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नौकरी की आस में ठगे जा रहे बेरोजगार, अफसर बेखबर
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गरिमा की खबर में पीड़ित हेमलता मौर्या
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नौकरी की आस में ठगे जा रहे बेरोजगार, अफसर बेखबर
एयरपोर्ट, डाकघर, सिंचाई विभाग में सीधी भर्ती का झांसा देकर जालसाज ऐंठ रहे रकम
शहर में रेलवे, बस स्टेशन, दुकानों समेत अन्य सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा हैं पोस्टर
गरिमा शाही
गोरखपुर। नौकरी के नाम पर बेरोजगारों को ठगे जाने के मामले आए दिन सामने आते हैं, मगर जिम्मेदार इस पर लगाम लगाने के प्रति बेखबर हैं। रेलवे, बस स्टेशन हों या शहर के प्रमुख बाजार, सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे फर्जी पोस्टर आसानी से देखे जा सकते हैं, जिनमें सीधी भर्ती का दावा और लुभावने वेतन की गारंटी का झांसा देकर रकम ऐंठी जाती है। इतना ही नहीं शहर के प्रतियोगी पुस्तक विक्रेताओं की दुकानों पर भी बेरोजगारों को लुभाते इस तरह के कई फार्म मिल जाएंगे।
इन दिनों शहर की दीवारों पर कई जगह एयरपोर्ट में सीधी भर्ती के विज्ञापन वाले पोस्टर नजर आए। इसके अलावा दुकानों पर डाक और सिंचाई विभाग में सीधी भर्ती के फार्म बिकते मिले। अमर उजाला ने इसकी पड़ताल की तो चौंकाने वाले सच सामने आया। धर्मशाला बाजार में लगे एक पोस्टर पर लिखे नंबर पर फोन करने पर शख्स ने खुद को एयरपोर्ट का अफसर बताया और आवेदन के लिए 1500 रुपये की मांग की। ऑफिस का पता पूछने पर जानकारी देने की जगह बहाना बनाया गय और रकम भेजने के लिए खाता नंबर नोट करा दिया गया। कुछ यही हाल फार्म विक्रेता की दुकानों पर मिल रहे फार्म पर दिए गए नंबर पर संपर्क करने पर भी रहा। जब एयरपोर्ट, डाक और सिंचाई विभाग के अफसरों से सच्चाई जानने को संपर्क किया गया, तो सभी ने इस तरह का विज्ञापन दिए जाने से नकारते हुए लोगों से झांसे में न आने की अपील की। एयरपोर्ट के कस्टमर सर्विस आफिसर विजय कौशल ने बताया कि उनके यहां सीधी भर्ती होती ही नहीं है।
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ऐसे करते है ठगी
विज्ञापन में दिए गए नंबरों पर फोन करने पर बेरोजगारों को विश्वास में लेकर खाते में पैसे मंगवा लिया जाता है। एक बार यह चक्र शुरू हुआ तो ज्वाइनिंग लेटर देने समेत अलग -अलग बहाने से रकम वसूल की जाती है। ठगी का शिकार हुए लोगों ने बताया कि एयरपोर्ट पर 30 हजार से लेकर 50 हजार तक वेतन मिलने की बात कहकर ऑनलाइन आवेदन करने के नाम पर 1500 रुपये खाते में मंगाए गए, फिर ट्रेनिंग के नाम पर तीन हजार और मेडिकल रिपोर्ट बनवाने के नाम पर 2000 हजार रुपये मांगे गए।
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केस 1
