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राजेश्वरी हत्याकांड में और साक्ष्य जुटाने नेपाल गई एसटीएफ
Tue, 25 Dec 2018 12:15 AM IST
ajay Kumar
Gorakhpur, Uttar Pradesh, India
Gorakhpur, Uttar Pradesh, India
Published by: ajay Kumar
Updated Tue, 25 Dec 2018 12:15 AM IST
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- फोटो : डेमो
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गोरखपुर। राजेश्वरी उर्फ राखी श्रीवास्तव हत्याकांड से जुड़े और साक्ष्य जुटाने के लिए एसटीएफ की एक टीम सोमवार को नेपाल गई। टीम सारण के काल्की जाएगी, जहां राखी का शव फेंका गया था। घटना का सीन भी रिक्रिएट किया जा सकता है। साथ ही राखी के शव को सबसे पहले देखने वाले भेड़ चराने वाले से भी जानकारी ली जा सकती है।
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डॉक्टर की पत्नी और भतीजा सोमवार को जेल गए। वहां डॉ. डीपी सिंह से मुलाकात की। डॉक्टर के कई और जानने वाले भी जेल अस्पताल जाकर मिले। मुलाकात करीब एक घंटे तक चली। जेल सूत्रों के मुताबिक डॉक्टर ने अपनी पत्नी से कहा कि वे निर्दोष हैं। साजिशन मामले में फंसाया जा रहा है।
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अपना फोन घर छोड़ गए थे डॉक्टर
एसटीएफ की जांच से पता चला है कि नेपाल जाने से पहले डॉक्टर ने अपना फोन घर पर रख दिया था। इसी बीच डॉक्टर की राखी से जितनी बार बात हुई, उसमें अस्पताल कर्मी प्रमोद और देशदीपक निषाद के फोन का इस्तेमाल किया गया। एसटीएफ ने कहा कि नंबर बदलकर फोन किए गए। इसके साक्ष्य मोबाइल कॉल डिटेल से मिले हैं।
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प्रयोगशाला से होगी मोबाइल की जांच
राखी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार आर्यन अस्पताल के मालिक डॉ. डीपी सिंह, अस्पताल कर्मी प्रमोद कुमार सिंह और देश दीपक निषाद के मोबाइल फोन जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजे जाएंगे। जांच एजेंसी को शक है कि मोबाइल फोन से फोटो, वीडियो डिलीट किए गए हैं। एसटीएफ का कहना है कि मोबाइल फोन के कॉल डिटेल से राखी और डॉक्टर के बीच लंबी बात होने के साक्ष्य मिले हैं।
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