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देश भर से नाथपंथ के विद्वानों से होगा शब्द संग्रह

Mon, 29 Jul 2019 01:54 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jul 2019 01:54 AM IST
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nathpanth workshop in gorakhpur
महायोगी गुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ की दो दिवसीय कार्यशाला में दूसरे दिन बोलते प्रो. रविशंकर सिंह और उ?
देश भर से नाथपंथ के विद्वानों से होगा शब्द संग्रह
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गोरखपुर। नाथपंथ का विश्वकोष हिंदी के अलावा अंग्रेजी में भी होगा। इसके लिए महायोगी गुरु श्रीगोरक्षनाथ शोधपीठ की केंद्रीय टीम देश के विभिन्न हिस्सों से नाथपंथ के विद्वानों से वर्णक्रमानुसार शब्द संग्रह करेेगी। संग्रहित शब्दों की समीक्षा केंद्रीय टीम करेगी। इसके बाद प्रादेशिक टीमों को शब्दों के अर्थ विश्लेषण की जिम्मेदारी दी जाएगी।
महायोगी गुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ की दो दिवसीय कार्यशाला में दूसरे दिन आए विद्वानों ने शब्द संचयन एवं स्रोत सामग्री के संबंध में चर्चा की। नाथपंथ विश्वकोश तैयार करने में आने वाली व्यवहारिक कठिनाइयों पर भी बात की गई। तय किया गया कि समीक्षा में यह देखा जाएगा कि किन शब्दों के अर्थ विश्लेषण में 1000 शब्द, कितने के लिए 500 और 100 या 50 शब्दों के आलेख की आवश्यकता होगी। इस वर्गीकरण के साथ प्रादेशिक टीम को कार्ययोजना प्रदान की जाएगी। एक से ज्यादा अर्थ एवं पर्यायवाची शब्दों के लिए विश्वकोश के प्रत्येक खंडों में विस्तार सहित एक परिशिष्ट भी दिया जाएगा। आयोजन सचिव प्रो. रविशंकर सिंह ने संचालन किया।
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बैठक में गोरखपुर विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग के अध्यक्ष प्रो. मुरली मनोहर पाठक, मिर्जापुर के डॉ. अनुज प्रताप सिंह, आजमगढ़ के डॉ. कन्हैया सिंह, केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रयागराज के प्रो. योगेंद्र प्रताप सिंह, एमपीपीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रदीप कुमार राव आदि उपस्थित रहे।
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नाथपंथ के केंद्र प्रभारियों से संपर्क करेंगे विद्वान
नाथपंथ से जुड़े केंद्रों तथा उनको संचालित करने वाले प्रभारी या महंतों से संपर्क कर जानकारी प्राप्त करने की जिम्मेदारी दूसरे प्रदेशों से आए प्रो. भगवंत सिंह (अध्यक्ष, योग एवं दर्शन विभाग, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर), प्रो. सुरेश बर्णवाल (देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार), प्रो. योगेंद्र प्रताप सिंह (हिंदी विभाग, इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय, प्रयागराज) को दी गई। जानकारियों का उपयोग विश्वकोश को विस्तृत एवं प्रमाणिक बनाने में किया जाएगा।
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