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ससुर का कर्ज चुकाने के लिए बनाई लूट की योजना
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 10 Jan 2016 08:55 PM IST
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जटाशंकर चौराहे के पास रहने वाला अनवर उर्फ पिंटू की जान पहचान रेलवे इंजीनियर से वर्ष 2013 में हुई थी। तबियत बिगड़ने पर पीजीआई ले जाने के लिए उनका भतीजा अनवर को लेकर घर आया था। परिचय होने के बाद शहर से बाहर जाने पर वह अनवर को साथ लेकर जाते थे। टेंपो खरीदने के लिए दो साल पहले अनवर ने ससुर से 50 हजार रुपये उधार लिए थे। रुपये वापस करने के लिए उसने दंपत्ति को निशाना बनाया था।
ब्रेन ट्यूमर की बीमारी से परेशान संजय श्रीवास्तव की तबीयत वर्ष 2013 में बिगड़ गई थी। डॉक्टरों ने उन्हें पीआईजीई रेफर कर दिया था। कार से लखनऊ ले जाने के लिए ड्राइवर की जरूरत होने पर भतीजा विनय श्रीवास्तव परिचित ट्रेवल मालिक के जरिए अनवर को साथ लेकर घर आया था। मुसीबत के वक्त लखनऊ पहुंचाने वाले अनवर के काम से प्रभावित होकर संजय और उनकी पत्नी तूलिका बाहर जाने के लिए उसे ही फोन कर बुलाते थे।
दो साल पहले टेंपो खरीदने के लिए अनवर ने कानपुर में रहने वाले ससुर से 50 हजार रुपये उधार लिए थे लेकिन लौटा नहीं पाया था। ससुराल के लोग रुपये लौटाने के लिए दबाव बना रहे थे। कोई रास्ता न सूझने पर साथियों के साथ मिलकर उसने इंजीनियर के घर लूट करने की योजना तैयार की। सात जनवरी की रात 12 बजे अनवर के घर सभी बदमाश गांजा और शराब पीने के बाद पैदल ही विंध्यवासिनी नगर के लिए निकल पड़े। आधी रात को तीन किलोमीटर सफर करने के बाद भी किसी की नजर इनके ऊपर नहीं पड़ी। वारदात को अंजाम देकर बड़ी आसानी से हथियार के साथ लूटे गए सामान लेकर पैदल भाग निकले।
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मियां बाजार जाने का रास्ता हुआ बंद
विंध्यवासिनी नगर कॉलोनी से मियां बाजार की तरफ जाने वाले रास्ते को मोहल्ले के लोगों ने रविवार को बंद करा दिया। गेट के सामने 10 फीट ऊंची चहारदीवारी बनेगी जिससे कोई इधर से आ जा न सके। कॉलोनी के लिए घटना के बाद रात में गश्त करने के लिए चौकीदार रखने की तैयारी में लगे हैं। सुरक्षित घर में घुसकर दंपति की हत्या से पूरे कॉलोनी के लोग खौफजदा है।
संजय के सास-ससुर की तबीयत बिगड़ी
घटना की जानकारी के बाद आस्ट्रेलिया में रहने वाले संजय के ससुर प्रो. एससी श्रीवास्तव पत्नी के साथ रविवार की सुबह गोरखपुर पहुंचे। घर पहुंचते ही नाती प्रणव उर्फ हर्षित से बातचीत के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई। सास - ससुर के अचेत होने के बाद रिश्तेदारों ने डॉक्टर नवनीत जयपुरियार को बुलाकर जांच कराई। दोपहर बाद दोनों की हालत में सुधार हुआ।
पुलिस को मिली लावारिस बाइक
विंध्यवासिनी नगर में रहने वाले संजय के बहनोई डॉक्टर दीपक श्रीवास्तव के घर के पास रविवार को लावारिस बाइक मिली। सूचना देने पर पहुंची कोतवाली पुलिस बाइक को कब्जे में लेकर मामले की छानबीन कर रही है। कोतवाल विजयराज सिंह ने बताया कि नंबर प्लेट न होने के कारण गाड़ी मालिक के बारे में जानकारी नहीं हो पाई। सोमवार को आरटीओ आफिस में चेचिस नंबर के जरिए मालिक के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी।
मां और पत्नी को दी गई थी गाड़ी लेकर भागने की जानकारी
