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स्क्रैप को लेकर प्रधान और उपप्रधान आपसे में उलझे
Updated Fri, 14 Jul 2017 11:26 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जाहू (हमीरपुर)। भोरंज की ग्राम पंचायत धमरोल के प्रधान और सचिव ने बिना प्रस्ताव पास करवाए पंचायत घर का कबाड़ स्क्रैप बेच दिया है। पंचायत प्रधान और उपप्रधान में अब स्क्रैप को लेकर जंग छिड़ गई है। कबाड़ बेचने की सूचना पंचायत उपप्रधान और कई वार्ड सदस्यों को नहीं थी। कबाड़ बेचने की सूचना मिलते पर पंचायत उपप्रधान मौके पर पहुंचे तो आधा कबाड़ गाड़ी में भरा जा चुका था जबकि शेष पंचायत घर के आंगन में बिखरा पड़ा था। पंचायत उप प्रधान विपिन कुमार का आरोप है कि पंचायत के कोरम में पंचायत घर का कबाड़ बेचने को लेकर कोई प्रस्ताव पास नहीं हुआ। यहां तक कि पंचायत प्रधान ने पंचायत प्रतिनिधियों को भी कबाड़ बेचने को लेकर विश्वास में नहीं लिया। बिना प्रस्ताव या पंचायत प्रतिनिधियों विश्वास में लिए बिना ही पंचायत प्रधान ने कबाड़ बेच दिया। कबाड़ बेचने से पहले किसी कबाड़िये से कोटेशन भी नहीं ली गई। मामले को लेकर पंचायत घर में दोनों पक्षों में काफी विवाद रहा। पंचायत सचिव रविंद्र कुमार का कहना है कि पंचायत में इस बारे में प्रस्ताव नहीं डाला गया लेकिन नोटिस बोर्ड पर कबाड़ बेचने का नोटिस लगाया था।
पंचायत प्रधान विजय कुमार का कहना है कि पंचायत के कोरम में प्रस्ताव डाला है। कबाड़ नियमानुसार ही बेचा गया है। पंचायत उपप्रधान विपिन कुमार का कहना है कि पंचायत में प्रस्ताव डाले बिना और प्रतिनिधियों को विश्वास में लिए बिना कबाड़ बेचा गया है।
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जाहू (हमीरपुर)। भोरंज की ग्राम पंचायत धमरोल के प्रधान और सचिव ने बिना प्रस्ताव पास करवाए पंचायत घर का कबाड़ स्क्रैप बेच दिया है। पंचायत प्रधान और उपप्रधान में अब स्क्रैप को लेकर जंग छिड़ गई है। कबाड़ बेचने की सूचना पंचायत उपप्रधान और कई वार्ड सदस्यों को नहीं थी। कबाड़ बेचने की सूचना मिलते पर पंचायत उपप्रधान मौके पर पहुंचे तो आधा कबाड़ गाड़ी में भरा जा चुका था जबकि शेष पंचायत घर के आंगन में बिखरा पड़ा था। पंचायत उप प्रधान विपिन कुमार का आरोप है कि पंचायत के कोरम में पंचायत घर का कबाड़ बेचने को लेकर कोई प्रस्ताव पास नहीं हुआ। यहां तक कि पंचायत प्रधान ने पंचायत प्रतिनिधियों को भी कबाड़ बेचने को लेकर विश्वास में नहीं लिया। बिना प्रस्ताव या पंचायत प्रतिनिधियों विश्वास में लिए बिना ही पंचायत प्रधान ने कबाड़ बेच दिया। कबाड़ बेचने से पहले किसी कबाड़िये से कोटेशन भी नहीं ली गई। मामले को लेकर पंचायत घर में दोनों पक्षों में काफी विवाद रहा। पंचायत सचिव रविंद्र कुमार का कहना है कि पंचायत में इस बारे में प्रस्ताव नहीं डाला गया लेकिन नोटिस बोर्ड पर कबाड़ बेचने का नोटिस लगाया था।
पंचायत प्रधान विजय कुमार का कहना है कि पंचायत के कोरम में प्रस्ताव डाला है। कबाड़ नियमानुसार ही बेचा गया है। पंचायत उपप्रधान विपिन कुमार का कहना है कि पंचायत में प्रस्ताव डाले बिना और प्रतिनिधियों को विश्वास में लिए बिना कबाड़ बेचा गया है।
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