{"_id":"5df0b1068ebc3e87b0706063","slug":"kushinagar-reached-thai-ambassador-says-india-to-thailand-road-connectivity-soon","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन देशों को कैसे जोड़ेगा ट्राई लेटरल हाईवे? भारत से थाईलैंड बाय रोड जाना होगा आसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन देशों को कैसे जोड़ेगा ट्राई लेटरल हाईवे? भारत से थाईलैंड बाय रोड जाना होगा आसान
Wed, 11 Dec 2019 02:36 PM IST
विजय जैन
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: विजय जैन
Updated Wed, 11 Dec 2019 02:36 PM IST
विज्ञापन
थाईलैंड के राजदूत शूतिनथोन खोंगसक
- फोटो : अमर उजाला
भारत और थाईलैंड पहले से ही हवाई सेवा से जुड़े हैं। जल्द ही सड़क मार्ग से भी जुड़ जाएंगे। भारत-म्यांमार-थाईलैंड को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए भारत के सहयोग से ट्राई लेटरल हाईवे का निर्माण चल रहा है। अब थाईलैंड और भारत के मध्य व्यापार बढ़ाने के लिए थाईलैंड के रानोंग बंदरगाह से भारत के चेन्नई व अंडमान को भी समुद्र मार्ग से जोड़ने की योजना है।
यह जानकारी थाईलैंड के राजदूत शूतिनथोन खोंगसक ने मंगलवार को कुशीनगर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी। वे थाई राजकुमारी के फरवरी 2020 में कुशीनगर आगमन के मद्देनजर तैयारियों का जायजा लेने आए हैं। राजदूत ने कहा कि हाइवे से वियतनाम को भी जोड़ने की योजना है। कंबोडिया, लाओस व मलेशिया से थाईलैंड का सर्वाधिक बॉर्डर ट्रेड है। सड़क मार्ग से जुड़ जाने से भारत से भी व्यापार बढ़ जाएगा।
आसियान देशों को भी सड़क व वायुमार्ग से जोड़ने की योजना है। राजदूत ने कहा कि भारत के सहयोग से 2016 से भारत-म्यांमार-थाईलैंड के बीच 1400 किमी हाइवे का निर्माण चल रहा है। यह भारत के मोरे से म्यांमार के तामूर नगर होते हुए थाईलैंड के मेई सेत जिले के ताक तक जाएगा।
विज्ञापन
यह भारत को जमीन के रास्ते दक्षिण-पूर्व एशिया से जोड़ने की योजना है। इन परियोजनाओं के पूर्ण हो जाने के बाद पर्यटन व व्यापार में बढ़ोत्तरी के साथ-साथ संबंधित देशों के मध्य मैत्री संबंधों को भी मजबूत बनाएगा। थाईलैंड की राजकुमारी के भारत भ्रमण से हजारों वर्ष से चले आ रहे भारत-थाईलैंड संबंधों में और निकटता आएगी।
विज्ञापन
यह जानकारी थाईलैंड के राजदूत शूतिनथोन खोंगसक ने मंगलवार को कुशीनगर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी। वे थाई राजकुमारी के फरवरी 2020 में कुशीनगर आगमन के मद्देनजर तैयारियों का जायजा लेने आए हैं। राजदूत ने कहा कि हाइवे से वियतनाम को भी जोड़ने की योजना है। कंबोडिया, लाओस व मलेशिया से थाईलैंड का सर्वाधिक बॉर्डर ट्रेड है। सड़क मार्ग से जुड़ जाने से भारत से भी व्यापार बढ़ जाएगा।
विज्ञापन
आसियान देशों को भी सड़क व वायुमार्ग से जोड़ने की योजना है। राजदूत ने कहा कि भारत के सहयोग से 2016 से भारत-म्यांमार-थाईलैंड के बीच 1400 किमी हाइवे का निर्माण चल रहा है। यह भारत के मोरे से म्यांमार के तामूर नगर होते हुए थाईलैंड के मेई सेत जिले के ताक तक जाएगा।
विज्ञापन
यह भारत को जमीन के रास्ते दक्षिण-पूर्व एशिया से जोड़ने की योजना है। इन परियोजनाओं के पूर्ण हो जाने के बाद पर्यटन व व्यापार में बढ़ोत्तरी के साथ-साथ संबंधित देशों के मध्य मैत्री संबंधों को भी मजबूत बनाएगा। थाईलैंड की राजकुमारी के भारत भ्रमण से हजारों वर्ष से चले आ रहे भारत-थाईलैंड संबंधों में और निकटता आएगी।