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यूपी बोर्ड की कापियां नहीं जांचेंगे शिक्षक
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Updated Wed, 11 Oct 2017 01:38 PM IST
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यूपी बोर्ड की परीक्षा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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गोरखपुर। उ.प्र. माध्यमिक शिक्षक संघ (ठकुराई गुट) की बैठक सोमवार को डीएवी इंटर कॉलेज में हुई, जिसमें 11 सूत्री मांगों को लेकर बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया।
साथ शिक्षक नेताओं ने कहा कि अंशदायी पेंशन योजना की कटौती शुरू करने की मांग को लेकर 26 अप्रैल को लखनऊ में प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष जगदीश पांडेय ठकुराई ने कहा कि शिक्षा एवं शिक्षक हित में ईमानदारी से संघर्ष ही संगठन की पहचान है। संघर्षों के बल पर ही शिक्षकों को उनका अधिकार मिला है और आगे भी हम अपना हक लेकर रहेंगे।
कहा कि मूल्यांकन के पहले दिन 30 मार्च को सभी शिक्षक डीएम कार्यालय पर एकत्र होकर सभा करेंगे और ज्ञापन देंगे। मंडलीय अध्यक्ष देवेंद्र प्रताप सिंह गौतम व मंत्री डॉ अजय कुमार पांडेय ने कहा कि अंशदायी पेंशन योजना की कटौती नहीं होने के लिए शिक्षा निदेशक जिम्मेदार हैं।
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अभी तक ई-पेमेंट के साफ्टवेयर में इसका कोई प्रावधान नहीं किया गया जबकि शासन की ओर से अंशदान जमा करने के लिए दो अरब का बजट दिया जा चुका है।
बैठक में गौरव राय कौशिक, हरिचरन यादव, नवनाथ दुबे, परमहंस राय, एमपी साहनी, राम प्रताप राम, सुरेश राय, जगतारन शरण, सुधाकर त्रिपाठी आदि उपस्थित थे।
साथ शिक्षक नेताओं ने कहा कि अंशदायी पेंशन योजना की कटौती शुरू करने की मांग को लेकर 26 अप्रैल को लखनऊ में प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष जगदीश पांडेय ठकुराई ने कहा कि शिक्षा एवं शिक्षक हित में ईमानदारी से संघर्ष ही संगठन की पहचान है। संघर्षों के बल पर ही शिक्षकों को उनका अधिकार मिला है और आगे भी हम अपना हक लेकर रहेंगे।
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कहा कि मूल्यांकन के पहले दिन 30 मार्च को सभी शिक्षक डीएम कार्यालय पर एकत्र होकर सभा करेंगे और ज्ञापन देंगे। मंडलीय अध्यक्ष देवेंद्र प्रताप सिंह गौतम व मंत्री डॉ अजय कुमार पांडेय ने कहा कि अंशदायी पेंशन योजना की कटौती नहीं होने के लिए शिक्षा निदेशक जिम्मेदार हैं।
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अभी तक ई-पेमेंट के साफ्टवेयर में इसका कोई प्रावधान नहीं किया गया जबकि शासन की ओर से अंशदान जमा करने के लिए दो अरब का बजट दिया जा चुका है।
बैठक में गौरव राय कौशिक, हरिचरन यादव, नवनाथ दुबे, परमहंस राय, एमपी साहनी, राम प्रताप राम, सुरेश राय, जगतारन शरण, सुधाकर त्रिपाठी आदि उपस्थित थे।