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नोटबंदी से 12 करोड़ का व्यापार प्रभावित
ब्यूरो, अमर उजाला हमीरपुर
Updated Wed, 23 Nov 2016 11:36 PM IST
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सुमेरपुर मंडी में पसरा सन्नाटा।
- फोटो : Amar ujala
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नोट बंदी के चलते गल्ला व्यापार धड़ाम हो गया है। जिंसों के भाव बढ़ने के बावजूद आवक घट गई है। जिससे नवंबर माह में मंडी समिति को करीब 19 लाख रुपये की क्षति हुई है। व्यापार करीब 12 करोड़ का प्रभावित हुआ है। नोटबंदी के बाद नई करेंसी लोगों को न मिल पाने से स्थिति बिगड़ रही है। गल्ला आढ़तियों के पास नगद रुपये न होने के कारण मंडी में आवक घट गई है। जिससे बिचौलिए, पल्लेदार व व्यापारियों के सामने संकट खड़ा हो गया है।
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बीते वर्ष नवंबर में 12 करोड़ 91 लाख का कारोबार हुआ था। जिसमें मंडी समिति को मंडी शुक्ल के रूप में 25.83 लाख रुपये मिले थे। साथ ही 20 हजार 73 क्विंटल खाद्यान्न आया था। इस वर्ष माह नवंबर में नोटबंदी का असर दिखाई दे रहा है। अभी तक सिर्फ 14370 क्विंटल खाद्यान्न आया है। इस पर मंडी समिति को आठ लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। बीते वर्ष की तुलना में इस वर्ष करीब 19 लाख रुपये का राजस्व कम हुआ है।
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हालांकि नवंबर माह खत्म होने में अभी एक हफ्ते का समय है। मंडी सचिव देवकुमार पोरवाल ने बताया कि नोटबंदी के चलते आढ़तियों के पास नगद भुगतान की समस्या है। इसी कारण मंडी में खाद्यान्न नहीं आ रहा है। उन्होंने बताया कि खाद्यान्न के रेटो में भी बढ़ोत्तरी हो गई है। इसके बावजूद किसान माल नहीं बेच रहे हैं। गल्ला व्यापारी कुंज बिहारी पांडेय ने बताया कि नोटबंदी के चलते बैंकों से भुगतान नहीं मिल पा रहा है। जिससे गल्ला व्यापार बुरी तरह प्रभावित है।
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