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संबद्धता के साथ कॉलेजों को देना होगा अर्थदंड
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
Updated Sun, 31 Jul 2016 08:15 PM IST
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गोरखपुर यूनिवर्सिटी
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शिक्षकों के मानदेय भुगतान का बैंक ब्यौरा न देना गोरखपुर यूनिवर्सिटी से संबद्ध पांच कॉलेजों को भारी पड़ने वाला है। इन कॉलेजों की अपील पर शासन ने उन्हें संबद्धता देने की संस्तुति तो कर दी है लेकिन साथ ही यूनिवर्सिटी को इस लापरवाही के चलते अर्थदंड देने का अधिकार दिया है। शासन के मुताबिक जुर्माना की राशि भी यूनिवर्सिटी ही तय करेगी। शासन के इस आदेश का सर्वाधिक असर देवरिया के कॉलेजों पर पड़ने वाला है, क्योंकि इनमें से चार कॉलेज वहीं के हैं।
दरअसल यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 2016-17 सत्र में संबद्धता के लिए शिक्षकों का बैंक भुगतान अनिवार्य कर दिया। बावजूद इसके पांच कॉलेजों ने संबद्धता आवेदन के साथ पिछले सालों के बैंक भुगतान का ब्यौरा नहीं दिया। इसके चलते रजिस्ट्रार प्रभाष द्विवेदी ने कुलपति के निर्देश पर इन कॉलेजों के लिए निरीक्षण मंडल का गठन नहीं किया। नतीजतन संबद्धता की प्रक्रिया ही इस सत्र में आगे नहीं बढ़ सकी। यूनिवर्सिटी से राहत न मिलती देख कॉलेजों ने शासन में अपील की।
शासन ने यूनिवर्सिटी प्रशासन और कॉलेज प्रबंधतंत्र को अपना पक्ष रखने के लिए 23 व 24 जून को बुलाया। उस दौरान कॉलेज प्रबंध तंत्र ने कहा कि चूंकि कॉलेज पिछले कई सत्र से संचालित हो रहे हैं, ऐसे में छात्रहित को देखते हुए उन्हें एक अवसर दिया जाए। पक्ष सुनने के बाद शासन ने संबद्धता की संस्तुति करने का तो निर्णय लिया लेकिन आगे से इसे लेकर कोई लापरवाही न हो, इसके लिए कॉलेजों को तीन महीने की अवधि में बैंक से वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की चेतावनी दी। साथ ही पिछले सत्र में हुई लापरवाही को ध्यान में रखते हुए यूनिवर्सिटी को अर्थदंड लगाने का अधिकार भी दे दिया।
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इन कॉलेजों का है मामला
- अशोक कुमार अरविंद, रजिस्ट्रार, गोरखपुर यूनिवर्सिटी
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दरअसल यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 2016-17 सत्र में संबद्धता के लिए शिक्षकों का बैंक भुगतान अनिवार्य कर दिया। बावजूद इसके पांच कॉलेजों ने संबद्धता आवेदन के साथ पिछले सालों के बैंक भुगतान का ब्यौरा नहीं दिया। इसके चलते रजिस्ट्रार प्रभाष द्विवेदी ने कुलपति के निर्देश पर इन कॉलेजों के लिए निरीक्षण मंडल का गठन नहीं किया। नतीजतन संबद्धता की प्रक्रिया ही इस सत्र में आगे नहीं बढ़ सकी। यूनिवर्सिटी से राहत न मिलती देख कॉलेजों ने शासन में अपील की।
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शासन ने यूनिवर्सिटी प्रशासन और कॉलेज प्रबंधतंत्र को अपना पक्ष रखने के लिए 23 व 24 जून को बुलाया। उस दौरान कॉलेज प्रबंध तंत्र ने कहा कि चूंकि कॉलेज पिछले कई सत्र से संचालित हो रहे हैं, ऐसे में छात्रहित को देखते हुए उन्हें एक अवसर दिया जाए। पक्ष सुनने के बाद शासन ने संबद्धता की संस्तुति करने का तो निर्णय लिया लेकिन आगे से इसे लेकर कोई लापरवाही न हो, इसके लिए कॉलेजों को तीन महीने की अवधि में बैंक से वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की चेतावनी दी। साथ ही पिछले सत्र में हुई लापरवाही को ध्यान में रखते हुए यूनिवर्सिटी को अर्थदंड लगाने का अधिकार भी दे दिया।
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इन कॉलेजों का है मामला
- शारदा देवी महिला महाविद्यालय, पथरदेवा, देवरिया
- दिनेश दत्त गीता महाविद्यालय, रामपुर कारखाना, देवरिया
- राजेश्वरी देवी रामसुभग सिंह महाविद्यालय, पथरदेवा, देवरिया
- मां सरस्वती बालिका महाविद्यालय, सोहनपुर, देवरिया
- मारवाड़ बिजनेस स्कूल, गोरखपुर
- अशोक कुमार अरविंद, रजिस्ट्रार, गोरखपुर यूनिवर्सिटी