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कार में हाथ-पैर बांधकर सोना व्यापारी को जिंदा जलाया
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 10 Apr 2017 01:15 AM IST
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घटना के बाद मौके पर जुटी पुलिस और अन्य लोग।
- फोटो : Amar Ujala
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सहजनवां में रविवार की दोपहर फोरलेन पर सोना व्यापारी नितिन अग्रवाल को कार में हाथ-पैरे बांधकर जिंदा जला दिया गया। रविवार की दोपहर हुई इस घटना से हड़कंप मच गया। कार से पुलिस ने पेट्रोल की एक बोतल, माचिस, सोने की तीन अंगूठी, एक चेन और एक लाख रुपये कैश बरामद किए हैं। नितिन के पिता ने पुलिस को दी तहरीर में बेटे की हत्या करने का आरोप लगाया है।
राजघाट थाना क्षेत्र के हरबंस गली निवासी सोना व्यापारी गोविंद अग्रवाल के एकलौते बेटे नितिन अग्रवाल (38) की घंटाघर चौराहे पर पुरुषोत्तम दास नाम से सोने की दुकान है। वह सोने के कारोबार के साथ ही दो दोस्त विष्णु और सुनील के साथ प्रापर्टी डीलिंग का भी काम करते थे। रविवार की सुबह नितिन घर से जरूरी काम बताकर स्कूटर से निकलेे और पास ही स्थित दोस्त विष्णु के घर गए। वहां उन्होंने स्कूटर रखकर कार ले ली। इस बीच दोपहर सवा बारह बजे तेनुआ टोला प्लाजा से थोड़ा पहले एक कार में आग लगने और एक व्यक्ति के जिंदा जलने की सूचना मिली। दमकल की टीम ने आग पर काबू पाया।
कार में जले व्यक्ति के हाथ-पैर लोहे के तार से बंधे थे। आग बुझाने के बाद कार में पुलिस को व्यापारी का पर्स मिला। इससे पता चला कि वह सोना व्यापारी के एकलौते बेटे नितिन अग्रवाल हैं। इसके बाद घटना की सूचना नितिन के घर वालों को दी गई। मौके पर पहुंचकर उन्होंने शव की शिनाख्त की। इस घटना से उनका परिवार सदमे में आ गया। मौके पर चीख-पुकार मच गई। हत्या की मुख्य वजह अभी स्पष्ट नहीं है।
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प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो कार रुकने के चंद मिनट बाद ही दो लोग बाहर निकले और वहां पहले से खड़ी एक अन्य कार में सवार होकर गोरखपुर की ओर चले गए। इसके कुछ देर बाद कार से आग की लपटें उठने लगीं। घटना की सूचना मिलने पर डीआईजी नीलाब्जा चौधरी, एसपी ग्रामीण ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। हालांकि पुलिस इसे अभी हादसा मान रही है। डीआईजी का कहना है कि पीएम और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे जांच की जाएगी।
शातिर हैं अपराधी
हत्या करने वाले शातिर हैं, क्योेंकि उन्होंने कार को तेनुआ टोला प्लाजा से 500 मीटर पहले रोककर वारदात को अंजाम दिया। अगर कार टोल प्लाजा तक पहुंचती तो सीसीटीवी कैमरे में उसका नंबर आ जाता। ऐसे में अपराधियों की पहचान हो सकती थी।
योगी के सीएम बनने के बाद पहला बड़ा अपराध
योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके शहर में यह पहली आपराधिक घटना है। हालांकि पुलिस अभी इसे हादसा बता रही है। पुलिस का कहना है कि जहां कार मिली, उसके आसपास के डिवाइडर क्षतिग्रस्त हैं। इससे यह लगता है कि डिवाइडर से टकराने के बाद शार्ट सर्किट से कार में आग लग गई होगी लेकिन वो इस बात का जवाब नहीं दे सकी कि डिवाइडर से टकराने के बाद भी कार में स्क्रैच क्यों नहीं है और फिर कार के अंदर नितिन के हाथ-पैर लोहे के तार से क्यों बंधे थे। अगर वो जिंदा होते तो खुद को बचाने की कोशिश जरूर करते क्योंकि आग लगने के चंद मिनट के अंदर ही फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंच गई थी।
सीसीटीवी से भी नहीं मिला सुराग, उलझी गुत्थी
