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एटीएम मशीन लगाने के नाम पर 600 लोगों से ठगी
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 17 Nov 2015 01:23 AM IST
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एटीएम मशीन लगाने के नाम पर जालसाज ने गोरखपुर मंडल के 600 लोगों के साथ ठगी की है। आवेदन करने वाले व्यक्ति से सर्वे और कार्रवाई के नाम पर 17 - 17 हजार रुपये लेकर जालसाज एक महीने पहले फरार हो गया था। तीन दिन पहले इलाहाबाद के रहने वाले एक आरोपी को पकड़कर पीड़ित लोगों ने पुलिस के हवाले कर दिया। हंगामे के बाद सोमवार की रात पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया।
पिपराइच प्रतिनिधि के अनुसार दो माह पहले जंगल तिनकोनिया निवासी शिवानंद चौधरी, रामपुर के विंध्याचल, पिपरा कोल्हई के सुरेश, अरुण कुमार, समसुल की मुलाकात इलाहाबाद करछना के रहने वाले उमाशंकर पटेल से हुई थी। खुद को मुंबई की माइक्रो इंडिया कंपनी का अधिकारी बताते हुए ग्रामीण कस्बे में एटीएम मशीन लगाने के स्कीम की जानकारी दी थी।
उमाशंकर ने इन लोगों से एटीएम लगवाने के लिए आवेदन के साथ ही पांच हजार रुपये नकद लिए। 12 हजार रुपये उसने कंपनी के नाम से मुंबई में खुले एकाउंट में जमा कराय। रुपये लेने के बाद आजमगढ़ अरया के रहने वाले अपने साथी पंकज पाठक के साथ आकर एटीएम खोलने के लिए प्रस्तावित जमीन का सर्वे किया। सभी लोगों को विश्वास में लेकर उमाशंकर फरार हो गया था।
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15 दिन इंतजार के बाद रुपये देने वाले लोगों ने मोबाइल पर संपर्क किया तो स्विच ऑफ मिला। छानबीन करने पर सभी लोगों को अपने साथ जालसाजी होने की जानकारी मिली। तीन दिन पहले शिवानंद चौधरी ने गांव के लोगों संग उमाशंकर को कूडाघाट में पकड़ पुलिस के हवाले कर दिया। पूछताछ में उसने गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज में एटीएम मशीन लगवाने के नाम पर करीब 600 लोगों से आवेदन लेने की बात कबूल किया।
रविवार की रात कार्रवाई की मांग को लेकर तिनकोनिया और रामपुर गांव के लोगों ने पिपराइच थाने में हंगामा किया। सोमवार की सुबह पुलिस ने उमाशंकर उसके साथी पंकज और माइक्रो इंडिया कंपनी पर जालसाजी कर रुपये हड़पने का केस दर्ज किया। एसपी (ग्रामीण) ब्रजेश सिंह ने बताया कि जालसाज ने कितने रुपये की ठगी कितने लोगों से की है जानकारी जुटाई जा रही है।
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पिपराइच प्रतिनिधि के अनुसार दो माह पहले जंगल तिनकोनिया निवासी शिवानंद चौधरी, रामपुर के विंध्याचल, पिपरा कोल्हई के सुरेश, अरुण कुमार, समसुल की मुलाकात इलाहाबाद करछना के रहने वाले उमाशंकर पटेल से हुई थी। खुद को मुंबई की माइक्रो इंडिया कंपनी का अधिकारी बताते हुए ग्रामीण कस्बे में एटीएम मशीन लगाने के स्कीम की जानकारी दी थी।
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उमाशंकर ने इन लोगों से एटीएम लगवाने के लिए आवेदन के साथ ही पांच हजार रुपये नकद लिए। 12 हजार रुपये उसने कंपनी के नाम से मुंबई में खुले एकाउंट में जमा कराय। रुपये लेने के बाद आजमगढ़ अरया के रहने वाले अपने साथी पंकज पाठक के साथ आकर एटीएम खोलने के लिए प्रस्तावित जमीन का सर्वे किया। सभी लोगों को विश्वास में लेकर उमाशंकर फरार हो गया था।
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15 दिन इंतजार के बाद रुपये देने वाले लोगों ने मोबाइल पर संपर्क किया तो स्विच ऑफ मिला। छानबीन करने पर सभी लोगों को अपने साथ जालसाजी होने की जानकारी मिली। तीन दिन पहले शिवानंद चौधरी ने गांव के लोगों संग उमाशंकर को कूडाघाट में पकड़ पुलिस के हवाले कर दिया। पूछताछ में उसने गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज में एटीएम मशीन लगवाने के नाम पर करीब 600 लोगों से आवेदन लेने की बात कबूल किया।
रविवार की रात कार्रवाई की मांग को लेकर तिनकोनिया और रामपुर गांव के लोगों ने पिपराइच थाने में हंगामा किया। सोमवार की सुबह पुलिस ने उमाशंकर उसके साथी पंकज और माइक्रो इंडिया कंपनी पर जालसाजी कर रुपये हड़पने का केस दर्ज किया। एसपी (ग्रामीण) ब्रजेश सिंह ने बताया कि जालसाज ने कितने रुपये की ठगी कितने लोगों से की है जानकारी जुटाई जा रही है।