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आत्मदाह करने जेल पहुंची मृतक कैदी की पत्नी
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Tue, 18 Oct 2016 08:42 PM IST
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आत्मदाह के लिए परिवार के साथ जेल पहुंची मृतक कैदी की पत्नी।
- फोटो : Rajesh Kumar
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मंडलीय कारागार में कैदी सूर्यभान की मौत के बाद पनपा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार की सुबह कैदी की पत्नी फूला देवी बच्चों के साथ जेल पर आत्मदाह करने पहुंच गईं। फूला ने पहले ही चेतावनी दे दी थी, इससे वहां भारी फोर्स तैनात थी। फूला के पहुंचते ही महिला थानेदार ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
चिलुआताल के मरीपुर दुबी गांव के सूर्यभान की मौत के बाद ही कारागार में बवाल मचा था। पत्नी का आरोप है कि जेल में पिटाई के कारण ही मौत हुई है और मामले में जेलर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। पत्नी ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो मंगलवार को बच्चों के साथ आत्मदाह करेंगी। इसके बाद जेल प्रशासन के साथ पुलिस-प्रशासन भी सतर्क हो गया। जेल के सामने बैरिकेडिंग कर दी गई थी।
सीओ कैंट अभय मिश्रा, एसओ शाहपुर रामाज्ञा और महिला एसओ डॉ. शालिनी सिंह फोर्स के साथ पहले से ही मौजूद थीं। करीब 11 बजे फूला बच्चों के साथ जैसे ही पहुंची उन्हें हिरासत में ले लिया गया। उन्हें बच्चों के साथ महिला थाने पर रखा गया है। फूला ने आरोप लगाया कि पति को जेल में पीटा जाता था। बैठकी के नाम पर रुपये लिए जाते थे। जब वे पति से मिलने जाती थीं तब वे पिटाई की शिकायत की बात बताते थे। कहा है कि जब तक जेलर पर मुकदमा दर्ज नहीं होता वह लड़ाई जारी रखेंगी।
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चिलुआताल के मरीपुर दुबी गांव के सूर्यभान की मौत के बाद ही कारागार में बवाल मचा था। पत्नी का आरोप है कि जेल में पिटाई के कारण ही मौत हुई है और मामले में जेलर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। पत्नी ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो मंगलवार को बच्चों के साथ आत्मदाह करेंगी। इसके बाद जेल प्रशासन के साथ पुलिस-प्रशासन भी सतर्क हो गया। जेल के सामने बैरिकेडिंग कर दी गई थी।
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सीओ कैंट अभय मिश्रा, एसओ शाहपुर रामाज्ञा और महिला एसओ डॉ. शालिनी सिंह फोर्स के साथ पहले से ही मौजूद थीं। करीब 11 बजे फूला बच्चों के साथ जैसे ही पहुंची उन्हें हिरासत में ले लिया गया। उन्हें बच्चों के साथ महिला थाने पर रखा गया है। फूला ने आरोप लगाया कि पति को जेल में पीटा जाता था। बैठकी के नाम पर रुपये लिए जाते थे। जब वे पति से मिलने जाती थीं तब वे पिटाई की शिकायत की बात बताते थे। कहा है कि जब तक जेलर पर मुकदमा दर्ज नहीं होता वह लड़ाई जारी रखेंगी।
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