टोला प्लाजा से 500 मीटर की दूरी पर सोना व्यापारी नितिन अग्रवाल को जिंदा जलाने की घटना की जांच में जुटी पुलिस को टोल प्लाजा में लगे सीसीटीवी कैमरों से कोई मदद नहीं मिल पाई। टोला प्लाजा पर तीन कैमरे लगाए गए हैं लेकिन तीनों रुपयों के लेनदेन करने वाले स्थानाें तक ही सीमित हैं। इसे लेकर एसपी ग्रामीण ने मैनेजर पर नाराजगी भी जताई। साथ ही कैमरे की जद में सड़क को भी लाने की हिदायत दी। पिपरौली प्रतिनिधि के मुताबिक नितिन अग्रवाल सूद और प्रापर्टी का काम भी करते थे। जिस कार में हादसा हुआ है उसमें नितिन के अलावा उनके दोस्तों विष्णु और सुनील का भी पैसा लगा था। गाड़ी का मालिकाना हक विष्णु के पास था। ज्यादातर कार का इस्तेमाल विष्णु और नितिन ही करते थे। घरवालों की मानें तो नितिन तगादा करने निकले थे। घटना की सूचना मिलने पर नितिन के दोस्त विष्णु भी मौके पर पहुंचे थे।
विवाद के बाद घर से निकले थे नितिन
नितिन अग्रवाल का पूरा परिवार एक साथ रहता है। सूत्रों की मानें तो कुछ दिनों से परिवार में प्रापर्टी को लेकर अनबन चल रही है। पिता से नितिन की बातचीत भी तीन-चार दिनों से नहीं हो रही थी। रविवार की सुबह दस बजे के करीब घर में विवाद होने के बाद ही नितिन निकले थे। उन्होंने घर वालों को खुद को न खोजने की धमकी भी दी थी। एक बजे के करीब कई बार फोन करने पर भी जब उनका मोबाइल नहीं उठा तो घरवाले नंबर सर्विलांस पर लगवाने के लिए पुलिस के पास गए थे। इसी दौरान उन्हें मौत की खबर मिली। पुलिस कॉल डिटेल के आधार पर भी जांच कर रही है। पुलिस नितिन के घर से नाराज होकर निकलने पर इसे खुदकुशी से भी जोड़कर देख रही है। चूंकि पिता सूद पर रुपये बांटते हैं। इसलिए रुपये के लेनदेन से भी इसे जोड़ा जा रहा है।
साढ़े दस बजे हुई थी दोस्त विष्णु से बातचीत
नितिन के घर से निकलने के बाद करीब साढ़े दस बजे उनकी विष्णु से बातचीत हुई थी। विष्णु इसे निजी बातचीत बताकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। पुलिस विष्णु से भी पूछताछ कर रही है।
बेटी को गोद में लिए बेसुध हो गईं पत्नी
नितिन की शादी आठ साल पहले हुई थी। गोद में तीन माह की बच्ची सानीक्षा को लिए नितिन की पत्नी बेसुध नजर आईं। घर वालों का रो-रोकर बुरा हाल था। नितिन का सात साल का बेटा सानिध्य कुछ समझ ही नहीं पा रहा था। घरवाले किसी तरह से उसे संभालने में लगे रहे।
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राजघाट थाना क्षेत्र के हरबंस गली निवासी सोना व्यापारी गोविंद अग्रवाल के एकलौते बेटे नितिन अग्रवाल (38) की घंटाघर चौराहे पर पुरुषोत्तम दास नाम से सोने की दुकान है। वह सोने के कारोबार के साथ ही दो दोस्त विष्णु और सुनील के साथ प्रापर्टी डीलिंग का भी काम करते थे। रविवार की सुबह नितिन घर से जरूरी काम बताकर स्कूटर से निकलेे और पास ही स्थित दोस्त विष्णु के घर गए। वहां उन्होंने स्कूटर रखकर कार ले ली। इस बीच दोपहर सवा बारह बजे तेनुआ टोला प्लाजा से थोड़ा पहले एक कार में आग लगने और एक व्यक्ति के जिंदा जलने की सूचना मिली। दमकल की टीम ने आग पर काबू पाया।
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कार में जले व्यक्ति के हाथ-पैर लोहे के तार से बंधे थे। आग बुझाने के बाद कार में पुलिस को व्यापारी का पर्स मिला। इससे पता चला कि वह सोना व्यापारी के एकलौते बेटे नितिन अग्रवाल हैं। इसके बाद घटना की सूचना नितिन के घर वालों को दी गई। मौके पर पहुंचकर उन्होंने शव की शिनाख्त की। इस घटना से उनका परिवार सदमे में आ गया। मौके पर चीख-पुकार मच गई। हत्या की मुख्य वजह अभी स्पष्ट नहीं है।
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प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो कार रुकने के चंद मिनट बाद ही दो लोग बाहर निकले और वहां पहले से खड़ी एक अन्य कार में सवार होकर गोरखपुर की ओर चले गए। इसके कुछ देर बाद कार से आग की लपटें उठने लगीं। घटना की सूचना मिलने पर डीआईजी नीलाब्जा चौधरी, एसपी ग्रामीण ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। हालांकि पुलिस इसे अभी हादसा मान रही है। डीआईजी का कहना है कि पीएम और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे जांच की जाएगी।
