{"_id":"5c17c251bdec2256f5337916","slug":"self-defense-training-given-to-school-girls-under-aparajita-abhiyan-in-deoria","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुरः अपराजिता अभियान के अंतर्गत लगी सुरक्षा कार्यशाला, छात्राओं ने सीखे आत्मरक्षा के गुर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखपुरः अपराजिता अभियान के अंतर्गत लगी सुरक्षा कार्यशाला, छात्राओं ने सीखे आत्मरक्षा के गुर
Mon, 17 Dec 2018 09:05 PM IST
kapil sharma
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवरिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवरिया
Published by: kapil sharma
Updated Mon, 17 Dec 2018 09:05 PM IST
विज्ञापन
अपराजिता अभियान के तहत छात्राएं आत्म रक्षा की ट्रेनिंग लेते हुईं
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुसीबत के वक्त डरें नहीं। हिम्मत करें, आवाज उठाएं। आपके पास जो भी चीज उपलब्ध है, उसके माध्यम से बचाव की पूरी कोशिश करें। दैनिक उपयोग की छोटी-छोटी चीजें भी मुसीबत में बड़ी मददगार हो सकती हैं। आत्मरक्षा के कुछ ऐसे ही टिप्स से रूबरू हुईं जेके मित्तल स्कूल की छात्राएं। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत आयोजित आत्मरक्षा कैंप में छठवीं से 12वीं तक की छात्राओं को आत्मरक्षा के उपायों से परिचित कराया गया।
विज्ञापन
स्टेडियम के ताइक्वांडो कोच गिरीश सिंह ने हेयर पिन, पेन, पानी की बोतल, स्कूल बैग जैसी रोजमर्रा इस्तेमाल की जाने वाली चीजों से आत्मरक्षा का गुर सिखाया। मुक्का बांधकर वार और किसी के हाथ पकड़ने पर जवाबी हमला करते हुए खुद को सुरक्षित करने का तरीका समझाया। छात्राओं ने इसका अभ्यास भी किया। कोच ने कहा कि आत्मसुरक्षा दो तरह से जरूरी है। एक मानसिक व दूसरा शारीरिक। खतरनाक जगह और लोगों से बचकर रहें। हर लड़की के पास इतने सामान हर वक्त पास होते हैं, जिससे वह खुद का बचाव कर सके। बशर्ते उसके सही इस्तेमाल की जानकारी हो। लड़कियों में भरपूर क्षमता है, बस आत्मविश्वास की कमी से वह इसका पूरा इस्तेमाल नहीं कर पातीं। उन्हें शुरू से डराकर, कमजोर बताया गया है, जिससे वह सहमी व सकुचाई रहती हैं। अब इस भ्रम को तोड़ने की जरूरत है। यह तभी होगा, जब लड़कियां अपना आत्मविश्वास बढ़ाएंगी। उन्होंने छात्राओं को एकाग्रता बढ़ाने पर जोर दिया। हार्टअटैक की स्थिति में तात्कालिक बचाव का तरीका भी बताया गया।
विज्ञापन
प्रधानाचार्य कृष्ण गोपाल गुप्ता ने अमर उजाला की मुहिम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण से निश्चित रूप से बेटियां सशक्त बनेंगी। उन्होंने छात्राओं का आह्वान किया कि इस जानकारी को वह आगे भी अपने परिचितों तक पहुंचाएं। जागरूकता से ही सुरक्षा का माहौल बनेगा। उन्होंने अमर उजाला के ऐसे आयोजनों को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
विज्ञापन
इन ताइक्वांडो खिलाड़ियों ने किया प्रशिक्षित
अपराजिता अभियान के तहत छात्राएं आत्म रक्षा की ट्रेनिंग लेते हुईं
- फोटो : अमर उजाला
स्पोर्ट्स स्टेडियम में संचालित ताइक्वांडो प्रशिक्षण शिविर की खिलाड़ियों ने कार्यशाला में छात्राओं को आत्रक्षा के प्रति जागरुक किया। सभी ने पहले खुद करके दिखाया, फिर उन्हें ऐसा करने के लिए प्रेरित किया। खिलाड़ियों में पिछले माह थाईलैंड में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाली प्रियंका कुमारी, रजत पदक विजेता रिया कन्नौजिया के अलावा दीक्षा शर्मा, साक्षी मिश्रा, प्रतीक्षा तिवारी, पिंकी यादव, तन्नू वर्मा, तूषिका वर्मा, सारिका वर्मा प्रसिद्धि यादव, तूलिका पांडेय, रिया पांडेय शामिल रहीं। जनपद में ताइक्वांडो की नर्सरी तैयार करने वाले प्रशिक्षक गिरीश सिंह की देखरेख में यह खिलाड़ी कई स्टेट व नेशनल प्रतियोगिताओं में जिले का नाम रोशन कर रही हैं।
सेल्फ डिफेंस की जानकारी सामान्य उपयोग में आने वाली चीजों के जरिए दी गई। और भी जगहों पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर आत्म सुरक्षा के प्रति छात्राओं को जागरूक करना चाहिए। - श्रेया।
स्टेडियम के ताइक्वांडो की खिलाड़ियों का एक्शन, मूवमेंट सहित सेल्फ डिफेंस की तकनीक ने खूब प्रभावित किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम ने आत्मविश्वास बढ़ाया है। -सोनम सिंह।
विपरीत परिस्थितियों में अपने को कैसे सुरक्षित रखा जाए, इसके विभिन्न तकनीकों से रूबरू होने का मौका मिला। छात्राओं को प्रतिदिन ऐसी स्थिति से गुजरना पड़ता है। अब उसका मजबूती से सामना करेंगे। - श्रेया यादव।
हेयर क्लिप, मुक्के, पानी की बोतल, पेन आदि से भी अपनी रक्षा कर सकते हैं, यह आज पता चला। हार्ट अटैक की स्थिति में उस व्यक्ति के लिए तत्काल क्या सहायता कर सकते हैं, यह भी जानने को मिला। - श्रेया दुबे।
सेल्फ डिफेंस की जानकारी सामान्य उपयोग में आने वाली चीजों के जरिए दी गई। और भी जगहों पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर आत्म सुरक्षा के प्रति छात्राओं को जागरूक करना चाहिए। - श्रेया।
स्टेडियम के ताइक्वांडो की खिलाड़ियों का एक्शन, मूवमेंट सहित सेल्फ डिफेंस की तकनीक ने खूब प्रभावित किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम ने आत्मविश्वास बढ़ाया है। -सोनम सिंह।
विपरीत परिस्थितियों में अपने को कैसे सुरक्षित रखा जाए, इसके विभिन्न तकनीकों से रूबरू होने का मौका मिला। छात्राओं को प्रतिदिन ऐसी स्थिति से गुजरना पड़ता है। अब उसका मजबूती से सामना करेंगे। - श्रेया यादव।
हेयर क्लिप, मुक्के, पानी की बोतल, पेन आदि से भी अपनी रक्षा कर सकते हैं, यह आज पता चला। हार्ट अटैक की स्थिति में उस व्यक्ति के लिए तत्काल क्या सहायता कर सकते हैं, यह भी जानने को मिला। - श्रेया दुबे।