क्राइम ब्रांच की टीम ने काशीराम आवास में रहने वाली अनवर की मां, जटाशंकर में रहने वाली उसकी पत्नी शबनम को शुक्रवार की रात ही हिरासत में ले लिया था। टीम के सदस्यों ने अनवर के ट्रेवल एजेंट की कार लेकर भागने की जानकारी देने के साथ ही बहाने से गोरखपुर बुलाने की बात कही थी। दो दिन तक हुई पूछताछ में उसकी मां को इंजीनियर और उनकी पत्नी की हत्या कर लूट के वारदात में अनवर के शामिल होने की जानकारी नहीं दी गई। परिचित और रिश्तेदारों को भी कुछ नहीं बताया गया।
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ब्रेन ट्यूमर की बीमारी से परेशान संजय श्रीवास्तव की तबीयत वर्ष 2013 में बिगड़ गई थी। डॉक्टरों ने उन्हें पीआईजीई रेफर कर दिया था। कार से लखनऊ ले जाने के लिए ड्राइवर की जरूरत होने पर भतीजा विनय श्रीवास्तव परिचित ट्रेवल मालिक के जरिए अनवर को साथ लेकर घर आया था। मुसीबत के वक्त लखनऊ पहुंचाने वाले अनवर के काम से प्रभावित होकर संजय और उनकी पत्नी तूलिका बाहर जाने के लिए उसे ही फोन कर बुलाते थे।
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दो साल पहले टेंपो खरीदने के लिए अनवर ने कानपुर में रहने वाले ससुर से 50 हजार रुपये उधार लिए थे लेकिन लौटा नहीं पाया था। ससुराल के लोग रुपये लौटाने के लिए दबाव बना रहे थे। कोई रास्ता न सूझने पर साथियों के साथ मिलकर उसने इंजीनियर के घर लूट करने की योजना तैयार की। सात जनवरी की रात 12 बजे अनवर के घर सभी बदमाश गांजा और शराब पीने के बाद पैदल ही विंध्यवासिनी नगर के लिए निकल पड़े। आधी रात को तीन किलोमीटर सफर करने के बाद भी किसी की नजर इनके ऊपर नहीं पड़ी। वारदात को अंजाम देकर बड़ी आसानी से हथियार के साथ लूटे गए सामान लेकर पैदल भाग निकले।
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मियां बाजार जाने का रास्ता हुआ बंद
विंध्यवासिनी नगर कॉलोनी से मियां बाजार की तरफ जाने वाले रास्ते को मोहल्ले के लोगों ने रविवार को बंद करा दिया। गेट के सामने 10 फीट ऊंची चहारदीवारी बनेगी जिससे कोई इधर से आ जा न सके। कॉलोनी के लिए घटना के बाद रात में गश्त करने के लिए चौकीदार रखने की तैयारी में लगे हैं। सुरक्षित घर में घुसकर दंपति की हत्या से पूरे कॉलोनी के लोग खौफजदा है।
संजय के सास-ससुर की तबीयत बिगड़ी
घटना की जानकारी के बाद आस्ट्रेलिया में रहने वाले संजय के ससुर प्रो. एससी श्रीवास्तव पत्नी के साथ रविवार की सुबह गोरखपुर पहुंचे। घर पहुंचते ही नाती प्रणव उर्फ हर्षित से बातचीत के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई। सास - ससुर के अचेत होने के बाद रिश्तेदारों ने डॉक्टर नवनीत जयपुरियार को बुलाकर जांच कराई। दोपहर बाद दोनों की हालत में सुधार हुआ।
पुलिस को मिली लावारिस बाइक
विंध्यवासिनी नगर में रहने वाले संजय के बहनोई डॉक्टर दीपक श्रीवास्तव के घर के पास रविवार को लावारिस बाइक मिली। सूचना देने पर पहुंची कोतवाली पुलिस बाइक को कब्जे में लेकर मामले की छानबीन कर रही है। कोतवाल विजयराज सिंह ने बताया कि नंबर प्लेट न होने के कारण गाड़ी मालिक के बारे में जानकारी नहीं हो पाई। सोमवार को आरटीओ आफिस में चेचिस नंबर के जरिए मालिक के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी।
मां और पत्नी को दी गई थी गाड़ी लेकर भागने की जानकारी
क्राइम ब्रांच की टीम ने काशीराम आवास में रहने वाली अनवर की मां, जटाशंकर में रहने वाली उसकी पत्नी शबनम को शुक्रवार की रात ही हिरासत में ले लिया था। टीम के सदस्यों ने अनवर के ट्रेवल एजेंट की कार लेकर भागने की जानकारी देने के साथ ही बहाने से गोरखपुर बुलाने की बात कही थी। दो दिन तक हुई पूछताछ में उसकी मां को इंजीनियर और उनकी पत्नी की हत्या कर लूट के वारदात में अनवर के शामिल होने की जानकारी नहीं दी गई। परिचित और रिश्तेदारों को भी कुछ नहीं बताया गया।