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जेल की त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

Sun, 15 May 2016 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Sun, 15 May 2016 12:20 AM IST
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question on three level secruity of jail
जेल
जिला कारागार में शुक्रवार रात हुई प्रशासनिक कार्रवाई के बाद जहां हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, डीआईजी जेल को इसकी सही जानकारी न देने से जेल प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं। यही नहीं, जेल कर्मचारियों की भूमिका पर और तलाशी लेने के लिए बनी त्रिस्तरीय सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी और पीएसी जवान भी सवालों के घेरे में हैं।
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सख्ती के बाद भी जेल में मोबाइल, चार्जर, चाकू, लाइटर जैसे आपत्तिजनक सामान कैसे पहुंच रहा, यह सवालों को घेरे में है। गोरखपुर जेल के प्रदेश के पांच संवेदनशील जेलों में होने के कारण यहां सुरक्षा और जांच की त्रिस्तरीय व्यवस्था है। 9 मार्च को बंदियों से मिलने आने वाले लोगों के साथ ही जेल में ड्यूटी करने वाले बंदी रक्षकों की तलाशी के लिए डेढ़ सेक्शन पीएसी शासन के निर्देश पर लगाई गई। 14 मार्च को व्यवस्था और सख्त करने के लिए एक सीओ, दो दरोगा और एक महिला सिपाही की भी ड्यूटी लगाई गई। पुलिस लाइंस से दो शिफ्टों में रोजाना इनकी ड्यूटी लगती है।
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सख्त चेकिंग के बाद भी जेल में टीवी व अन्य सामान कैसे पहुंचा, यह सवालों के घेरे में है। हर कोई अब मामला छुपाने की कोशिश में लगा है। शुक्रवार की रात छापे की कार्रवाई की पूरी जानकारी डीआईजी जेल को भी नहीं दी गई। मातहतों ने तलाशी में कुछ न मिलने की जानकारी दी।
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डीआईजी जेल यादवेंद्र पाल ने बताया कि गोरखपुर जेल में आपत्तिजनक सामान मिलने की जानकारी उन्हें नहीं दी गई है। इस मामले में वह जवाब तलब करेंगे। त्रिस्तरीय सुरक्षा के बाद भी जेल में चाकू, चार्जर, लाइटर, टीवी मिलने का मामला गंभीर है। गोरखपुर आकर इसकी जांच करेंगे।
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