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व्यापारी हत्याकांड में शामिल बदमाश मुठभेड़ में दबोचे गए

Sat, 03 Feb 2018 01:31 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर। Updated Sat, 03 Feb 2018 01:31 AM IST
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Police arrested to two men in an encounter alleged in murder case
पुलिस की गिरफ्त में आए मुकेश और मनोज यादव। - फोटो : Amar Ujala
नई बाजार में हार्डवेयर व्यापारी दिनेश गुप्ता की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या के आरोपी और 50-50 हजार के इनामी बदमाश मनीष यादव और मनोज यादव को पुलिस ने मुठभेड़ में दबोच लिया। दोनों शुक्रवार की भोर रामनगर करजहां से गिरफ्त में आए। पुलिस की फायरिंग में दोनाें बदमाशों के पैर पर गोली लगी है। दोनों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। वहीं, मुठभेड़ के दौरान ही एसओ खोराबार और एसओ झंगहा जख्मी हो गए। जिला अस्पताल में इनका प्राथमिक उपचार कराया गया। 
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एसपी नार्थ गणेश साहा ने बताया कि शुक्रवार की भोर करीब तीन बजे बाइक सवार दो बदमाशों ने राघोपट्टी पड़री गांव के प्रधान अजय यादव उर्फ मंटू यादव के घर पर चढ़कर फायरिंग की। प्रधान ने यूपी 100 नंबर पर इसकी सूचना दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। बदमाशों ने पुलिस पर भी फायरिंग की। इसकी सूचना पर गश्त कर रहे एसओ झंगहा सुनील सिंह बदमाशों का पीछा करने लगे। वायरलेस सेट पर सूचना प्रसारित होते ही चौरीचौरा, खोराबार के एसओ और स्वॉट टीम ने भी घेराबंदी की।
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रामनगर करजहां के पास पुलिस ने बदमाशों को रोकने की कोशिश की। बदमाश फायर करने लगे। पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। कई राउंड गोलियां चलीं। इसी दौरान दोनों बदमाश नीचे गिर गए। पुलिस उनके पास पहुंची। दोनों बदमाशों के पैर में गोलियां लगी थीं। बदमाशों की फायरिंग में एसओ खोराबार सुधीर सिंह, एसओ झंगहा सुनील सिंह को चोट आई है। पकड़े गए बदमाशों से पूछताछ हुई तो उनकी पहचान राघोपट्टी पड़री गांव निवासी मनीष और मनोज यादव के रूप में हुई। रिश्ते में दोनों चचेरे भाई हैं। दोनों पर 11 मुकदमे दर्ज हैं।
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इन दोनों की तलाश नई बाजार के व्यापारी हत्याकांड में की जा रही थी। पुलिस की कई टीमें इनकी तलाश में लगी थीं। एसपी नार्थ ने बताया कि बदमाशों के पास से पुलिस ने लूट की बाइक, असलहा, कारतूस भी बरामद किया है। बदमाशों ने व्यापारी की हत्या के बाद एक युवक की बाइक लूटकर उसी से फरार हुए थे। इसके बाद एसएसपी ने उनके ऊपर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। बाद में आईजी ने दोनों पर 50-50 हजार का ईनाम घोषित कर दिया था।

28 जनवरी को हुई थी व्यापारी की हत्या
नई बाजार के हार्डवेयर व्यापारी दिनेश गुप्ता की 28 जनवरी को दोपहर दुकान में घुसकर बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस वारदात से व्यापारियों में गुस्से के साथ ही भय भी व्याप्त था। पुलिस ने जांच के दौरान सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में मनीष और मनोज यादव का चेहरा देखा था। इसके बाद से पुलिस दोनों को तलाश कर रही थी। इसके लिए पुलिस ने कई जगह दबिश दी थी। बदमाशों के सगे-संबंधियों पर भी पुलिस ने दबाव बनाया था। 

