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तिवारीपुर में मदरसे पर लाउडस्पीकर को लेकर दो पक्षों में बवाल, पथराव
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Wed, 22 Jun 2016 01:30 AM IST
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तिवारीपुर थाने के सामने एकत्रित लोग।
- फोटो : amar ujala
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निजामपुर के मदरसे में लाउडस्पीकर को लेकर मंगलवार की दोपहर तिवारीपुर क्षेत्र में बवाल हो गया। लाउडस्पीकर लगाने-हटाने का मुद्दा लेकर आमने-सामने हुए दो पक्ष को तिवारीपुर थाने में बैठाकर सुलह की कोशिश हुई दो दोनों पक्ष थाने में ही भिड़ गए, जबकि बाहर जुटे इनके समर्थकों के बीच पथराव शुरू हो गया। इसमें दो लोग जख्मी हो गए। थाने का बवाली हालात में घिरता देख पुलिस ने लाठीचार्ज करके भीड़ खदेड़ी। इस बीच बवाल की सूचना से आसपास की दुकानें बंद होने लगीं और बड़े इलाके में तनाव गहरा गया।
माहौल सुधारने के लिए शहर के सभी प्रमुख थानों की फोर्स बुला ली गई, जबकि कुछ देर में ही डीआईजी शिवसागर सिंह, डीएम ओएन सिंह, एसएसपी रामलाल वर्मा भी मौके पर पहुंच गए। अफसरों की मौजूदगी में फोर्स के रूट मार्च के साथ ही लोगों से घरों में रहने की अपील की गई।
एहतियात के तौर पर तिवारीपुर क्षेत्र को चार सेक्टर में बांटकर एसडीएम और सीओ को सुरक्षा का जिम्मा दिया गया है। मदरसे के साथ ही पूरे क्षेत्र में दो कंपनी पीएसी, कोतवाली, शाहपुर, कैंट, राजघाट पुलिस की ड्यूटी लगाई गई है। देर शाम तिवारीपुर थाने पहुंचे कमिश्नर पी. गुरु प्रसाद ने भी घटना की जानकारी ली। देर रात तक अधिकारी बातचीत से विवाद का समाधान निकालने की कोशिश में जुटे रहे।
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छुट्टी केंसिल कर लौटे आईजी
बवाल से तिवारीपुर इलाके में तनाव की जानकारी पर छुट्टी पर गए आईजी मोहित अग्रवाल तत्काल गोरखपुर लौट आए। छुट्टी रद्द करके लौटे आईजी ने अफसरों से घटनाक्रम जानने के बाद हालात पर निगाह रखने के निर्देश दिए।
दो सौ के खिलाफ मुकदमा
तिवारीपुर में थाने के करीब पथराव और बवाली हालात को काबू करने के बाद पुलिस ने 200 लोगों के खिलाफ आईपीसी की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। बवालियों को चिह्नित करने के बाद पुलिस ने कई जगह दबिश भी दी।
तकरीबन डेढ़ साल पहले भी दोनों पक्ष आए थे आमने सामने
गोरखपुर। तकरीबन डेढ़ साल पहले बिजली चेकिंग के दौरान एक पक्षीय कार्रवाई करने के आरोप लगाते हुए सौरभ विश्वकर्मा के नेतृत्व में हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद दूसरे पक्ष के लोगों ने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इसके बाद दोनों पक्ष आमने सामने आ गए। पत्थरबाजी भी हुई थी। स्थिति को संभालने के लिए दो कंपनी पुलिस तैनात करनी पड़ी थी। सौरभ विश्वकर्मा ने कहा कि एक विधायक के समर्थन की वजह से बिजली विभाग के अधिकारी एक पक्ष के घरों में ही चेकिंग कर रहे थे। इस वजह से विरोध करना पड़ा था।
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माहौल सुधारने के लिए शहर के सभी प्रमुख थानों की फोर्स बुला ली गई, जबकि कुछ देर में ही डीआईजी शिवसागर सिंह, डीएम ओएन सिंह, एसएसपी रामलाल वर्मा भी मौके पर पहुंच गए। अफसरों की मौजूदगी में फोर्स के रूट मार्च के साथ ही लोगों से घरों में रहने की अपील की गई।
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एहतियात के तौर पर तिवारीपुर क्षेत्र को चार सेक्टर में बांटकर एसडीएम और सीओ को सुरक्षा का जिम्मा दिया गया है। मदरसे के साथ ही पूरे क्षेत्र में दो कंपनी पीएसी, कोतवाली, शाहपुर, कैंट, राजघाट पुलिस की ड्यूटी लगाई गई है। देर शाम तिवारीपुर थाने पहुंचे कमिश्नर पी. गुरु प्रसाद ने भी घटना की जानकारी ली। देर रात तक अधिकारी बातचीत से विवाद का समाधान निकालने की कोशिश में जुटे रहे।
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छुट्टी केंसिल कर लौटे आईजी
बवाल से तिवारीपुर इलाके में तनाव की जानकारी पर छुट्टी पर गए आईजी मोहित अग्रवाल तत्काल गोरखपुर लौट आए। छुट्टी रद्द करके लौटे आईजी ने अफसरों से घटनाक्रम जानने के बाद हालात पर निगाह रखने के निर्देश दिए।
दो सौ के खिलाफ मुकदमा
तिवारीपुर में थाने के करीब पथराव और बवाली हालात को काबू करने के बाद पुलिस ने 200 लोगों के खिलाफ आईपीसी की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। बवालियों को चिह्नित करने के बाद पुलिस ने कई जगह दबिश भी दी।
तकरीबन डेढ़ साल पहले भी दोनों पक्ष आए थे आमने सामने
गोरखपुर। तकरीबन डेढ़ साल पहले बिजली चेकिंग के दौरान एक पक्षीय कार्रवाई करने के आरोप लगाते हुए सौरभ विश्वकर्मा के नेतृत्व में हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद दूसरे पक्ष के लोगों ने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इसके बाद दोनों पक्ष आमने सामने आ गए। पत्थरबाजी भी हुई थी। स्थिति को संभालने के लिए दो कंपनी पुलिस तैनात करनी पड़ी थी। सौरभ विश्वकर्मा ने कहा कि एक विधायक के समर्थन की वजह से बिजली विभाग के अधिकारी एक पक्ष के घरों में ही चेकिंग कर रहे थे। इस वजह से विरोध करना पड़ा था।