शातिर हैं अपराधी
हत्या करने वाले शातिर हैं, क्योेंकि उन्होंने कार को तेनुआ टोला प्लाजा से 500 मीटर पहले रोककर वारदात को अंजाम दिया। अगर कार टोल प्लाजा तक पहुंचती तो सीसीटीवी कैमरे में उसका नंबर आ जाता। ऐसे में अपराधियों की पहचान हो सकती थी।
योगी के सीएम बनने के बाद पहला बड़ा अपराध
योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके शहर में यह पहली आपराधिक घटना है। हालांकि पुलिस अभी इसे हादसा बता रही है। पुलिस का कहना है कि जहां कार मिली, उसके आसपास के डिवाइडर क्षतिग्रस्त हैं। इससे यह लगता है कि डिवाइडर से टकराने के बाद शार्ट सर्किट से कार में आग लग गई होगी लेकिन वो इस बात का जवाब नहीं दे सकी कि डिवाइडर से टकराने के बाद भी कार में स्क्रैच क्यों नहीं है और फिर कार के अंदर नितिन के हाथ-पैर लोहे के तार से क्यों बंधे थे। अगर वो जिंदा होते तो खुद को बचाने की कोशिश जरूर करते क्योंकि आग लगने के चंद मिनट के अंदर ही फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंच गई थी।
सीसीटीवी से भी नहीं मिला सुराग, उलझी गुत्थी
टोला प्लाजा से 500 मीटर की दूरी पर सोना व्यापारी नितिन अग्रवाल को जिंदा जलाने की घटना की जांच में जुटी पुलिस को टोल प्लाजा में लगे सीसीटीवी कैमरों से कोई मदद नहीं मिल पाई। टोला प्लाजा पर तीन कैमरे लगाए गए हैं लेकिन तीनों रुपयों के लेनदेन करने वाले स्थानाें तक ही सीमित हैं। इसे लेकर एसपी ग्रामीण ने मैनेजर पर नाराजगी भी जताई। साथ ही कैमरे की जद में सड़क को भी लाने की हिदायत दी। पिपरौली प्रतिनिधि के मुताबिक नितिन अग्रवाल सूद और प्रापर्टी का काम भी करते थे। जिस कार में हादसा हुआ है उसमें नितिन के अलावा उनके दोस्तों विष्णु और सुनील का भी पैसा लगा था। गाड़ी का मालिकाना हक विष्णु के पास था। ज्यादातर कार का इस्तेमाल विष्णु और नितिन ही करते थे। घरवालों की मानें तो नितिन तगादा करने निकले थे। घटना की सूचना मिलने पर नितिन के दोस्त विष्णु भी मौके पर पहुंचे थे।
विवाद के बाद घर से निकले थे नितिन
नितिन अग्रवाल का पूरा परिवार एक साथ रहता है। सूत्रों की मानें तो कुछ दिनों से परिवार में प्रापर्टी को लेकर अनबन चल रही है। पिता से नितिन की बातचीत भी तीन-चार दिनों से नहीं हो रही थी। रविवार की सुबह दस बजे के करीब घर में विवाद होने के बाद ही नितिन निकले थे। उन्होंने घर वालों को खुद को न खोजने की धमकी भी दी थी। एक बजे के करीब कई बार फोन करने पर भी जब उनका मोबाइल नहीं उठा तो घरवाले नंबर सर्विलांस पर लगवाने के लिए पुलिस के पास गए थे। इसी दौरान उन्हें मौत की खबर मिली। पुलिस कॉल डिटेल के आधार पर भी जांच कर रही है। पुलिस नितिन के घर से नाराज होकर निकलने पर इसे खुदकुशी से भी जोड़कर देख रही है। चूंकि पिता सूद पर रुपये बांटते हैं। इसलिए रुपये के लेनदेन से भी इसे जोड़ा जा रहा है।
साढ़े दस बजे हुई थी दोस्त विष्णु से बातचीत
नितिन के घर से निकलने के बाद करीब साढ़े दस बजे उनकी विष्णु से बातचीत हुई थी। विष्णु इसे निजी बातचीत बताकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। पुलिस विष्णु से भी पूछताछ कर रही है।
बेटी को गोद में लिए बेसुध हो गईं पत्नी
नितिन की शादी आठ साल पहले हुई थी। गोद में तीन माह की बच्ची सानीक्षा को लिए नितिन की पत्नी बेसुध नजर आईं। घर वालों का रो-रोकर बुरा हाल था। नितिन का सात साल का बेटा सानिध्य कुछ समझ ही नहीं पा रहा था। घरवाले किसी तरह से उसे संभालने में लगे रहे।