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Hamirpur News: अर्जुन सहायक नहर कटने से 100 बीघे फसल जलमग्न

Fri, 04 Sep 2026 11:49 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 04 Sep 2026 11:49 PM IST
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100 bighas of crops submerged due to a breach in the Arjun Sahayak Canal
फोटो 04 एचएएमपी-19: कपसा में नहर अंडरपास की गिरी रिटर्निंग वाल। संवाद
- सिसोलर के पास तीन से पांच मीटर तक कटी मुख्य नहर, गुणवत्ता पर उठाए सवाल
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- कपसा में अंडरपास की रिटेनिंग वाल भी दो माह में ढही, मौदहा-इचौली मार्ग बाधित


फोटो 04 एचएएमपी-19: कपसा में नहर अंडरपास की गिरी रिटर्निंग वाल। संवाद
फोटो 04 एचएएमपी-20: सिसोलर के पास कटी अर्जुन सहायक मुख्य नहर। संवाद
फोटो 04 एचएएमपी-21: नहर कटने के बाद पानी में डूबे खेत। संवाद



संवाद न्यूज एजेंसी

मौदहा (हमीरपुर)। लगातार हो रही बारिश के बीच अर्जुन सहायक नहर परियोजना की निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। बृहस्पतिवार रात कपसा, चांदी और सिसोलर के पास मुख्य नहर में कटान से आसपास के खेतों में पानी भर गया। इससे किसानों ने 100 बीघे से अधिक में तिल, उड़द, मूंग और ज्वार की फसल प्रभावित होने का दावा किया है। वहीं, शुक्रवार को कपसा गांव में करीब दो माह पहले बनाई गई नहर अंडरपास की रिटेनिंग वाल भी भरभराकर गिर गई। इससे मौदहा-इचौली मार्ग बाधित हो गया।

किसानों के मुताबिक बृहस्पतिवार से नहर में पानी ओवरफ्लो हो रहा था। रात में सिसोलर के पास मुख्य नहर कट गई और पानी नहर किनारे के खेतों में पहुंच गया। सिसोलर, खदरा, भुलसी और बढ़ई क्षेत्र के किसानों का कहना है कि लगातार बारिश से पहले ही खेतों में पानी भरा था। नहर का पानी पहुंचने से उनकी परेशानी और बढ़ गई।
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कपसा निवासी किसान छोटा ने बताया कि अंडरपास की रिटेनिंग वाल बनाते समय मसाला 15:1 के अनुपात में लगाया जा रहा था। ग्रामीणों ने निर्माण के दौरान ठेकेदार से बरसात में दीवार गिरने की आशंका जताई थी। किसान के अनुसार, ठेकेदार ने कथित तौर पर कहा था, तुम ज्यादा इंजीनियर न बनो। अब करीब दो माह बाद दीवार गिरने से ग्रामीण निर्माण की गुणवत्ता की जांच की मांग कर रहे हैं।
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पानी में डूब गई फसल
सिसोलर निवासी सुरेश गुप्ता ने बताया कि उनकी आठ बीघे तिल की फसल पानी में डूब गई है। माहेश्वरी दीन की तीन बीघे और सिपाही लाल की पांच बीघे तिल की फसल प्रभावित हुई है। पूर्व प्रधान विजय शंकर प्रजापति की पांच बीघे ज्वार की फसल भी जलमग्न हो गई। सेवाराम, राजा बाबू, महेश, जगदेव निषाद, सुरेंद्र गुप्ता और विमला यादव समेत अन्य किसानों ने भी फसल प्रभावित होने की बात कही है। फसल नुकसान के संबंध में एक्सईएन एसके सिंह ने बताया कि विभागीय कर्मचारियों ने मौके की स्थिति देखी है। उनके अनुसार नहर के पानी से बड़े पैमाने पर फसल नुकसान की स्थिति सामने नहीं आई है। कुछ किसानों ने ही इक्का-दुक्का फसल बोई थी। उन्होंने बताया कि अत्यधिक बारिश के कारण क्षेत्र में सामान्य रूप से खेतों में पानी भरा हुआ है। मामले में विभागीय रिपोर्ट भी मांगी गई है।
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फोटो 04 एचएएमपी-22- संतोष सिंह
खेत में भर गई नहर की पीली मिट्टी

