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सरयू नहर में डूबने से मासूम चचेरे भाइयों की मौत
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सरयू नहर में डूबने से मासूम चचेरे भाइयों की मौत
- मेंहदावल इलाके के भैसामाफी गांव के रहने वाले थे दोनों
अमर उजाला ब्यूरो
मेंहदावल। शनिवार को मेंहदावल इलाके के भैसामाफी गांव के रहने वाले मासूम चचेरे भाइयों की सरयू नहर में डूबने से मौत हो गई। इधर बच्चों के घर नहीं पहुंचने से परिजन तलाश शुरू किए। नहर में साइफन नहीं होने से अगल बगल गढ्डों में जमा गहरे पानी मे चचेरे भाइयों की लाश मिली।
पूर्व प्रधान भैसामाफी इसरार अहमद ने बताया कि गांव के रहने वाले दस वर्षीय शैलेश पुत्र त्रिलोकी अपने नौ वर्षीय चचेरे भाई मोनू पुत्र त्रिभुवन के साथ दोपहर में घूमने के लिए निकला था। दोनों बच्चे शाम तक घर नही पहुंचे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। गांव के कुछ लोगों ने सरयू नहर की ओर बच्चों के जाने की बात बताई। उसके बाद परिजन गांव के लोगों के साथ सरयू नहर पर पहुंच बच्चों की तलाश शुरू की। सरयू नहर में साइफन न होने से नहर का पानी फैल कर आसपास गढ्ड़ों में जमा था और उसी में दोनों बच्चों का शव मिला। घटना की सूचना पर गांव में कोहराम मच गया। पीड़ित परिजनों का रो - रोकर बुरा हाल था। परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना ही शवों का अंतिम संस्कार कर दिया। एसओ रवींद्र गौतम ने बताया कि देर शाम सूचना मिली तो वह मौके पर गए लेकिन तब तक परिजनों ने शवों का अंतिम संस्कार कर दिया था।
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- मेंहदावल इलाके के भैसामाफी गांव के रहने वाले थे दोनों
अमर उजाला ब्यूरो
मेंहदावल। शनिवार को मेंहदावल इलाके के भैसामाफी गांव के रहने वाले मासूम चचेरे भाइयों की सरयू नहर में डूबने से मौत हो गई। इधर बच्चों के घर नहीं पहुंचने से परिजन तलाश शुरू किए। नहर में साइफन नहीं होने से अगल बगल गढ्डों में जमा गहरे पानी मे चचेरे भाइयों की लाश मिली।
पूर्व प्रधान भैसामाफी इसरार अहमद ने बताया कि गांव के रहने वाले दस वर्षीय शैलेश पुत्र त्रिलोकी अपने नौ वर्षीय चचेरे भाई मोनू पुत्र त्रिभुवन के साथ दोपहर में घूमने के लिए निकला था। दोनों बच्चे शाम तक घर नही पहुंचे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। गांव के कुछ लोगों ने सरयू नहर की ओर बच्चों के जाने की बात बताई। उसके बाद परिजन गांव के लोगों के साथ सरयू नहर पर पहुंच बच्चों की तलाश शुरू की। सरयू नहर में साइफन न होने से नहर का पानी फैल कर आसपास गढ्ड़ों में जमा था और उसी में दोनों बच्चों का शव मिला। घटना की सूचना पर गांव में कोहराम मच गया। पीड़ित परिजनों का रो - रोकर बुरा हाल था। परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना ही शवों का अंतिम संस्कार कर दिया। एसओ रवींद्र गौतम ने बताया कि देर शाम सूचना मिली तो वह मौके पर गए लेकिन तब तक परिजनों ने शवों का अंतिम संस्कार कर दिया था।
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