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दिल्ली के फार्मूले पर होगी मंदिर की निगरानी
राजन राय, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Wed, 22 Mar 2017 01:18 AM IST
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गोरखनाथ मंदिर।
- फोटो : Amar Ujala
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गोरखनाथ मंदिर और इससे जुड़ी शैक्षिक व अन्य संस्थाओं की निगरानी दिल्ली के फार्मूले पर होगी। सभी जरूरी दिशा निर्देश सीएम आदित्यनाथ योगी इंटरनेट के जरिये देंगे और सप्ताह या पखवारे में एक दिन मंदिर में गुजारेंगे। इसके लिए मंदिर में सीएम का कैंप कार्यालय भी बनाने की तैयारी है।
मंदिर से जुड़ी 44 संस्थाएं इस समय अस्तित्व में हैं। इनमें ज्यादातर संस्थाएं शैक्षणिक हैं। इनके अलावा चिकित्सालय, योग संस्थान भी हैं। इन्हें पहले से ही मंहत आदित्यनाथ ने स्वायत्त कर रखा है। तंत्र की सीधे निगरानी वह खुद करते हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद जाहिर है कि अब वे पहले जैसा समय नहीं दे सकेंगे, लेकिन उनकी व्यवस्था में फेरबदल की गुंजाइश कम ही है। मंदिर से जुडे़ उनके नजदीकियों का कहना है कि संसद सत्र के दौरान जब वे दिल्ली में होते थे तब सारे कामकाज की मानीटरिंग ऑनलाइन करते थे। बस फर्क इतना था कि सीधे संवाद की जगह इंटरनेट के जरिये उनसे सुझाव मिलते थे। लखनऊ रहते हुए भी वे इसी तंत्र का इस्तेमाल करेंगे।
मंदिर सूत्रों की मानें तो सीएम का कैंप कार्यालय भी मंदिर में होगा क्योंकि जब वे यहां होंगे तब भी सीएम के कामकाज निपटाएंगे। उनसे मिलने वाले साधु-संत और उनसे जुड़े लोगों के लिए वे अलग से समय निकालेंगे। सीएम बनने के बाद आदित्यनाथ योगी ने मंदिर से जुड़े कई प्रमुख लोगों से बातचीत भी की है। इसके आधार पर संकेत मिलने लगे हैं कि मंदिर के तंत्र की मानीटरिंग में वे कोताही नहीं बरतेंगे।
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25 की रात कर सकते हैं मीटिंग
गोरखनाथ मंदिर के दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में योगीराज बाबा गंभीरनाथ की पुण्यतिथि शताब्दी वर्ष के समापन समारोह में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के 25 की शाम पांच बजे तक आने की संभावना है। इसी दिन रात में वे मंदिर से जुड़ी संस्थाओं के प्रमुख और अपने खास लोगों के साथ मीटिंग करेंगे। संस्थाओं के क्रिया कलाप को लेकर निर्देश देेंगे।
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मंदिर से जुड़ी 44 संस्थाएं इस समय अस्तित्व में हैं। इनमें ज्यादातर संस्थाएं शैक्षणिक हैं। इनके अलावा चिकित्सालय, योग संस्थान भी हैं। इन्हें पहले से ही मंहत आदित्यनाथ ने स्वायत्त कर रखा है। तंत्र की सीधे निगरानी वह खुद करते हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद जाहिर है कि अब वे पहले जैसा समय नहीं दे सकेंगे, लेकिन उनकी व्यवस्था में फेरबदल की गुंजाइश कम ही है। मंदिर से जुडे़ उनके नजदीकियों का कहना है कि संसद सत्र के दौरान जब वे दिल्ली में होते थे तब सारे कामकाज की मानीटरिंग ऑनलाइन करते थे। बस फर्क इतना था कि सीधे संवाद की जगह इंटरनेट के जरिये उनसे सुझाव मिलते थे। लखनऊ रहते हुए भी वे इसी तंत्र का इस्तेमाल करेंगे।
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मंदिर सूत्रों की मानें तो सीएम का कैंप कार्यालय भी मंदिर में होगा क्योंकि जब वे यहां होंगे तब भी सीएम के कामकाज निपटाएंगे। उनसे मिलने वाले साधु-संत और उनसे जुड़े लोगों के लिए वे अलग से समय निकालेंगे। सीएम बनने के बाद आदित्यनाथ योगी ने मंदिर से जुड़े कई प्रमुख लोगों से बातचीत भी की है। इसके आधार पर संकेत मिलने लगे हैं कि मंदिर के तंत्र की मानीटरिंग में वे कोताही नहीं बरतेंगे।
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25 की रात कर सकते हैं मीटिंग
गोरखनाथ मंदिर के दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में योगीराज बाबा गंभीरनाथ की पुण्यतिथि शताब्दी वर्ष के समापन समारोह में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के 25 की शाम पांच बजे तक आने की संभावना है। इसी दिन रात में वे मंदिर से जुड़ी संस्थाओं के प्रमुख और अपने खास लोगों के साथ मीटिंग करेंगे। संस्थाओं के क्रिया कलाप को लेकर निर्देश देेंगे।