रेणू, सपना का कहना है कि स्कूल प्रबंधन उनके बच्चों के बस पास नहीं बनवा रहा है। इसके चलते बच्चों को निशुल्क बस यात्रा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। विद्यार्थियों को सरकारी बसों में किराया देकर स्कूल जाना पड़ रहा है। अभिभावकों का आरोप है कि समस्या कई बार स्कूल प्रबंधन को बताई है लेकिन प्रबंधन सभी बच्चों या उनके अभिभावकों को एक साथ बस पास बनवाने के लिए बुलाने का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ लेता है। अभिभावकों और विद्यार्थियों ने स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर रोष जताया है। मामले की शिकायत मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को भेजी है। प्रधानाचार्य एसके डोगरा का कहना है कि जब तक सभी बच्चे या अभिभावक इकट्ठे होकर नहीं आएंगे, ऐसा करना स्कूल प्रशासन के लिए संभव नहीं है।
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नादौन (हमीरपुर)। केंद्रीय विद्यालय नादौन के विद्यार्थियों को सरकारी बसों में निशुल्क यात्रा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्कूल प्रबंधन विद्यार्थियों के बस पास नहीं बना रहा है। बच्चों को निशुल्क यात्रा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। विद्यार्थियों और अभिभावकों में स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर रोष है। अभिभावकों में किशोरी लाल, चमन, मनोहर, कर्म चंद, रोशन लाल, जय चंद, विधि चंद, शकुंतला देवी, कमला, रेणू, सपना का कहना है कि स्कूल प्रबंधन उनके बच्चों के बस पास नहीं बनवा रहा है। इसके चलते बच्चों को निशुल्क बस यात्रा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। विद्यार्थियों को सरकारी बसों में किराया देकर स्कूल जाना पड़ रहा है। अभिभावकों का आरोप है कि समस्या कई बार स्कूल प्रबंधन को बताई है लेकिन प्रबंधन सभी बच्चों या उनके अभिभावकों को एक साथ बस पास बनवाने के लिए बुलाने का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ लेता है। अभिभावकों और विद्यार्थियों ने स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर रोष जताया है। मामले की शिकायत मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को भेजी है। प्रधानाचार्य एसके डोगरा का कहना है कि जब तक सभी बच्चे या अभिभावक इकट्ठे होकर नहीं आएंगे, ऐसा करना स्कूल प्रशासन के लिए संभव नहीं है।