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दफ्तर विहीन हुई कांग्रेस

Wed, 05 Apr 2017 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Wed, 05 Apr 2017 01:09 AM IST
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Police vaccented to Congress office
कांग्रेस नेताओं को कोर्ट के आदेश की कॉपी दिखाती पुलिस। - फोटो : Amar Ujala
55 साल बाद कांग्रेस की जिला एवं महानगर इकाई दफ्तर विहीन हो गई। इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद पुलिस ने मंगलवार को कांग्रेस दफ्तर खाली कराकर उसमें ताला लगवा दिया। यह दफ्तर व्यवसायी शोभित अग्रवाल का था और उन्होंने कांग्रेस को किराये पर दे रखा था। दफ्तर खाली कराने का मुकदमा करीब 35 साल से चल रहा था।
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जिला कांग्रेस कार्यालय खाली कराने को लेकर मकान मालिक शोभित ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। सुनवाई के बाद हाईकोर्र्ट ने दफ्तर खाली करने का आदेश दे दिया। इसी का हवाला देकर पुलिस, प्रशासन ने मंगलवार को दफ्तर खाली करने के बाबत कांग्रेस नेताओं से संपर्क किया। कुछ कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता दफ्तर पहुंचे और सामान समेटना शुरू कर दिया। इसी बीच महानगर एवं जिला इकाई सहित कांग्रेस के अन्य अनुसांगिक संगठनों के पदाधिकारी आ धमके। जिलाध्यक्ष डॉ. सैय्यद जमाल कचहरी पहुंच गए। इससे हंगामा खड़ा हो गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सामान शिफ्ट करने की प्रक्रिया रोक दी और दफ्तर पर अपना ताला जड़ दिया।
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महानगर प्रवक्ता दिलीप निषाद ने कहा कि हाईकोर्ट का आदेश देखकर ही दफ्तर खाली किया जाएगा। यह सुनकर पुलिस लौट गई लेकिन कुछ देर बाद ही सीओ कोतवाली मनोज कुमार पांडेय पुलिस फोर्स के साथ आ पहुंचे। सीओ ने हाईकोर्ट के आदेश की प्रमाणित प्रति दिखाते हुए कांग्रेस नेताओं से सहयोग मांगा। आदेश देखते ही कांग्रेस नेता सन्न हो गए। सभी पदाधिकारी चले गए लेकिन ताले की चाभियां नहीं दीं। इसके बाद पुलिस ने ताले तुड़वाए और कमरों में मौजूद सामान की वीडियो रिकॉर्डिंग कराते हुए सूची बनवाई। इसके बाद व्यवसायी ने सभी कमरों में अपना ताला डाल दिया। इस बीच वहां महानगर महासचिव अरुण सोनकर, प्रदेश कांग्रेस सेवादल के संगठन मंत्री रामअवतार गौड़, महानगर उपाध्यक्ष जैमिनि पांडेय आदि मौजूद थे।
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जिलाध्यक्ष ने किया मीडिया से किनारा
पुलिस की कार्रवाई के बाद जब जिलाध्यक्ष डॉ. सैय्यद जमाल से बात करने की कोशिश की गई तो कई प्रयास के बाद भी उन्होंने फोन नहीं उठाया। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो सका कि पार्टी को कब तक नया दफ्तर मिल सकेगा। हालांकि, महानगर अध्यक्ष अरुण अग्रहरि ने प्रकरण की जानकारी होने की बात कही। बोले, पार्टी हाईकोर्ट के निर्णय का सम्मान करती है। नए कार्यालय की व्यवस्था जल्द होगी। 


पूर्व जिलाध्यक्ष बोले- पैरवी में हुई चूक
एक दौर था जब जिले के साथ ही सूबे की सियासत में कांग्रेस की तूती बोलती थी। पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह इसी कार्यालय में कई बैठकों में शामिल हुए थे। तत्कालीन जिलाध्यक्ष लालचंद निषाद पुराने दिनों को याद करके भावुक हो उठे। कहा कि मंगलवार को जो भी हुआ संगठन के लिए बहुत दुखद है। कहीं न कहीं पैरवी में लापरवाही हुई है।
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