{"_id":"5782a4234f1c1b840c7f999f","slug":"gorakhpur-police-failed-in-exam-of-cyber-crime","type":"story","status":"publish","title_hn":"साइबर क्राइम की परीक्षा फेल हुई गोरखपुर पुलिस","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
साइबर क्राइम की परीक्षा फेल हुई गोरखपुर पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 11 Jul 2016 01:08 AM IST
विज्ञापन
साइबर क्राइम के प्रशिक्षण में प्रथम ,द्वितिय व तृतिय स्थान प्राप्त करने वाले पुलिस कर्मियो को सम्मानित किया गया।
- फोटो : rajesh kumar
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन दिन तक साइबर क्राइम की ट्रेनिंग में शामिल हुई गोरखपुर पुलिस रविवार को हुई परीक्षा में फेल हो गई। ट्रेनिंग में शामिल 25 पुलिसकर्मियों की रविवार को पुलिस लाइंस में परीक्षा ली गई जिसमें देवरिया, बलरामपुर और संतकबीरनगर से ट्रेनिंग लेने आए पुलिसकर्मी पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
रविवार की दोपहर साइबर क्राइम की ट्रेेनिंग में शामिल गोरखपुर, बस्ती और देवीपाटन रेंज के 25 पुलिसकर्मियों की परीक्षा ली गई। एक्सपर्ट द्वारा बताई गई जानकारी के आधार पर सभी को सवाल दिए गए। परीक्षा में देवरिया से आए मुख्य आरक्षी अमित सिंह प्रथम, बलरामपुर के आरक्षी सौरभ पांडेय द्वितीय और संतीकबीरनगर के आरक्षी चंदन कुमार तीसरे स्थान पर रहे।
परिणाम घोषित होने के बाद शाम चार बजे तीन दिवसीय कार्यक्रम का समापन करने पहुंचे आईजी जोन मोहित अग्रवाल ने परीक्षा में पास होने वाले सिपाही, मुख्य आरक्षी को प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत किया। ट्रेनिंग लेने वाले पुलिसकर्मियों से अपने जिले में जाकर विभाग के लोगों को जानकारी देने के साथ ही पब्लिक को जागरूक कर धोखाधड़ी से बचने के लिए आगाह करने को कहा। आईजी ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह की ट्रेनिंग फिर से कराई जाएगी।
विज्ञापन
जोन में लंबित है साइबर क्राइम के 500 मामले
आईजी ने पुलिसकर्मियों को बताया कि तीन साल के भीतर जोन में साइबर क्राइम तेजी से बढ़ा है। वर्ष 2012 में केवल एक मामला दर्ज हुआ था। 2013 में यह संख्या 109 मामले, 2014 में 127 मामले, 2015 में 198 मामले दर्ज हुए। वर्ष 2016 में मात्र छह महीने के भीतर यह संख्या 210 पहुंच गई है। गोरखपुर, बस्ती और देवीपाटन रेंज में कुल 500 मामले लंबित है। ट्रेनिंग लेने वाले पुलिसकर्मी वर्कआउट का प्रयास करेंगे।
विज्ञापन
रविवार की दोपहर साइबर क्राइम की ट्रेेनिंग में शामिल गोरखपुर, बस्ती और देवीपाटन रेंज के 25 पुलिसकर्मियों की परीक्षा ली गई। एक्सपर्ट द्वारा बताई गई जानकारी के आधार पर सभी को सवाल दिए गए। परीक्षा में देवरिया से आए मुख्य आरक्षी अमित सिंह प्रथम, बलरामपुर के आरक्षी सौरभ पांडेय द्वितीय और संतीकबीरनगर के आरक्षी चंदन कुमार तीसरे स्थान पर रहे।
विज्ञापन
परिणाम घोषित होने के बाद शाम चार बजे तीन दिवसीय कार्यक्रम का समापन करने पहुंचे आईजी जोन मोहित अग्रवाल ने परीक्षा में पास होने वाले सिपाही, मुख्य आरक्षी को प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत किया। ट्रेनिंग लेने वाले पुलिसकर्मियों से अपने जिले में जाकर विभाग के लोगों को जानकारी देने के साथ ही पब्लिक को जागरूक कर धोखाधड़ी से बचने के लिए आगाह करने को कहा। आईजी ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह की ट्रेनिंग फिर से कराई जाएगी।
विज्ञापन
जोन में लंबित है साइबर क्राइम के 500 मामले
आईजी ने पुलिसकर्मियों को बताया कि तीन साल के भीतर जोन में साइबर क्राइम तेजी से बढ़ा है। वर्ष 2012 में केवल एक मामला दर्ज हुआ था। 2013 में यह संख्या 109 मामले, 2014 में 127 मामले, 2015 में 198 मामले दर्ज हुए। वर्ष 2016 में मात्र छह महीने के भीतर यह संख्या 210 पहुंच गई है। गोरखपुर, बस्ती और देवीपाटन रेंज में कुल 500 मामले लंबित है। ट्रेनिंग लेने वाले पुलिसकर्मी वर्कआउट का प्रयास करेंगे।