फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   पुलिस बनकर व्यापारियों से लूट लिए 7.75 लाख रुपये

पुलिस बनकर व्यापारियों से ठग लिए 7.75 लाख रुपये

Wed, 25 Oct 2017 01:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Wed, 25 Oct 2017 01:51 AM IST
विज्ञापन
पुलिस बनकर व्यापारियों से लूट लिए 7.75 लाख रुपये
ठगी के शिकार व्यापारी। - फोटो : Amar Ujala
रेती रोड स्थित मून लाइट होटल के पास मंगलवार की सुबह 9:30 बजे पुलिस के वेश में आए चार बदमाशों ने कपड़ा कारोबारियों से 7.75 लाख रुपये ठग लिए। कोलकाता के रहने वाले कारोबारियों ने इसकी सूचना अपने स्थानीय दोस्त को दी। मामले की जानकारी होने पर कोतवाली पुलिस के साथ एसपी सिटी विनय सिंह मौके पर पहुंचे। छानबीन के दौरान पता चला कि वारदात होटल के सामने की दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। पुलिस तस्वीरों की मदद से ठगों की तलाश कर रही है। पुलिस को मामले में कुछ करीबियों के मिलीभगत का भी शक है।
विज्ञापन


कोलकाता के फारुखी रोड स्थित बड़तल्ला निवासी एसके नजरुल इस्लाम और महबूब हुसैन रेडीमेड कपड़ों के कारोबारी हैं। पिछले कई सालों की तरह दोनों संतकबीरनगर के बरदहिया कपड़े की मंडी में दिए गए माल के एवज में रकम लेने आए थे और शहर के मून लाइट होटल में ठहरे थे। कारोबारियों ने शनिवार और रविवार को संतकबीरनगर से वसूली गई रकम पांडेयहाता स्थित अपने दोस्त हाजी उर्फ टीटू के घर रखी थी। मंगलवार को पूर्वांचल एक्सप्रेस से दोनों को वापस जाना था।
विज्ञापन


मंगलवार की सुबह बैग में कपड़े व अन्य सामान के बीच नजरुल इस्लाम ने 3.75 और महबूब ने चार लाख रुपये रखे और दोस्त के घर से रिक्शे से होटल आए। दोनों होटल के पास जैसे ही उतरे एक बुलेट और एक बाइक पर सवार होकर चार लोग उनके पास आए और खुद को पुलिस वाला बताकर सामान चेकिंग की बात कही। लंबी कद काठी की वजह से कारोबारियों ने उन्हें पुलिस वाला मान लिया और सामान चेक करने को दे दिया। इस दौरान सवाल करने पर एक कारोबारी को बदमाशों ने थप्पड़ भी मार दिया। डरे सहमे व्यापारी बैग लेकर होटल में आ गए। बैग खोलकर देखा तो कपड़ों और सामान के बीच से रकम गायब मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन


ठगाों ने साप्ताहिक बंदी का उठाया फायदा
मंगलवार को रेती रोड पर साप्ताहिक बंदी थी। ऐसे में बदमाश ठगी करने के बाद आसानी से फरार हो गए। शायद यह घटना अन्य किसी दिन होती तो कारोबारियों को होटल के बाहर रोके जाने पर तुरंत ही भीड़ एकत्र हो जाती।


वारदात के बाद घर जाना चाहते थे कारोबारी
रकम जाने के बाद कारोबारी इतना डर गए थे कि उन्होंने दोस्त को सूचना देने के बाद पुलिस को न बताने की बात भी बोली थी। बाद में दोस्त के समझाने के बाद उसने पुलिस को जानकारी दी और मामले की जांच शुरू हुई। कारोबारियों की यह देरी पुलिस के लिए परेशानी बढ़ाने वाली रही। पुलिस अफसरों का कहना था कि सूचना देरी से आने की वजह से बदमाश आसानी से निकल गए।

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस जांच कर रही है। टीमें लगाई गई हैं, जल्द ही घटना का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।
- सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, एसएसपी
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed