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जेल से मिले छह सिमकार्ड और आठ हजार रुपये
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 16 Jan 2017 08:37 PM IST
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जेल
पुलिस और प्रशासन की टीम ने गोरखपुर मंडलीय कारागार में सोमवार को छापेमारी की। इस दौरान जेल की बैरक के बाहर से छह सिमकार्ड और दो बंदियों से आठ हजार रुपये बरामद किए गए। छापेमारी टीम ने गुटका, लाइटर और कैलकुलेटर सहित कई अन्य प्रतिबंधित सामान भी पकड़े। डीएम और एसएसपी ने इसकी रिपोर्ट शासन को भेजने की बात कही है।
डीएम संध्या तिवारी और एसएसपी रामलाल वर्मा के नेतृत्व में प्रशासन और पुलिस की टीम ने सोमवार को दोपहर साढ़े बारह बजे जेल में छापा मारा। जब बैरकों की जांच की गई तो छह सिमकार्ड मिले। इसके अलावा बीड़ी, सिगरेट, लाइटर भी मिला।
इन सबके अलावा कैलकुलेटर और गुटका मिलने से अधिकारी जेल प्रबंधन की व्यवस्था से नाराज दिखे। गहनता के साथ छानबीन करने पर ससुर की हत्या में जेल काट रहे अविनाश पांडेय के पास से 56 सौ रुपये मिले, जबकि बंदी विकास सिंह से 24 सौ रुपये मिले। जेल प्रबंधन बंदियों के पास कैश होने की ठोस वजह नहीं बता सका।
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आशंका जताई जा रही है कि सिम का इस्तेमाल बाहरी लोगोें के साथ संपर्क बनाए रखने के लिए किया जाता रहा, जबकि कैश से बंदी अपनी पसंद का खाना-पीना मंगाने के लिए करते थे। एसएसपी रामलाल वर्मा ने बताया कि बंदियों से मिलने वाली इन चीजों से साफ जाहिर है कि कहीं न कहीं लापरवाही बरती जा रही है। इसमें सुधार के लिए जेल में नए सिरे से चौकी स्थापित की जाएगी।
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डीएम संध्या तिवारी और एसएसपी रामलाल वर्मा के नेतृत्व में प्रशासन और पुलिस की टीम ने सोमवार को दोपहर साढ़े बारह बजे जेल में छापा मारा। जब बैरकों की जांच की गई तो छह सिमकार्ड मिले। इसके अलावा बीड़ी, सिगरेट, लाइटर भी मिला।
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इन सबके अलावा कैलकुलेटर और गुटका मिलने से अधिकारी जेल प्रबंधन की व्यवस्था से नाराज दिखे। गहनता के साथ छानबीन करने पर ससुर की हत्या में जेल काट रहे अविनाश पांडेय के पास से 56 सौ रुपये मिले, जबकि बंदी विकास सिंह से 24 सौ रुपये मिले। जेल प्रबंधन बंदियों के पास कैश होने की ठोस वजह नहीं बता सका।
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आशंका जताई जा रही है कि सिम का इस्तेमाल बाहरी लोगोें के साथ संपर्क बनाए रखने के लिए किया जाता रहा, जबकि कैश से बंदी अपनी पसंद का खाना-पीना मंगाने के लिए करते थे। एसएसपी रामलाल वर्मा ने बताया कि बंदियों से मिलने वाली इन चीजों से साफ जाहिर है कि कहीं न कहीं लापरवाही बरती जा रही है। इसमें सुधार के लिए जेल में नए सिरे से चौकी स्थापित की जाएगी।