चांदीकला निवासी किसान संतोष सिंह ने बताया कि नहर का पानी खेत में पहुंचने से नहर की पीली मिट्टी खेत में भर गई। पानी के बहाव में खेत की उपजाऊ मिट्टी भी बह गई है। इससे खेत की उर्वरता प्रभावित होने की आशंका है।
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फोटो 04 एचएएमपी-23- रामहेत।
नहर से सुविधा कम, मुसीबत ज्यादा
किसान रामहेत ने कहा कि नहर में जब भी पानी आया है, कहीं न कहीं से कटान हुआ और किसानों के खेतों में पानी भर गया। उनके अनुसार, यह नहर यहां के लोगों के लिए सुविधा कम, मुसीबत ज्यादा है।

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पहले भी सामने आ चुकी है जलभराव की समस्या
अर्जुन सहायक नहर के आसपास सिसोलर और गुसियारी क्षेत्र में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या पहले भी सामने आ चुकी है। अक्तूबर 2024 में जलनिकासी की समस्या के कारण करीब 100 बीघा भूमि जलमग्न हुई थी। जनवरी 2025 में भुलसी और बैजेमऊ क्षेत्र में नहर का पानी भरने से 100 बीघे से अधिक फसल प्रभावित हुई थी। कपसा में वर्ष 2025 में अंडरपास की विंगवाल भी क्षतिग्रस्त हुई थी।

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2655.35 करोड़ की परियोजना से 44,381 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई का लक्ष्य
अर्जुन सहायक परियोजना की शुरुआत वर्ष 2009-10 में हुई थी। इसकी संशोधित लागत 2655.35 करोड़ रुपये है। परियोजना से महोबा, हमीरपुर और बांदा के 168 गांवों की 44,381 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई क्षमता सृजित करने का लक्ष्य है। इसमें हमीरपुर की 12,201 हेक्टेयर भूमि शामिल है। परियोजना का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर 2021 को महोबा में किया था। किसानों ने क्षतिग्रस्त नहर की तत्काल मरम्मत कराने, खेतों से पानी निकलवाने, रिटर्निंग वाल के निर्माण की तकनीकी जांच कराने और फसल नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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वर्जन
अत्यधिक बारिश से चारों तरफ पानी भरा है। बारिश शुरू होने से पहले ही नहर बंद करा दी गई थी। सिसोलर के पास करीब तीन से पांच मीटर नहर क्षतिग्रस्त हुई है, जिसकी मरम्मत कराई जा रही है। कपसा अंडरपास की रिटर्निंग वाल का दोबारा निर्माण निर्माण एजेंसी अपने खर्च पर करेगी। मामले में रिपोर्ट मांगी गई है। - एसके सिंह, एक्सईएन, सिंचाई विभाग

फोटो 04 एचएएमपी-19: कपसा में नहर अंडरपास की गिरी रिटर्निंग वाल। संवाद

फोटो 04 एचएएमपी-19: कपसा में नहर अंडरपास की गिरी रिटर्निंग वाल। संवाद

फोटो 04 एचएएमपी-19: कपसा में नहर अंडरपास की गिरी रिटर्निंग वाल। संवाद

फोटो 04 एचएएमपी-19: कपसा में नहर अंडरपास की गिरी रिटर्निंग वाल। संवाद

फोटो 04 एचएएमपी-19: कपसा में नहर अंडरपास की गिरी रिटर्निंग वाल। संवाद

फोटो 04 एचएएमपी-19: कपसा में नहर अंडरपास की गिरी रिटर्निंग वाल। संवाद

फोटो 04 एचएएमपी-19: कपसा में नहर अंडरपास की गिरी रिटर्निंग वाल। संवाद

फोटो 04 एचएएमपी-19: कपसा में नहर अंडरपास की गिरी रिटर्निंग वाल। संवाद

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