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चार सदस्यीय कमेटी करेगी मेडिकल कॉलेज में मारपीट की जांच
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Tue, 08 Nov 2016 09:48 PM IST
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मेडिकल कॉलेज में तीमारदार की हुई थी पिटाई।
- फोटो : Amar Ujala / file photo
सोमवार को मेडिकल कॉलेज में हुए बवाल की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा मंत्री राधेश्याम सिंह के हस्तक्षेप के बाद हरकत में आए कॉलेज प्रशासन ने कमेटी गठित करते हुए एक हफ्ते में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
मालूम हो कि सोमवार को ट्रॉमा सेंटर में कुशीनगर, चाप गांव की खुशबुनिशां के तीमारदारों को जूनियर डॉक्टरों ने पीटा था। मारपीट में बीमार मरीज भी बेहोश होकर फर्श पर गिर गई थीं। कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क जाम कर रहे तीमारदारों की तहरीर तक पुलिस ने नहीं ली थी। पहले तो कॉलेज प्रशासन मामले की लीपापोती में जुटा रहा, मगर मामला उजागर होने के बाद अब कॉलेज प्रशासन ने चार सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच का आदेश दे दिया है। मंगलवार को प्राचार्य डॉ. राजीव मिश्र ने सभी विभागाध्यक्षों से बात की। इसके बाद कमेटी बनाने का फैसला किया गया। इसमें जनरल सर्जरी डॉ. योगेश पाल, आर्थो सर्जरी के डॉ. अशोक यादव और मेडिसिन के डॉ. महिम मित्तल के साथ ही कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर डॉ. आरके चतुर्वेदी को शामिल किया गया है।
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मालूम हो कि सोमवार को ट्रॉमा सेंटर में कुशीनगर, चाप गांव की खुशबुनिशां के तीमारदारों को जूनियर डॉक्टरों ने पीटा था। मारपीट में बीमार मरीज भी बेहोश होकर फर्श पर गिर गई थीं। कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क जाम कर रहे तीमारदारों की तहरीर तक पुलिस ने नहीं ली थी। पहले तो कॉलेज प्रशासन मामले की लीपापोती में जुटा रहा, मगर मामला उजागर होने के बाद अब कॉलेज प्रशासन ने चार सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच का आदेश दे दिया है। मंगलवार को प्राचार्य डॉ. राजीव मिश्र ने सभी विभागाध्यक्षों से बात की। इसके बाद कमेटी बनाने का फैसला किया गया। इसमें जनरल सर्जरी डॉ. योगेश पाल, आर्थो सर्जरी के डॉ. अशोक यादव और मेडिसिन के डॉ. महिम मित्तल के साथ ही कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर डॉ. आरके चतुर्वेदी को शामिल किया गया है।
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इंसेफेलाइटिस वार्ड में लापरवाही की जांच शुरू
मेडिकल कॉलेज के इंसेफेलाइटिस वार्ड में मासूम की मौत की जांच शुरू हो गई। घरवालों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। मालूम हो कि शनिवार की देर रात को इंसेफेलाइटिस वार्ड 100 बेड में तिवारीपुर के अश्वनी के चार साल के बेटे शिवांश की मौत हो गई थी। घरवालों ने आरोप लगाया था बच्चा तड़पता रहा मगर उसे देखने के लिए एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं थे। उस समय वार्ड में दो जूनियर डॉक्टरों की ड्यूटी थी। करीब तीन घंटे बाद जब दोनों डॉक्टर लौटे तब तक शिवांश की हालत बिगड़ चुकी थी, और कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। वार्ड में तैनात दोनों जूनियर डॉक्टरों के अलावा नर्स और गार्ड से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। वार्ड 100 बेड के प्रभारी डॉ. केएच खान ने बताया कि जांच चल रही है। दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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