{"_id":"5808fe1b4f1c1b726b7052dd","slug":"10-years-imprisonment-for-murder","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्या में 10 वर्ष की कैद ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हत्या में 10 वर्ष की कैद
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर
Updated Thu, 20 Oct 2016 10:55 PM IST
विज्ञापन
डेमो पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुस्करा थानाक्षेत्र के बसवारी गांव में करीब दस वर्ष पूर्व हत्या के मामले में न्यायालय ने आरोपी भतीजे को दस वर्ष सश्रम कारावास व 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि साक्ष्य न मिलने पर इस मामले में आरोपी बनाई गई युवती को बरी कर दिया है।
विज्ञापन
मामले की पैरवी कर रहे सहायक शासकीय अधिवक्ता देव सिंह यादव ने बताया कि बीते 22 अप्रैल 2006 की शाम सात बजे बसवारी गांव निवासी गयादीन की पत्नी शंाति देवी व उसके बड़े भाई की पुत्र वधू नम्रता के बीच घरेलू विवाद हो गया। तभी मौके पर नम्रता का पति संतोष कुमार तमंचा लेकर पहुंच गया और शांति देवी पर तानकर गाली गलौज करने लगा। तभी तमंचे से फायर हो गया। गोली सीधे शांति देवी के सीने में लगी। जिससे वह घायल होकर गिर पड़ीं।
विज्ञापन
वहीं, मौके पर वाद विवाद में बीच बचाव कर रहे घायल के बेटे जितेंद्र व बेटी सुनीता उसे इलाज के लिए मुस्करा सीएचसी ले गए। जहां से चिकित्सकों ने उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया। सदर अस्पताल पहुंचते उसकी मौत हो गई। जिस पर मृतका के पति ने मुस्करा थाने में अपने भतीजे संतोष कुमार और उसकी पत्नी नम्रता के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कराया। गुरुवार को मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नं. एक दीपा जैन ने अभियुक्त संतोष कुमार को दस वर्ष का सश्रम कारावास व 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जबकि साक्ष्य न मिलने पर नम्रता को बरी कर दिया है।
विज्ञापन