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कार का शीशा तोड़ 24 हजार नकद और लैपटॉप उड़ाया
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sat, 24 Dec 2016 01:17 AM IST
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पीड़ित व्यक्ति और कार जिसका शीशा तोड़ा गया।
- फोटो : Shivharsh Dwivedi
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शहर में कारों का शीशा तोड़कर सामान उड़ाने वाला गैंग एक बार फिर सक्रिय होे गया है। महज 24 घंटे के भीतर ही गैंग के सदस्यों ने दो घटनाओं को अंजाम देकर शहर में सनसनी फैला दी है। शुक्रवार की दोपहर में कार का शीशा तोड़कर उचक्कों ने नकदी और लैपटॉप गायब कर दिया। गुरुवार की शाम कार सवार महिला को झांसा देकर उचक्के बैग लेकर फरार हो गए थे। घटना की सूचना मिलने पर हरकत में आई पुलिस मामलों की जांच में जुट गई है।
हरपुर बुदहट के रहने वाले कृष्ण कुमार दवा कारोबारी हैं। शुक्रवार को गोलघर स्थित होटल में ठहरे कंपनी के अधिकारियों से मिलने जा रहे थे। होटल के बाहर सड़क किनारे कार पार्क करके अंदर चले गए। वापस लौटने पर ड्राइवर सीट के पीछे वाला शीशा टूटा हुआ मिला। सीट पर रखा लैपटॉप बैग, मोबाइल फोन गायब था। कृष्ण कुमार ने बताया कि बैग में 24000 रुपये नकद था।
शीशा तोड़ने में स्प्रे का करते हैं इस्तेमाल
पुलिस की जांच में सामने आया है कि कार की शीशा तोड़ने के लिए गैंग ने स्प्रे का इस्तेमाल किया है। इस वजह से स्प्रे गैंग घटनाओं के संदेह के घेरे में हैं। इसके पहले भी ऐसे कई मामले प्रकाश में आ चुके हैं। शीशे पर स्प्रे मारकर उचक्के बारीकी से शीशा तोड़ देते हैं। स्प्रे के इस्तेमाल की वजह से शीशा तोड़ने में आवाज नहीं होती है। आसानी से अपना काम कर उचक्के निकल जाते हैं। इनके अलावा नोट गिराकर झांसा देने वाला गुलेल गैंग भी सक्रिय है। इसके सदस्य भी शीशा तोड़कर ऐसी घटनाओं को अंजाम देते हैं।
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24 घंटे में दूसरी वारदात
गोलघर में 24 घंटे के भीतर उचक्कों ने दो वारदातें को अंजाम दिया है। शुक्रवार की दोपहर दवा कारोबारी को उचक्कों ने अपना निशाना बनाया। गुरुवार की शाम गोलघर में खरीदारी करने आए कुशीनगर, फाजिलनगर के प्रिंसिपल के परिवार की महिलाओं को झांसा देकर नकदी उड़ा दी थी। दोनों वारदातें यह बताने के लिए काफी हैं कि शहर में उचक्कों का गैंग सक्रिय हो गया है। इसके पहले भी आधा दर्जन से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन किसी भी मामले में उचक्कों तक पुलिस नहीं पहुंच सकी है।
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हरपुर बुदहट के रहने वाले कृष्ण कुमार दवा कारोबारी हैं। शुक्रवार को गोलघर स्थित होटल में ठहरे कंपनी के अधिकारियों से मिलने जा रहे थे। होटल के बाहर सड़क किनारे कार पार्क करके अंदर चले गए। वापस लौटने पर ड्राइवर सीट के पीछे वाला शीशा टूटा हुआ मिला। सीट पर रखा लैपटॉप बैग, मोबाइल फोन गायब था। कृष्ण कुमार ने बताया कि बैग में 24000 रुपये नकद था।
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शीशा तोड़ने में स्प्रे का करते हैं इस्तेमाल
पुलिस की जांच में सामने आया है कि कार की शीशा तोड़ने के लिए गैंग ने स्प्रे का इस्तेमाल किया है। इस वजह से स्प्रे गैंग घटनाओं के संदेह के घेरे में हैं। इसके पहले भी ऐसे कई मामले प्रकाश में आ चुके हैं। शीशे पर स्प्रे मारकर उचक्के बारीकी से शीशा तोड़ देते हैं। स्प्रे के इस्तेमाल की वजह से शीशा तोड़ने में आवाज नहीं होती है। आसानी से अपना काम कर उचक्के निकल जाते हैं। इनके अलावा नोट गिराकर झांसा देने वाला गुलेल गैंग भी सक्रिय है। इसके सदस्य भी शीशा तोड़कर ऐसी घटनाओं को अंजाम देते हैं।
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24 घंटे में दूसरी वारदात
गोलघर में 24 घंटे के भीतर उचक्कों ने दो वारदातें को अंजाम दिया है। शुक्रवार की दोपहर दवा कारोबारी को उचक्कों ने अपना निशाना बनाया। गुरुवार की शाम गोलघर में खरीदारी करने आए कुशीनगर, फाजिलनगर के प्रिंसिपल के परिवार की महिलाओं को झांसा देकर नकदी उड़ा दी थी। दोनों वारदातें यह बताने के लिए काफी हैं कि शहर में उचक्कों का गैंग सक्रिय हो गया है। इसके पहले भी आधा दर्जन से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन किसी भी मामले में उचक्कों तक पुलिस नहीं पहुंच सकी है।