एक दिन के लिए ब्रिटिश उच्चायुक्त बनी गोरखपुर की बेटी, बधाईयों का लगा रहा तांता
गोरखपुर के शाहबाजगंज मोहल्ले में रहने वाले जुनैद अहमद खान के घर में आज खुशियों का माहौल है। वजह यह है कि उनकी सबसे छोटी बेटी आयशा खान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता में जीत हासिल की है। 'डे ऑफ द गर्ल' नाम से प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय स्तर की यह तीसरी प्रतियोगिता देश में 14 सितंबर को आयोजित की गई थी।
इसमें देश के 22 राज्यों से 500 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। आयशा की मां सीमा बैग गर्व से बताती हैं की बेटी के एक मिनट के वीडियो को देखते ही सारे ज्यूरी के सदस्यों ने एकमत से उसे विजेता घोषित किया। 4 अक्टूबर को विजेता घोषित होने के बाद आयशा को एक दिन के लिए ब्रिटिश उच्चायुक्त बनाया गया।
उनकी तैनाती भी समारोह पूर्वक की गई। इस दौरान कार्यक्रम की शुरूआत भी आयशा ने ही दीप प्रज्ज्वलित कर की। दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित ब्रिटिश दूतावास में ब्रिटिश उच्चायुक्त सर डोमिनिक एसक्वीथ ने एक दिन के लिए उच्चायुक्त बनी आयशा को दो देशों के बीच के राजनीतिक, कूटनीतिक, आर्थिक संबंधों, ट्रैक दो पॉलिसी आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
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मां सीमा बैग बताती हैं की आयशा की बुद्धिमत्ता से ब्रिटिश उच्चायोग के सभी कर्मचारी आश्चर्यचकित थे। आयशा ने भी उच्चायोग के कर्मचारियों के पद उनके कार्यक्षेत्र और उनकी कार्यशैली के बारे में विस्तार से जाना। दिल्ली के भारतीय विद्या भवन से मास कम्युनिकेशन की पोस्ट ग्रैजुएट डिग्री के लिए पढ़ाई कर रही आयशा भविष्य में विदेश संबंधों पर भी शोध करेगी।
1 दिन का ब्रिटिश उच्चायुक्त बनने से आयशा के परिवार वाले तो खुश हैं ही, साथ ही मोहल्ले और आसपास के लोग भी गौरवांवित महसूस कर रहे हैं। शुक्रवार को आयशा के पिता जुनैद अहमद शाह के घर पर उन्हें मुबारकबाद देने वालों का तांता लगा रहा।
सोशल मीडिया पर भी छाया वीडियो
जेंडर इक्वलिटी विषय पर आयशा ने जो 1 मिनट का वीडियो बनाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में अपलोड किया था वह अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यूट्यूब, फेसबुक, व्हाट्सएप आदि सोशल मीडिया साइट्स पर आयशा का वीडियो लाइक और शेयर किया जा रहा है।