चौरीचौरा के राकेश कुमार के मुताबिक धर्मशाला पुल के नीचे पोस्टर से मिले नंबर पर संपर्क किया था। फोन उठाने वाले ने शैक्षिक योग्यता के प्रमाण पत्र मांगे, इसके लिए व्हाट्सएप नंबर दिया गया था। फिर दो हजार रुपये मांगे गए। बताए गए खाते में इसे भेज दिया। धीरे-धीरे 15 हजार रुपये जमा करा लिए गए। इसके बाद घर के पते पर ज्वाइनिंग लेटर भेजा गया, जो फर्जी निकला।
केस 2
कुशीनगर के भगवानपुर खुर्द की हेमलता भी जालसाजों के चक्कर में 13 हजार रुपये गंवा चुकीं हैं। उन्होंने भी एक पोस्टर से मिले नंबर पर संपर्क कर बताए गए खाते में रकम भेजी थी। हेमलता को भी ज्वाइनिंग लेटर मिला था जो फर्जी था। उसका कहना है कि नौकरी की आस में रुपये देने के लिए उन्होंने झुमका बेच दिया था। पिता किसान हैं। बाद में ठगे जाने का एहसास हुआ।
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नौकरी तो मिली नहीं, कर्जदार हो गए
ठगी का शिकार कई ऐसे लोग भी मिले, जो नौकरी के झांसे में आकर कर्जदार हो गए। पीड़ित रूबी ने बताया कि ज्वाइनिंग लेटर लेकर गोरखपुर एयरपोर्ट पहुंची तो ठगी की जानकारी हुई। अपने जेवर गिरवी रख कर रुपये दिए थे।
काफी समय से फर्जी ज्वाइनिंग लेटर लेकर युवक, युवतियां एयरपोर्ट आ रहे हैं। यहां जब उन्हें पता चलता है कि उनको नौकरी के नाम पर ठग लिया गया है। युवाओं को ऐसे फर्जी विज्ञापनों के प्रति जागरूक करना होगा। जिससे उनके साथ आगे से ऐसा न हो और वे दूसरों को भी जागरूक कर सकें।- विजय कौशल, कस्टमर सर्विस ऑफिसर
इस तरह के मामलों की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। युवाओं को भी ऐसे विज्ञापनों से सजग रहना चाहिए। - डॉ. कौस्तुभ, एसपी सिटी
पैकेज के एकदम नीचे छोटा सा (संवाद न्यूज एजेंसी) लगाएं-
आप भी ऐसे किसी झांसे में आएं हो तो हमें विस्तृत जानकारी व्हाट्सएप पर भेजें-
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एयरपोर्ट, डाकघर, सिंचाई विभाग में सीधी भर्ती का झांसा देकर जालसाज ऐंठ रहे रकम
शहर में रेलवे, बस स्टेशन, दुकानों समेत अन्य सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा हैं पोस्टर
गरिमा शाही
गोरखपुर। नौकरी के नाम पर बेरोजगारों को ठगे जाने के मामले आए दिन सामने आते हैं, मगर जिम्मेदार इस पर लगाम लगाने के प्रति बेखबर हैं। रेलवे, बस स्टेशन हों या शहर के प्रमुख बाजार, सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे फर्जी पोस्टर आसानी से देखे जा सकते हैं, जिनमें सीधी भर्ती का दावा और लुभावने वेतन की गारंटी का झांसा देकर रकम ऐंठी जाती है। इतना ही नहीं शहर के प्रतियोगी पुस्तक विक्रेताओं की दुकानों पर भी बेरोजगारों को लुभाते इस तरह के कई फार्म मिल जाएंगे।
