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आतंकी हाथ ढूंढने के लिए खोलेंगे पुरानी फाइलें
शिवम सिंह, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Wed, 25 Jan 2017 01:07 AM IST
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ट्रेन दुर्घटना
- फोटो : amar ujala / file photo
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कानपुर रेल हादसे में आतंकी संगठन का हाथ है या नहीं, ये जानने के लिए अब पुराने रेल हादसों की फाइलें फिर से खोली जा रही हैं। उधर, खुफिया एजेंसियों से नेपाल और बिहार बॉर्डर पर माओवादी और नक्सलवादी गतिविधियां बढ़ने की सूचना पर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और आतंकी संगठन से जुड़े लोगों औरी संदिग्धों से जुड़ी जानकारियां जुटा रही है।
17 फरवरी 2000 में कानपुर देहात के झींझक के पास गोमती एक्सप्रेस में ब्लास्ट हुआ था। उस समय भी आतंकी संगठन का नाम सामने आया था। तब जांच में हिजुबुल मुजाहिदीन के मुमताज का नाम सामने आया था। हालांकि, जांच में एजेंसियां मामले में कुछ खास नहीं कर सकी थीं। एक बार फिर कानपुर के पुखरायां हादसे में आतंकी संगठन का नाम आया तो जांच एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं।
इस मामले में बिहार से पकड़े गए मोती और उसके साथियों के बयान गुमराह करने वाले ही हैं। कुकर से ब्लास्ट के सबूत भी नहीं मिले हैं। अब वास्तव में इस घटना में आतंकी संगठन ने कैसे काम किया है इसकी पड़ताल के गोमती एक्सप्रेस ब्लास्ट की फाइल दोबारा खोली जा रही है। उधर, एटीएस ने भी देश में हुए पुराने रेल हादसों से जुड़ी फाइलों को मंगा लिया है और नए सिरे से जांच शुरू कर दी है। नेपाल, बिहार बॉर्डर के अलावा गोरखपुर व आसपास के जिलों में संदिग्ध लोगों की खुफिया निगरानी की जा रही है।
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पटरियों में गड़बड़ी के आरोप में 20 लोग गिरफ्तार
जीआरपी ने अलीगढ़ रूट के दाऊद खान स्टेशन से बीस लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी को रेल पटरियों में गड़बड़ी करने के आरोप में पकड़ा गया है। पकड़े गए लोगों से पूछताछ की जा रही है। जीआरपी को इन लोगों ने कई नाम उगले है जिनकी तलाश तेज कर दी गई है।
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17 फरवरी 2000 में कानपुर देहात के झींझक के पास गोमती एक्सप्रेस में ब्लास्ट हुआ था। उस समय भी आतंकी संगठन का नाम सामने आया था। तब जांच में हिजुबुल मुजाहिदीन के मुमताज का नाम सामने आया था। हालांकि, जांच में एजेंसियां मामले में कुछ खास नहीं कर सकी थीं। एक बार फिर कानपुर के पुखरायां हादसे में आतंकी संगठन का नाम आया तो जांच एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं।
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इस मामले में बिहार से पकड़े गए मोती और उसके साथियों के बयान गुमराह करने वाले ही हैं। कुकर से ब्लास्ट के सबूत भी नहीं मिले हैं। अब वास्तव में इस घटना में आतंकी संगठन ने कैसे काम किया है इसकी पड़ताल के गोमती एक्सप्रेस ब्लास्ट की फाइल दोबारा खोली जा रही है। उधर, एटीएस ने भी देश में हुए पुराने रेल हादसों से जुड़ी फाइलों को मंगा लिया है और नए सिरे से जांच शुरू कर दी है। नेपाल, बिहार बॉर्डर के अलावा गोरखपुर व आसपास के जिलों में संदिग्ध लोगों की खुफिया निगरानी की जा रही है।
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पटरियों में गड़बड़ी के आरोप में 20 लोग गिरफ्तार
जीआरपी ने अलीगढ़ रूट के दाऊद खान स्टेशन से बीस लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी को रेल पटरियों में गड़बड़ी करने के आरोप में पकड़ा गया है। पकड़े गए लोगों से पूछताछ की जा रही है। जीआरपी को इन लोगों ने कई नाम उगले है जिनकी तलाश तेज कर दी गई है।