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राष्ट्रीय लोक अदालत में 3053 वादों का हुआ निस्तारण

Sat, 14 May 2022 11:48 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 14 May 2022 11:48 PM IST
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3053 cases dealt with mutual understanding
हमीरपुर। दीवानी न्यायालय परिसर में शनिवार को 3053 वादों का निस्तारण किया गया।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जिला जज डॉ. अनुपम गोयल ने राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ किया। राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी सुलह समझौता के आधार पर सौहार्दपूर्ण वातावरण में कराया गया। परिवार न्यायालय में आठ वादों का निस्तारण हुआ। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट से एक, विशेष न्यायाधीश, (आवअधि) से 59, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट से कुल 2045, सिविल जज सीवि से 24, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट से 125, सिविल जज जूडि हमीरपुर से 113, सिविल जज जूडि मौदहा से 218, सिविल जज जूडि राठ से 288, मोटर दावा अधिकरण से 57 कुल 3053 वाद निस्तारित किए गए। जिसमें 30650714 रुपये की धनराशि समझौते के रूप में प्राप्त हुई। इंडियन बैंक के डिप्टी एलडीएम सुनील कुमार यादव ने बताया कि समस्त बैंकों के कुल 15515 मामलों में 294 का निस्तारण हुआ।
1.70 लाख का लिया कर्ज हुआ 25 लाख
सरीला तहसील के ममना गांव से आए किसान शिवचरन ने बताया कि उसने वर्ष 1999 में एक लाख 70 हजार का केसीसी आर्यावर्त ग्रामीण बैंक से बनवाया था। जो अब बढ़कर करीब 25 लाख हो गया है। बताया कि प्रतिवर्ष सूखा व दैवीय आपदाओं व बीमारी के चलते बैंक कर्ज अदा नहीं कर सका है। लोक अदालत का नोटिस गया था। जिसपर आया था, लेकिन शाखा प्रबंधक के न आने के कारण वापस जा रहा हूं।
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रुपये कम होने के कारण नहीं हो सका समझौता
धौहल गांव निवासी किसान सुभाष ने बताया कि बैंक से वर्ष 2015-16 में 99 हजार का लोन कराया था। जो इस समय बढ़कर चार लाख 38 हजार हो गया है। बताया कि बैंक मैनेजर एक लाख 97 हजार में समझौता करने की बात कह रहे हैं। बताया कि घर में साल भर के खाने को दाना नहीं है। इतने पैसे कहां से लाए कुछ समझ में नहीं आता है।
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माफी योजना में माफ हुआ लोन बैंक वाले भेज रहे नोटिस
विकासखंड मुस्करा के उमरी गांव निवासी सैदी देवी लोक अदालत में नोटिस दिखाते हुए बताया कि पति ने कई वर्ष पूर्व इलाहाबाद बैंक से 40 के करीब कर्ज लिया था। जो पूर्व में आई माफी योजना में माफ हो चुका है। पति की मौत भी वर्ष 2016 में हो चुकी है। ऐसे में बैंक वाले रोज परेशान करते हैं। कहते हैं कि एक लाख 57 हजार रुपये जमा करो। समझ नहीं आता क्या करूं।
फोटो 14 एमएएचपी 09 परिचय-लोक अदालत में वादकारी से जानकारी लेते जिला जज।
लोक अदालत में 10,682 वाद सुलझे
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। जनपद न्यायालय व सभी तहसीलों में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें सुलह-समझौते के आधार पर 10,682 वादों का निस्तारण किया गया। अर्थदंड के रूप में 4,26,300 रुपये की धनराशि वसूली गई।

जनपद न्यायालय में आयोजित लोक अदालत का शुभारंभ जिजा जज देवेंद्र सिंह ने फीता काटकर किया। इस दौरान जिला जज ने वादकारियों से मामलों के निस्तारण की जानकारी ली। लोक अदालत में सिविल के 37, मोटर दुर्घटना प्रतिकर के सात, वैवाहिक मामलों के 40, एनआई एक्ट के नौ, बैंक ऋण से संबंधित 207, राजस्व के 8,391, विधुत अधिनियम के 29, लघु आपराधिक मामलों के 1,952 समेत 10,682 वादों का निस्तारण किया गया। उपभोक्ता फोरम ने तीन मामलों का निस्तारण किया। इस मौके पर प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय रूपेश रंजन, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण कें धनेंद्र प्रताप सिंह, अपर जिला जज प्रथम राजीव कुमार पालीवाल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अल्का चौधरी, विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अंशुमन धुन्ना आदि मौजूद रहे।
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