इन दिनों शहर की दीवारों पर कई जगह एयरपोर्ट में सीधी भर्ती के विज्ञापन वाले पोस्टर नजर आए। इसके अलावा दुकानों पर डाक और सिंचाई विभाग में सीधी भर्ती के फार्म बिकते मिले। अमर उजाला ने इसकी पड़ताल की तो चौंकाने वाले सच सामने आया। धर्मशाला बाजार में लगे एक पोस्टर पर लिखे नंबर पर फोन करने पर शख्स ने खुद को एयरपोर्ट का अफसर बताया और आवेदन के लिए 1500 रुपये की मांग की। ऑफिस का पता पूछने पर जानकारी देने की जगह बहाना बनाया गय और रकम भेजने के लिए खाता नंबर नोट करा दिया गया। कुछ यही हाल फार्म विक्रेता की दुकानों पर मिल रहे फार्म पर दिए गए नंबर पर संपर्क करने पर भी रहा। जब एयरपोर्ट, डाक और सिंचाई विभाग के अफसरों से सच्चाई जानने को संपर्क किया गया, तो सभी ने इस तरह का विज्ञापन दिए जाने से नकारते हुए लोगों से झांसे में न आने की अपील की। एयरपोर्ट के कस्टमर सर्विस आफिसर विजय कौशल ने बताया कि उनके यहां सीधी भर्ती होती ही नहीं है।
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ऐसे करते है ठगी
विज्ञापन में दिए गए नंबरों पर फोन करने पर बेरोजगारों को विश्वास में लेकर खाते में पैसे मंगवा लिया जाता है। एक बार यह चक्र शुरू हुआ तो ज्वाइनिंग लेटर देने समेत अलग -अलग बहाने से रकम वसूल की जाती है। ठगी का शिकार हुए लोगों ने बताया कि एयरपोर्ट पर 30 हजार से लेकर 50 हजार तक वेतन मिलने की बात कहकर ऑनलाइन आवेदन करने के नाम पर 1500 रुपये खाते में मंगाए गए, फिर ट्रेनिंग के नाम पर तीन हजार और मेडिकल रिपोर्ट बनवाने के नाम पर 2000 हजार रुपये मांगे गए।
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केस 1
चौरीचौरा के राकेश कुमार के मुताबिक धर्मशाला पुल के नीचे पोस्टर से मिले नंबर पर संपर्क किया था। फोन उठाने वाले ने शैक्षिक योग्यता के प्रमाण पत्र मांगे, इसके लिए व्हाट्सएप नंबर दिया गया था। फिर दो हजार रुपये मांगे गए। बताए गए खाते में इसे भेज दिया। धीरे-धीरे 15 हजार रुपये जमा करा लिए गए। इसके बाद घर के पते पर ज्वाइनिंग लेटर भेजा गया, जो फर्जी निकला।
केस 2
कुशीनगर के भगवानपुर खुर्द की हेमलता भी जालसाजों के चक्कर में 13 हजार रुपये गंवा चुकीं हैं। उन्होंने भी एक पोस्टर से मिले नंबर पर संपर्क कर बताए गए खाते में रकम भेजी थी। हेमलता को भी ज्वाइनिंग लेटर मिला था जो फर्जी था। उसका कहना है कि नौकरी की आस में रुपये देने के लिए उन्होंने झुमका बेच दिया था। पिता किसान हैं। बाद में ठगे जाने का एहसास हुआ।
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नौकरी तो मिली नहीं, कर्जदार हो गए
ठगी का शिकार कई ऐसे लोग भी मिले, जो नौकरी के झांसे में आकर कर्जदार हो गए। पीड़ित रूबी ने बताया कि ज्वाइनिंग लेटर लेकर गोरखपुर एयरपोर्ट पहुंची तो ठगी की जानकारी हुई। अपने जेवर गिरवी रख कर रुपये दिए थे।
काफी समय से फर्जी ज्वाइनिंग लेटर लेकर युवक, युवतियां एयरपोर्ट आ रहे हैं। यहां जब उन्हें पता चलता है कि उनको नौकरी के नाम पर ठग लिया गया है। युवाओं को ऐसे फर्जी विज्ञापनों के प्रति जागरूक करना होगा। जिससे उनके साथ आगे से ऐसा न हो और वे दूसरों को भी जागरूक कर सकें।- विजय कौशल, कस्टमर सर्विस ऑफिसर
इस तरह के मामलों की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। युवाओं को भी ऐसे विज्ञापनों से सजग रहना चाहिए। - डॉ. कौस्तुभ, एसपी सिटी
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