पहली बार प्रधान को धमकाकर रकम मांगने पर चर्चा में आया था मनीष   
नई बाजार के हार्डवेयर व्यापारी की हत्या के बाद मुठभेड़ में गिरफ्त में आए मनीष यादव के जुर्म की कारस्तानियों के बारे में पुलिस से कई अहम जानकारियां मिली हैं। यह बदमाश रंगदारी की बदौलत अपने गुनाहों की चादर को फैलाने में लगा था। पहली बार यह सुर्खियों में तब आया, जब अपने गांव के प्रधान अजय यादव से रंगदारी की मांग की थी। पिछले साल सितंबर में इसने प्रधान से रंगदारी मांगी थी। इस मामले में इसके ऊपर केस दर्ज हुआ। उस दौरान पुलिस ने मनीष को गिरफ्तार किया तो यह पता चला कि वह नाबालिग था। इस वजह से उसे सुधार गृह में रखा गया। बाद में जमानत पर छूटकर बाहर आने के बाद इसने अपना आतंक कायम करना चाहा। हालांकि पुलिस इसे अब बालिग बता रही है। पुलिस के अनुसार अपने चचेरे भाई मनोज के साथ मिलकर मनीष ने नई बाजार के व्यापारी दिनेश गुप्ता की हत्या की। आशंका है कि मनीष ने दिनेश से भी रंगदारी मांगी थी। हालांकि जांच में यह बात भी सामने आ रही है कि जमीन के विवाद में मनीष ने कुछ लोगों से सौदा कर दिनेश को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया था। पुलिस अभी हत्या की वजह स्पष्ट नहीं कर पाई है। पुलिस का कहना है कि बदमाशों के अस्पताल से आने पर पूछताछ के बाद ही असल वजह पता चल पाएगी। 

केस में संदीप की जगह दर्ज होगा मनोज का नाम 
दिनेश के भाई दीनबंधु गुप्ता ने जमीन के विवाद में हत्या की जानकारी देते हुए चार लोगों पर केस दर्ज कराया था। इनमें से दो को तो पुलिस ने वारदात वाले दिन ही पकड़ लिया था, जबकि मनीष और उसका भाई फरार था। पुलिस ने मनीष के भाई का नाम संदीप यादव के रूप में दर्ज किया था, जबकि उसकी गिरफ्तारी के बाद पता चला कि उसका नाम मनोज यादव है। पुलिस अब केस में संदीप की जगह मनोज यादव के नाम का इस्तेमाल करेगी।

मनीष पर छह,  मनोज पर पांच दर्ज है मुकदमे 
घर पर फायरिंग करने की घटना में राघोपट्टी पड़री गांव के प्रधान अजय यादव की तहरीर पर पुलिस ने मनीष और मनोज के खिलाफ  हत्या की कोशिश और धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज किया। मनीष पर छह और मनोज पर पांच मुकदमे दर्ज हैं। इससे पहले पुलिस पर फायरिंग करने के आरोप में दोनों पर खोराबार और झंगहा थाने में केस दर्ज किया गया है। इसके अलावा व्यापारी की हत्या, बाइक लूट में झंगहा में केस दर्ज है। मनीष यादव पर इन सब के अलावा प्रधान से रंगदारी मांगने का पहला मुकदमा दर्ज है, जिसमें उसे गिरफ्तार भी किया गया था। 

व्यापारी के आश्रितों को सीएम ने दिलाई आर्थिक सहायता
नई बाजार के व्यापारी दिनेश गुप्ता की हत्या का मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचा था। मुख्यमंत्री ने मामले को संज्ञान लिया और व्यापारी के परिजनों को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दिलवाई। मेयर सीताराम जायसवाल पीड़ित परिवार के घर गए और पांच लाख रुपये का चेक देकर आए। 


अब तक तीन मुठभेड़
हाल के दिनों में गोरखपुर पुलिस के साथ तीन बार बदमाशों की मुठभेड़ हो चुकी है। इन मामलों में चार बदमाश दबोचे गए। ज्यादातर बदमाशों के पैर में गोलियां लगी हैं। गोरखपुर पुलिस का कहना है कि अपराधियों से सख्ती से निपटा जाएगा। पुलिस पर फायरिंग करने वालों को जवाब जरूर मिलेगा।  
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