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घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार बिजली कर्मी को जेल भेजा
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घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार बिजली कर्मी को भेजा जेल
- एंटी करप्शन की टीम ने मंगलवार को किया था गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। ठेकेदार से मंगलवार को 22 हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किए गए बिजली निगम के सहायक लेखाकार अवनीश सिंह को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। खोराबार पुलिस ने एंटी करप्शन टीम के प्रभारी देव प्रकाश रावत की तहरीर पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था।
महराजगंज के पुरैना क्षेत्र के करमहा पड़री खुर्द निवासी परशुराम जायसवाल की मेसर्स परशुराम जायसवाल नाम से फर्म है। वह बिजली विभाग के रजिस्टर्ड ठेकेदार हैं। उनकी फर्म को सिद्धार्थनगर डिविजन में बिलिंग का काम मिला है। दर्ज केस के मुताबिक फर्म द्वारा पहले कराए गए काम के भुगतान के लिए दो अप्रैल को शासन से 3:30 लाख रुपये का फंड आया था। इसी का भुगतान करने के लिए अधिशासी अभियंता सिद्धार्थनगर कार्यालय में तैनात सहायक लेखाकार राजस्व अवनीश सिंह ने 22 हजार रुपये की घूस मांगे थे। वह मूलरूप से कुशीनगर के हाटा का रहने वाला है। 11 सितंबर को 1.44 लाख रुपये का चेक क्लीयर होने के बाद सहायक लेखाकार ने 22 हजार रुपये मिलने के बाद शेष धनराशि का चेक काटने की बात कही। ठेकेदार ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से की थी। मंगलवार को ठेकेदार के फोन करने पर अवनीश ने उन्हें रुपये देने के लिए गोरखपुर बुलाया। दिन में तकरीबन ढाई बजे एमएमएमयूटी के पास स्थित एक दुकान पर टीम ने अविनाश को घूस लेते रंगे हाथों पकड़ लिया था।
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- एंटी करप्शन की टीम ने मंगलवार को किया था गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। ठेकेदार से मंगलवार को 22 हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किए गए बिजली निगम के सहायक लेखाकार अवनीश सिंह को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। खोराबार पुलिस ने एंटी करप्शन टीम के प्रभारी देव प्रकाश रावत की तहरीर पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था।
महराजगंज के पुरैना क्षेत्र के करमहा पड़री खुर्द निवासी परशुराम जायसवाल की मेसर्स परशुराम जायसवाल नाम से फर्म है। वह बिजली विभाग के रजिस्टर्ड ठेकेदार हैं। उनकी फर्म को सिद्धार्थनगर डिविजन में बिलिंग का काम मिला है। दर्ज केस के मुताबिक फर्म द्वारा पहले कराए गए काम के भुगतान के लिए दो अप्रैल को शासन से 3:30 लाख रुपये का फंड आया था। इसी का भुगतान करने के लिए अधिशासी अभियंता सिद्धार्थनगर कार्यालय में तैनात सहायक लेखाकार राजस्व अवनीश सिंह ने 22 हजार रुपये की घूस मांगे थे। वह मूलरूप से कुशीनगर के हाटा का रहने वाला है। 11 सितंबर को 1.44 लाख रुपये का चेक क्लीयर होने के बाद सहायक लेखाकार ने 22 हजार रुपये मिलने के बाद शेष धनराशि का चेक काटने की बात कही। ठेकेदार ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से की थी। मंगलवार को ठेकेदार के फोन करने पर अवनीश ने उन्हें रुपये देने के लिए गोरखपुर बुलाया। दिन में तकरीबन ढाई बजे एमएमएमयूटी के पास स्थित एक दुकान पर टीम ने अविनाश को घूस लेते रंगे हाथों पकड़ लिया था।
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